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17 दिसंबर को कमलनाथ लेंगे शपथ, ये रही कैबिनेट की संभावित लिस्ट

भोपाल 15 दिसंबर 2018 । मध्यप्रदेश में अब मुख्यमंत्री पद का चेहरा सामने आ चुका है कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से ट्वीट करके इस बात की जानकारी दे दी है कि कमलनाथ को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया जा रहा है और ज्योतिरादित्य सिंधिया को अभी होल्ड पर रखा गया है जबकि यह दोनों ही नाम मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के लिए सबसे ऊपर चलते हुए नजर आ रहे थे.

कांग्रेस से नाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया को सोनिया गाँधी ने मनाया
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी इस बार मध्य प्रदेश में कांग्रेस को राज्य में सरकार बनाने के लिए काफी मेहनत की है. ज्योतिरादित्य सिंधिया भी लगातार पार्टी के लिए मेहनत कर रही थी और इसी का नतीजा है कि राज्य में कांग्रेस ने इस बार सरकार बना ली है.

अभी तक जिस बीजेपी की हवा में और नरेंद्र मोदी की आंधी में कांग्रेस कहीं टिक नहीं पाती थी तो इस बार राहुल गांधी की आंधी में बीजेपी और नरेंद्र मोदी को मुंह की खानी पड़ी है लेकिन पिछले 24 घंटे से राहुल गांधी तय नहीं कर पा रहे थे कि मध्य प्रदेश में किस को मुख्यमंत्री बनाया जाए.

ज्योतिरादित्य सिंधिया भी राहुल गांधी के काफी करीबी हैं और इनको नाराज करना राहुल गांधी नहीं चाहते थे लेकिन कमलनाथ एक सीनियर नेता है और बड़े होने के नाते इनको राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया है.

कांग्रेस की सरकार में ये विधायक बनेंगे मंत्री
मध्यप्रदेश में कांग्रेस अपना 15 साल का वनवास खत्म करने के बाद अब सरकार बनाने जा रही है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद इतना तय माना जा रहा है कि कमलनाथ ही प्रदेश में नई कांग्रेस सरकार का नेतृत्व करेंगे। कमलनाथ खरमास शुरू होने से पहले शुक्रवार या शनिवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। कमलनाथ के साथ लगभग एक दर्जन विधायक भी मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
कमलनाथ के मंत्रिमंडल में जहां वरिष्ठ विधायकों को मौका मिलेगा तो दूसरी ओर युवा विधायक भी मंत्री पद की शपथ लेते दिखाई दे सकते हैं। संभावना है कि शुरुआत में छोटी कैबिनेट शपथ लेगी, जिसमें वरिष्ठ विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। बाद में कैबिनेट का विस्तार कर नए विधायकों को मंत्री बनाया जाएगा।
वेबदुनिया पर कांग्रेस का संभावित मंत्रिमंडल कमलनाथ : सूबे में 15 साल बाद कांग्रेस की वापसी कराने वाले कमलनाथ ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, यह लगभग तय माना जा रहा है। कमलनाथ के नाम पर आज राहुल गांधी अंतिम मोहर लगा सकते हैं।
डॉक्टर गोविंद सिंह : कांग्रेस के सीनियर नेता और लहार से फिर विधायक चुन कर आए गोविंद सिंह को पार्टी विधानसभा अध्यक्ष बना सकती है। इस बार विधानसभा का फ्लोर मैनेजमेंट करना विधानसभा अध्यक्ष के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहेगा, जहां विपक्षी दल भाजपा 109 विधायकों के साथ मजबूती से सरकार को घेरने की तैयारी में अभी से जुट गई है।
इसके लिए ये जरूरी हो गया है कि विधानसभा संचालन का काम किसी ऐसे वरिष्ठ कांग्रेस विधायक को सौंपा जाए, जो अनुभवी हो और विधानसभा का संचालन यहीं तरीके से कर सके। सात बार से लगातार विधायक चुने जा रहे हैं गोविंद सिंह कांग्रेस के उन दिग्गज नेताओं में शामिल हैं, जो दिग्विजय सरकार में भी मंत्री रहे हैं। गोविंद सिंह अगर विधानसभा अध्यक्ष नहीं बनते हैं तो उनका कैबिनेट मंत्री बनना तय है।
बाला बच्चन : राजपुर से कांग्रेस से सीनियर विधायक बाला बच्चन को भी पार्टी विधानसभा अध्यक्ष बना सकती है। बाला बच्चन के तेजतर्रार और मृदभाषी स्वभाव होना विधानसभा अध्यक्ष बनने के लिए अनुकूल माना जा रहा है, वहीं अगर बाला बच्चन विधानसभा अध्यक्ष नहीं बनते हैं तो नई सरकार में उनका कैबिनेट मंत्री तय है। बाला बच्चन की वरिष्ठता को देखते हुए उनको अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलना तय मानी जा रही है।
सज्जन सिंह वर्मा : कमलनाथ के काफी करीबी माने जाने वाले पूर्व सांसद और इस बार विधानसभा में सोनकच्छ से विधायक चुनकर पहुंचे सज्जन सिंह वर्मा का मंत्री बनना तय है। सज्जन सिंह वर्मा दिग्विजय सरकार में नगरीय प्रशासन जैसे महत्त्वपूर्ण विभाग का कामकाज संभाल चुके हैं।
विजयलक्ष्मी साधौ : महेश्वर से विधायक बन कर विधानसभा पहुंची कांग्रेस की वरिष्ठ नेता विजयलक्ष्मी साधौ का भी कैबिनेट मंत्री बनना तय माना जा रहा है। विजयलक्ष्मी साधौ कैबिनेट मंत्री की शपथ ले सकती हैं।
आरिफ अकील : वर्तमान में कांग्रेस के एक मात्र मुस्लिम विधायक और इस बार भी भोपाल उत्तर से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे आरिफ अकील का कांग्रेस की सरकार में मंत्री बनना तय है। दिग्विजय सिंह सरकार में अल्पसंख्यक मंत्रालय का कामकाज संभाल चुके आरिफ अकील इस बार भी अहम मंत्रालय के दावेदार हैं।
कमलेश्वर पटेल : सूबे में नई कांग्रेस की सरकार में कमलेश्वर पटेल भी मंत्री पद की दौड़ में हैं। जीतू पटवारी : कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और राऊ से फिर लगातार दूसरी बार कांग्रेस विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे जीतू पटवारी का मंत्री बनना भी तय माना जा रहा है।
जयवर्धन सिंह : कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के बेटे राघौगढ़ से कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह भी कांग्रेस की नई सरकार में मंत्री बनने के प्रबल दावेदार है।
बृजेन्द्र सिंह : पृथ्वीपुर से वरिष्ठ कांग्रेस विधायक और पार्टी के बड़े नेता बृजेन्द्र सिंह का कैबिनेट मंत्री बनना तय माना जा रहा है। बृजेन्द्र सिंह को अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी मिल सकती है।
दीपक सक्सेना : छिंदवाड़ा से कांग्रेस विधायक और कमलनाथ के काफी करीबी दीपक सक्सेना का भी कैबिनेट मंत्री बनना तय माना जा रहा है। दीपक सक्सेना को अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी मिल सकती है।
तुलसी सिलावट : इंदौर की सांवेर सीट से विधायक चुने गए तुलसी सिलावट भी मंत्री बन सकते हैं। तुलसी सिलावट कांग्रेस के चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया का काफी करीबी माना जाता है।
लक्ष्मण सिंह : चांचौड़ा विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक चुने गए और दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह का मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है।
बिसाहूलाल सिंह : अनूपपुर से कांग्रेस विधायक और पार्टी के सीनियर नेता बिसाहूलाल सिंह का मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है।
गोविंद राजपूत : सुरखी से कांग्रेस विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे पार्टी के बड़े नेता गोविंद राजपूत भी मंत्री बन सकते हैं।
लखन घनघोरिया : जबलपुर पूर्व से कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया भी कैबिनेट मंत्री की शपथ ले सकते हैं।
इमरती देवी : कांग्रेस की महिला विधायक इमारती देवी भी कांग्रेस की नई सरकार में मंत्री पद की शपथ ले सकती हैं।

राजनीति ही नहीं बल्कि कमाई और बचत के मामले में भी हिट हैं कमलनाथ

चुनाव परिणाम आने के बाद दो दिन तक चले राजनीतिक घटनाक्रम के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश के सीएम रूप में कमलनाथ के नाम पर मुहर लगा दी। 18 नवंबर 1946 को उत्तर प्रदेश के कानपुर में पैदा हुए कमलनाथ ने इस पद पर पहुंचने से पहले भारतीय राजनीति में लम्बा सफर तय किया है।कमल नाथ एक मंझे हुए भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी उनको अपना तीसरा बेटा मानती थीं। कमलनाथ पूर्व में शहरी विकास मंत्री भी रह चुके है । वह छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र से मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते है। कमलनाथ पहली बार 7 वीं लोकसभा के लिए 1980 में चुने गए थे। तमाम राजनीतिक उठापटक के बीच भी वह गांधी परिवार के करीबी बने रहे। 13 दिसंबर 2018 को उन्हें मध्यपरदेश का मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया है।

ये तो हुई राजनीति की बात, अब बात करते हैं कमलनाथ के कमाई और बचत करने की। कमलनाथ केवल एक कुशल राजनीतिज्ञ ही नहीं बल्कि एक समझदार निवेशक भी हैं। 2014 लोकसभा चुनाव में दिए हलफनामे के मुताबिक कमलनाथ ने करीब एक करोड़ से ज्यादा का निवेश कर रखा है।

कमलनाथ के पास 40 कंपनियों के शेयर

कमलनाथ की संपत्ति के बारे में कुछ ही लोग जानते हैं। ये बात जानकर आप दंग रह जाएंगे कि कमलनाथ ने 40 कंपनियों में अपना पैसा लगा रखा है। इन 40 कंपनियों में अडाणी ग्रुप के अतिरिक्त डीएलएफ लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक, आईटीसी लिमिटेड, आईसीआईसीआई बैंक, किंगफिशर एयरलाइंस, रैनबैक्सी और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं। कुल मिलाकर कमलनाथ का 1 करोड़ 65 लाख रुपए इन 40 कंपनियों में लगा है। ये सारी जानकारी कमलनाथ ने लोकसभा चुनाव 2014 के दौरान चुनाव आयोग को दी थी। एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति 206 करोड़ रुपए है।

इतने अमीर है कमलनाथ

ये तो हुई बचत की बात, अब बात करते हैं कमलनाथ के दौलत की। पिछले लोकसभा चुनाव यानि साल 2014 में दाखिल हलफनामे में दिए गए संपत्ति के आंकड़े कमलनाथ की संपत्ति बताते हैं। ये आंकड़े किसी के भी होश उड़ाने के लिए काफी हैं। कांग्रेस के इस वरिष्ठ नेता के परिवार के पास कई 206 करोड़ की संपत्ति है। आपको बता दें कि कमलनाथ की गिनती देश के पांच सबसे अमीर सांसदों में की जाती है।

राज्यपाल ने कमलनाथ को मुख्यमंत्री नियुक्त किया

कांग्रेस विधायक दल के नेता चुने गए कमलनाथ ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया है| सुबह 11 बजे कमलनाथ कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के साथ राजभवन पहुंचे| उनके साथ प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया, दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, सुरेश पचौरी, अरुण यादव उनके साथ थे.| यहां कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को सरकार गठन का दावा पेश किया, साथ में उन्हें विधायकों की सूची भी सौंपी। इसके बाद राज्यपाल ने पत्र जारी कर कमलनाथ को मुख्यमंत्री नियुक्त करते हुए मंत्रिमंडल गठन करने के लिए आमंत्रित किया|

प्रदेश के 18 वें मुख्यमंत्री बनने जा रहे कमलनाथ 17 दिसंबर को शपथ लेंगे| भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में दोपहर 1.30 बजे भव्य शपथ ग्रहण समारोह होगा| जहां प्रदेश भर से कार्यकर्ता जुटेंगे| यहां कमलनाथ पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे| शपथ समारोह को भव्य बनाने की तैयारी शुरू हो गई है, इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी भी शामिल होंगे| इसके साथ प्रदेश और देश भर से राजनीतिक और उद्योग जगत की कई बड़ी हस्तियां भी शामिल होंगी| बताया जा रहा है कि शपथ समारोह में बसपा प्रमुख मायाबती और सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी शामिल हो सकते हैं| इसके अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस समारोह में शामिल होने की सम्भावना है|

कमलनाथ के साथ डेढ़ दर्जन मंत्री भी शपथ ले सकते हैं| लेकिन इसको लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है| सूत्रों के मुताबिक 20 मंत्रियों की शपथ लेने की संभावना है| जल्द ही पार्टी इस सम्बन्ध में खुलासा कर सकती है|

कमलनाथ के शपथ ग्रहण में आएंगे नामी नेता

भोपाल। प्रदेश के मनोनीत मुख्यमंत्री कमलनाथ पद और गोपनीयता की सोमवार को राजधानी के जंबूरी मैदान में शपथ लेंगे। इसमें प्रदेशभर से बड़ी तादाद में लोगों के आने की संभावना है। इसे देखते हुए चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के इंतजाम रहेंगे और शहर में कहीं भी यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए पुलिस बल तैनात रहेगा।

समारोह का आमंत्रण देने के लिए सरकारी प्रेस में दो हजार से ज्यादा कार्ड छपेंगे। समारोह की तैयारियों को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रभांशु कमल ने राजभवन में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की।

शपथ ग्रहण की तारीख और स्थान तय होने के बाद सामान्य प्रशासन और पुलिस महकमा सक्रिय हो गया है। पार्टी इस कार्यक्रम के जरिए कार्यकर्ताओं को बदलाव का संदेश देना चाहती है। 15 साल बाद सत्ता में हो रही वापसी के मद्देनजर शासन को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में सोमवार को कार्यकर्ता भोपाल आएंगे।

इसे देखते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। अपर मुख्य सचिव प्रभांशु कमल ने राजभवन में गृह, नगरीय विकास सहित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करके रूपरेखा को अंतिम रूप दिया। साथ ही तय किया कि आमंत्रण पत्र बड़ी संख्या में छापे जाएंगे। इसे प्रमुख व्यक्तियों को भेजा जाएगा।

जंबूरी मैदान के आसपास यातायात सुचारू रहे, इसकी जिम्मेदारी पुलिस अधिकारियों को सौंपी गई। वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए रूट डायवर्ट किया जाएगा। इसका प्रचार पहले से ही होगा ताकि किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं, नगरीय विकास को कार्यक्रम स्थल की सफाई, पेयजल सहित अन्य व्यवस्था बनाने के लिए कहा गया।

उधर, कांग्रेस शपथ ग्रहण समारोह को बड़ा स्वरूप देने में जुट गई है। कमलनाथ स्वयं विशिष्ट अतिथियों को आने का न्यौता दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनकी बात पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी, बसपा प्रमुख मायावती, पश्चिम बंगाल, आंध्रप्रदेश और पंजाब के मुख्यमंत्री से हो चुकी है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी संपर्क किया जा रहा है।

इसके अलावा अन्य दलों के वरिष्ठ नेताओं के साथ उद्योग जगत की बड़ी हस्तियां को भी कमलनाथ आमंत्रित कर रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार को इसके लिए लगभग तीन घंटे आरक्षित रखे और किसी भी बाहरी व्यक्ति से मुलाकात नहीं की। कार्यवाहक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को समारोह में आने का आमंत्रण कमलनाथ स्वयं देने की बात कह चुके हैं। वहीं, चौहान ने भी कहा है कि लोकतंत्र की मर्यादा है। सम्मानपूर्वक आमंत्रित करते हैं तो मैं जरूर जाऊंगा।

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