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भोपाल में गरजे ज्योतिरादित्य, कहा- सिंधिया परिवार को ललकार कर कांग्रेस ने गलती की

भोपाल 13 मार्च 2020 । भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दामन थामने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पहली बार भोपाल पहुंचे. भोपाल पहुंचकर उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिवराज सिंह चौहन की भी तारीफ की है. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि शिवराज कभी न थकने वाले सीएम रहे हैं.

ज्योतिरादित्य सिंह ने कहा, ‘मेरे लिए आज भावुक दिन है. जिस संगठन और जिस परिवार में मैंने 20 साल बिताए, मेरी मेहनत लगन, मेरे संकल्प जिनके लिए खर्च किया, उन सबको छोड़कर मैं अपने आपको आपके हवाले करता हूं.’

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कुछ लोगों का मकसद राजनीति होती है, माध्यम जनसेवा होती है. लेकिन यह मैं दावे से कह सकता हूं कि अटल बिहारी वाजपेयी हों, नरेंद्र मोदी हों, राजमाता रही हों, या सिंधिया परिवार का वर्तमान मुखिया होने के नाते मैं, हमारा मकसद हमेशा जनसेवा रही है.’

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि पक्ष और विपक्ष में कभी मतभेद नहीं होना चाहिए. शिवराज सिंह हमेशा जनता के समर्पित और जनता के प्रति सब कुछ न्योछावर करने वाला कार्यकर्ता शायद बिरला ही रहा हो. कई लोग कहेंगे कि सिंधिया जी आज ही क्यों कह रहे हैं, मैंने खुले में भी यह बात कही है. मैं संकोच करने वाला शख्स नहीं हूं.

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, ‘जो सही है, वह सिंधिया परिवार का मुखिया सदैव बोलता है. यह मैं बोल दूं कि सिंधिया की मुखिया को ललकारा था 1967 में, मेरी दादी को, संविद सरकार में क्या हुआ? 1990 में मेरे पूज्य पिता के ऊपर झूठा हवाला कांड किया, उस समय क्या हुआ? और आज जब मैंने अतिथि विद्वानों और किसानों की बात उठाई और मंदसौर में किसानों के ऊपर केस लगी, जो आवाज मैंने उठाई, और मैंने कहा कि जो वचनपत्र में है, उसे पूरा नहीं किया गया तो उसके लिए सड़क पर उतरना होगा. सिंधिया परिवार सत्य के पथ पर चलता है, मूल्य पर चलता है, सिंधिया परिवार को जब ललकारा जाता है तो सिंधिया परिवार जग से भी लड़ सकता है.’|

मेहनत लेकर आया हूं साथ

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, ‘आज मेरा सौभाग्य है कि जिस दल को अपने पसीने और पूंजी के साथ मेरी दादी ने स्थापित किया. जिस दल में 26 साल की उम्र में पहली बार जनसेवा का पथ अपनाकर मेरे पूज्य पिता जी चले आज उसी दल में ज्योतिरादित्य सिंधिया प्यार लेकर उसी दल में आया है. विश्वास रखना मैं केवल एक चीज अपने साथ लेकर आया हूं वो चीज है मेरी मेहनत. मेरा लक्ष्य आपके दिल में स्थान पाना है. मैं विश्वास दिलाता हूं कि जहां आपका एक बूंद पसीना टपकेगा, वहां ज्योतिरादित्य का 100 बूंद पसीना टपकाएंगे.’

एयर पोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत

एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए हजारों कार्यकर्ता पहले से मौजूद थे. ज्योतिरादित्य सिंधिया का एयरपोर्ट पर जोरदार स्वागत किया गया. उनके साथ केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी एयरपोर्ट पहुंचे थे. यहां से निकलकर सिंधिया रोडशो करते हुए भोपाल स्थित बीजेपी दफ्तर पहुंचे. बीजेपी कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर से उनका जोरदार स्वागत किया.

इससे पहले सिंधिया कार की छत पर बैठकर रोड शो में हिस्सा लेते नजर आए. वो प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे.

होर्डिंग्स से पटा शहर

तय कार्यक्रम के मुताबिक, सिंधिया शुक्रवार 13 मार्च को दोपहर 12 बजे फिर से बीजेपी कार्यालय पहुंचेंगे और महापुरुषों के चित्र पर माल्यार्पण करने के बाद राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने विधानसभा जाएंगे. सिंधिया के भोपाल पहुंचने से पहले ही उनके समर्थकों को पूरे शहर को होर्डिंग से पाट दिया है.

ज्योतिरादित्य सिंधिया के स्वागत के लिए मध्य प्रदेश बीजेपी कार्यालय में रेड कारपेट बिछाया गया है. साथ ही प्रदेश बीजेपी कार्यालय को सजाया जा रहा है. वहीं कार्यालय में बड़ी संख्या में कुर्सियां लगाई गई हैं. एयरपोर्ट से ज्योतिरादित्य का काफिला प्रदेश बीजेपी कार्यालय पहुंचेगा, जहां उनका स्वागत होगा.

ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामने के बाद मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेताओं ने पार्टी छोड़ना शुरू कर दिया है. राज्य के लगभग हर हिस्से से इस्तीफों की झड़ी लगी हुई है. अब तक सैकड़ों कार्यकर्ता और पदाधिकारी अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं. कई नेता तो बीजेपी का भी दामन थामने लगे हैं.

सिंधिया के कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जाने के बाद से पार्टी में अफरा-तफरी मची हुई है. सिंधिया के समर्थक के तौर पर कांग्रेस के भीतर गिने जाने वाले कार्यकर्ता और नेता पार्टी को छोड़ रहे हैं. कांग्रेस में सिंधिया के 22 समर्थकों ने कमलनाथ सरकार से बगावत कर दिया है, जिसके चलते सरकार पर संकट बरकरार है.

कांग्रेस की प्रदेश इकाई के सचिव सुनील तिवारी ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कहा है कि कांग्रेस को कुछ नेताओं ने अपनी संस्था बना लिया है. सिंधिया ने जब पार्टी और कार्यकर्ता के हित में आवाज उठाई तो उन्हें दबा दिया गया. इसका परिणाम पार्टी के सामने है.

बीते 32 साल से कांग्रेस से जुड़े तिवारी ने अपने पद से इस्तीफा देने के साथ कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है. इसी तरह कांग्रेस की सागर जिला इकाई के अध्यक्ष और सरकार में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के भाई हीरा सिंह राजपूत ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया.

कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कृष्णा घाटगे ने भी अपने पद और कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. साथ ही बीजेपी दफ्तर में पहुंचकर भाजयुमो के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अभिलाष पांडे की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. राज्य के विभिन्न हिस्सों से भी कांग्रेस नेताओं के पदों से इस्तीफा देने और पार्टी छोड़ने की खबरें आ रही हैं.

जोरदार स्वागत के बाद आज राज्यसभा के लिए नामांकन करेंगे ज्योतिरादित्य सिंधिया
देश के अलग-अलग राज्यों की 55 सीटों पर हो रहे राज्यसभा चुनाव के लिए आज नामांकन का आखिरी दिन है. आज कई दिग्गज अपना पर्चा भरेंगे. कांग्रेस का साथ छोड़ भारतीय जनता पार्टी में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया भी आज भोपाल में अपना नामांकन करेंगे. गुरुवार को ज्योतिरादित्य भोपाल पहुंचे, जहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया.

 

भाजपा में शामिल होने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया पहली बार भोपाल आए तो पार्टी की ओर से उनका शानदार स्वागत किया गया. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनके लिए डिनर का आयोजन किया, रात को शिवराज के घर पर ज्योतिरादित्य सिंधिया, नरेंद्र सिंह तोमर डिनर पर पहुंचे.

 

मध्य प्रदेश में तीन राज्यसभा सीटों के लिए सियासी जंग जारी है. चुनाव से ठीक पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया पाला बदलकर भाजपा में आए और पार्टी ने उन्हें तुरंत राज्यसभा भी भेज दिया. उनके अलावा बीजेपी ने राज्यसभा में सुमेर सिंह सोलंकी को मौका दिया है.

वहीं कांग्रेस की ओर से दिग्विजय सिंह और फूल सिंह बारिया को टिकट दिया गया है. कांग्रेस ने गुरुवार को ही अपनी लिस्ट जारी की थी.

कांग्रेस की ओर से आखिरी वक्त में कुछ सीटों में बदलाव करने की उम्मीद है. सूत्रों की मानें, तो गुजरात से पार्टी राजीव शुक्ला को राज्यसभा भेज सकती है. वहीं, हरियाणा में इस बार दीपेंद्र हुड्डा को मौका दिया गया है, जो कि कुमारी शैलजा और रणदीप सुरजेवाला को झटका माना जा रहा है.

शिवराज के घर सिंधिया ने खाया रात का खाना, डिनर टेबल पर सियासत की चर्चा

बीजेपी में नए-नए शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के स्वागत में गुरुवार को मध्य प्रदेश बीजेपी ने पलक पांवड़े बिछा दिए. भोपाल हवाई अड्डे से लेकर बीजेपी दफ्तर तक के लगभग 20 किलोमीटर के रास्ते में सिंधिया का नायक की तरह स्वागत हुआ. बीजेपी ने सिंधिया को ये जताने में कोई कसर नहीं छोड़ी कि वे पार्टी के कितने महत्वपूर्ण हैं.

डिनर टेबल शिवराज और ज्योतिरादित्य

केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ज्योतिरादित्य सिंधिया को दिल्ली से विशेष विमान से लेकर भोपाल पहुंचे थे. यहां भी वे उनके साथ बने रहे. शिवराज सिंह चौहान के डिनर टेबल पर ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा नरेंद्र सिंह तोमर, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा, नरोत्तम मिश्रा, यशोधरा राजे सिंधिया भी मौजूद रहे. पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह ने बड़ी आत्मीयता से मेहमानों की आवभगत की.

ज्योतिरादित्य ने छूए शिवराज के पैर

डिनर से पहले रात को जब ज्योतिरादित्य सिंधिया शिवराज के घर पहुंचे तो मामा ने गेट पर ही फूलों के साथ बीजेपी के नए सदस्य का स्वागत किया. वहीं ज्योतिरादित्य ने भी शिवराज के पैर छूकर उनके आशीर्वाद लिए.

आज ज्योतिरादित्य सिंधिया एक बार फिर से बीजेपी दफ्तर जाने वाले हैं. यहां से वो राज्यसभा के लिए नामांकन भरने विधानसभा जाएंगे. जिस तरह से गुरुवार को भोपाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सिंधिया का जोरदार स्वागत किया. उसे देखते हुए आज उनका नामांकन भी भव्य होने वाला है.

राज्यपाल से मिलेंगे कमलनाथ

इस बीच एमपी में चल रहे सियासी घमासान के बीच राज्यपाल लालजी टंडन होली की छुट्टी मनाकर गुरुवार की रात को भोपाल लौट आए हैं. शुक्रवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात करेंगे.

मंत्रियों को बर्खास्त करने पर ले सकते हैं फैसला

आईएएनएस के मुताबिक अबतक राज्य के 22 विधायकों ने अपनी विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. इनमें से 19 विधायक बेंगलुरु में हैं. वहीं राज्य सरकार ने बेंगलुरु गए छह मंत्रियों को बर्खास्त करने की सिफाारिश राज्यपाल से की है. राज्यपाल इस सिफारिश पर फैसला कर सकते हैं.

राज्य सरकार के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, प्रद्युम्न सिंह तोमर, इमरती देवी, तुलसी सिलावट, प्रभुराम चौधरी, महेंद्र सिंह सिसौदिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इसके अलावा विधायक हरदीप सिंह डंग, जसपाल सिंह जज्जी, राजवर्धन सिंह, ओपीएस भदौरिया, मुन्ना लाल गोयल, रघुराज सिंह कंसाना, कमलेश जाटव, बृजेंद्र सिंह यादव, सुरेश धाकड़, गिरराज दंडौतिया, रक्षा संतराम सिरौनिया, रणवीर जाटव, जसवंत जाटव ने भी अपने इस्तीफे दिए हैं.

ये हैं जूनियर सिंधिया, सियासत में एंट्री के लिए इनसे ले रहे ट्रेनिंग

तिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने और भारतीय जनता पार्टी के हाथ थामने पर बेटे ने कहा- पिता पर गर्व है, परिवार सत्ता का भूखा नहीं है’. आपको बता दें, होली के दिन ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया, इसी के बाद बेटे ने ट्विटर पर अपना संदेश लिखा था. आइए ऐसे में जानते हैं कौन हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे और क्या करते हैं काम.

महाआर्यमन ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर के राजघराने की चौथी पीढ़ी से आते हैं. ज्योतिरादित्य सिंधिया के दो बच्चे हैं एक बेटा महाआर्यमन और एक बेटी अनन्या.

महाआर्यमन को जूनियर सिंधिया के नाम से जाना जाता है. आपको बता दें, वह कई बार भाषण दे चुके हैं. महाआर्यमन को उनकी राजनीति से जुड़ने की ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी उनकी मां प्रियदर्शिनी राजे निभा रही हैं. ऐसे में वह खानदान की सियासी विरासत की बारीकियां समझ रहे हैं.

उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई दून स्कूल से की है. जिसे पूरी करने के बाद अपने पिता की तरह विदेश में आगे की पढ़ाई करने चले गए थे.

महाआर्यमन ने अमरीका के शिकागो की येल यूनिवर्सिटी में मैनेजमेंट की पढ़ाई की है. जिसके बाद वह राजनीति की ट्रेनिंग भी ले रहे हैं.

17 नबंवर 1995 को जन्मे महाआर्यमन पिता को बाबा महाराज और मां को अम्मा महारानी कहते हैं.

जिस तरह वह भाषण और जनता को संबोधित करते हैं उससे साफ झलकता है कि वह अपने माता- पिता की तरह राजनीति में काफी दिलचस्पी रखते हैं. यहीं नहीं ग्वालियर के लोग उन्हें युवराज कहकर पुकारते हैं. 2018 के विधानसभा चुनाव से लेकर 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान महाआर्यमन प्रचार करते नजर आए थे.

अपने पिता के लिए उन्होंने महाआर्यमन ने लिखा, ‘अपने लिए स्टैंड लेने के लिए मुझे अपने पिता पर गर्व है. एक विरासत से इस्तीफा देना आसान नहीं होता है. इतिहास इस बात की गवाही देता है कि मेरा परिवार कभी सत्ता का भूखा नहीं रहा है. हम भविष्य में मध्य प्रदेश और भारत को नई ऊंचाईयों पर ले जाएंगे.’

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