मुख्य पृष्ठ >> प्रदेश >> मध्यप्रदेश >> उज्जैन / भोपाल >> भगवाधारियों को अब कमलनाथ से आस

भगवाधारियों को अब कमलनाथ से आस

उज्जैन 20 अप्रैल 2019 । बीजेपी के 15 वर्ष के शासन के बाद उज्जैन के साधू-संतो को अब मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ से आस जगी है। प्राचीन अवतिंका नगरी कहे जाने वाले उज्जैन शहर को पवित्र नगरी घोषित करने के लिए उज्जैन के साधू-संतो ने कमलनाथ को खून भरा पत्र लिखा है। जिस पर 100 से अधिक साधू-संतो ने खून से हस्ताक्षर किए। इनमें जैन साधू भी शामिल हुए। उज्जैन नगरी को पवित्र नगरी घोषित नहीं करने की स्थिति में संत समाज ने सड़क पर उतरने की भी चेतावनी दी है।
धार्मिक नगरी कही जाने वाली उज्जैन नगरी के साधू-संतो को अब कांग्रेस सरकार से आस है वो भी तब जब पूरे देश में लोकसभा चुनाव चल रहे है। जिसके चलते उज्जैन के 100 से अधिक साधू-संतो ने कमलनाथ को खून-भरा पत्र लिखा है। जिसमें उज्जैन नगरी को पवित्र नगरी घोषित करने की मांग की गई है। जिसमें संत समाज ने उज्जैन को पवित्र नगरी घोषित नहीं करने पर सड़क पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। बता दें कि भगवा पार्टी माने जाने वाली भाजपा का मध्यप्रदेश में 15 वर्ष शासन रहा। कांग्रेस के 10 वर्ष की सरकार के बाद वर्ष 2004 में भगवाधारी उमा भारती के बूते पर ही प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी थी। जो 2018 तक रही। लेकिन इन 15 वर्षाें में उज्जैन नगरी को पवित्र नगरी घोषित नहीं किया जा सका। जबकि 15 वर्षाें के अंतराल में उज्जैन में दो बार सिंहस्थ मैले का आयोजन किया गया। लेकिन प्राचीन नगरी अवतिंका अर्थात को उज्जैन को पवित्र नगरी घोषित नहीं किया जा सका। हालांकि चुनाव के विशेषज्ञ भगवाधारियों के इस विरोध प्रदर्शन को राजनीति के चश्मे से देख रहे है। लेकिन संत समाज से जुड़े होने की वजह से कोई भी इस मुद्दे पर बोलने को तैयार नहीं है।

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

राहुल ने जारी किया श्वेतपत्र, बोले- तीसरी लहर की तैयारी करे सरकार

नई दिल्ली 22 जून 2021 । कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस …