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किसान कर्जमाफी में बैंक से मिला कमलनाथ सरकार को बड़ा तोहफा

भोपाल 24 फरवरी 2019 । कमलनाथ सरकार राष्ट्रीयकृत बैंकों से किसानों के एनपीए को लेकर वन टाइम सेटलमेंट करने की कोशिश कर रही थी। सरकार की ओर से कई अधिकारियों ने इस संबंध में मुंबई में जाकर बैंक अधिकारियोंं से चर्चा भी की थी। हाल ही में राजधानी में हुई बैठक में बैंक की ओर से संकेत भी मिली थे कि वह एनपीए को लेकर वन टाइम सेटलमेंट को लिए तैयार हैं। भारती स्टेट बैंक ने समेत दस बैंकों के बोर्ड आफ डायरेक्टर से कमलनाथ सरकार को हरी झंडी मिल गई है। कमलनाथ सरकार ने 22 फरवरी से किसानों का कर्ज चुकाना शुरू कर दिया है।

पहले चरण में सरकार प्रदेश के करीब 20 लाख से अधिक किसानों का कर्ज माफी करेगी। सरकार की योजना लगभग 50 लाख किसानों के कृषि ऋण माफ करने की है जिनके विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारी बैंकों में खाते थे। 1 मार्च तक, सरकार ने 25,49,451 छोटे और सीमांत किसानों के 10,123 करोड़ रुपये के एनपीए का निपटान करने की योजना बनाई है।एसबीआई, सेंट्रल बैंक, बीओआई, यूनियन बैंक, पी एंड एसबी, ओरिएंटल बैंक आफ कॉमर्स, इलाहाबाद बैंक और बैंक आफ महाराष्ट्र के बोर्ड आफ डायरेक्टर ने सरकार को एनपीए में छूट की इजाजत दे दी है।

प्रमुख सचिव कृषि राजेश राजोरा ने कहा कि दो प्रमुख क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों -सेंट्रल एमपी ग्रामीण बैंक और नर्मदा झाबुआ ग्रामीण बैंक को भी उनके बोर्ड से मंजूरी मिल गई है। वित्त मंत्री तरुण भनोट ने कहा, “यह समय के खिलाफ एक दौड़ थी। पैसा अड़चन नहीं था। जल्द ही आदर्श आचार संहिता लागू हो सकती है और सरकार ऐसा होने से पहले 25 लाख से अधिक किसानों को लाभान्वित करना चाहती है।

समीक्षा बैठक में CM कमलनाथ की दो टूक, अपराध पर चाहिए जीरो टॉलरेंस
सूबे के मुखिया कमलनाथ ने आज पुलिस हेडक्वार्टर में पुलिस अफसरों की अहम बैठक ली। बैठक में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश में बढ़ते अपराधों को लेकर नाराजगी जताई और डीजीपी से इसको लेकर सवाल किए। उन्होंने पुलिस अफसरों से कहा कि प्रदेश पर लगा अपराध में नंबर एक का दाग धोइए, वरना हटने के लिए तैयार हो जाइए। वहीं अफसरों को अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत काम करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में महिला अपराध को लेकर भी चिंता जताई और इसकी रोकथाम के लिए सख्ती बरतने को कहा है।

इस बैठक में डीजीपी समेत प्रदेश भर के एडीजी, आईजी, डीआईजी, एसपी और बटालियन कमांडेंट स्तर के अफसर शामिल हुए थे। इसके अलावा प्रदेश में लगातार बढ़ रहे अपराधों के रोकथाम के लिए क्या प्रभावी कदम उठाएं जाएं, इसे लकेर भी मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अफसरों से चर्चा की। साथ ही वचन पत्र में पुलिसकर्मियों से किए गए वादों, जिसमें आवास भत्ता, पुलिस भर्ती, छुट्टियों की फिलहाल क्या स्थिति है। इस पर भी बात हुई।

दिग्विजय सिंह का ऐलान-पार्टी जहां से कहेगी मैं चुनाव लड़ने के लिए तैयार

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान आया है. उन्होंने ऐलान किया है कि पार्टी उन्हें जहां से चुनाव लड़ने के लिए कहेगी वो लड़ेंगे. उन्होंने कहा, ” मैं सक्रिय राजनीति में था और आगे भी रहूंगा”.

कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के इंदौर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की अटकलें हैं. पिछले कुछ दिन से उनका नाम इंदौर और भोपाल लोकसभा सीट के लिए चर्चा में हैं. इंदौर आए दिग्विजय सिंह ने मीडिया के सवाल पर कहा , ” मैं सक्रिय राजनीति में था और लगातार रहूंगा. पार्टी अगर मुझे चुनाव लड़ने के लिए कहेगी तो मैं ज़रूर लड़ूंगा और जहां से कहेगी वहां से चुनाव मैदान में उतरूंगा”.

दिग्विजय सिंह का ये बयान काफी मायने रखता है. 2003 में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद दिग्विजय सिंह ने ऐलान किया था कि वो 10 साल तक सत्ता में कोई पद नहीं लेंगे. अपने ऐलान पर उन्होंने अमल भी किया. 15 साल तक वो संगठन में सक्रिय रहे लेकिन सत्ता में कोई पद नहीं संभाला.

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