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कन्हैया पीछे, प्रज्ञा आगे, राज बब्बर पीछे, जानें देश की बड़ी सीटों का हाल

नई दिल्ली 21 मई 2019 । लोकसभा की 542 सीटों पर एग्जिट पोल के नतीजे आने के बाद आजतक-एक्सिस माई इंडिया और एबीपी न्यूज-नीलसन ने सोमवार को देश की बड़ी सीटों के अनुमान जारी किए है। अनुमान के मुताबिक बिहार के बेगुसराय में सीपीआईएम के कन्हैया कुमार पीछे चल रहे हैं और भाजपा के गिरिराज जीतते दिख रहे हैं। वहीं भोपाल में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह हार रहे हैं और भाजपा की प्रज्ञा ठाकुर आगे दिख रही हैं।

भोपाल : दिग्विजय सिंह (कांग्रेस)/प्रज्ञा ठाकुर (भाजपा)
एबीपी : प्रज्ञा आगे आज तक : प्रज्ञा आगे

बेगुसराय : गिरिराज सिंह (भाजपा)/कन्हैया कुमार (सीपीआई)
एबीपी : गिरिराज आगे आज तक : गिरिराज आगे

पुरी : संबित पात्रा (भाजपा)/पिनाकी मिश्रा (बीजद)
एबीपी : पात्रा आगे आज तक : —

पटना साहिब : शत्रुघ्न सिन्हा(कांग्रेस)/रविशंकर प्रसाद(भाजपा)
एबीपी : प्रसाद आगे आज तक : प्रसाद आगे

सोनीपत : भूपेंद्र सिंह हुड्डा (कांग्रेस)/ रमेश चंद्र कौशिक (भाजपा)
एबीपी : कड़ी टक्कर आज तक : कौशिक आगे

मथुरा : हेमामालिनी (भाजपा)
एबीपी : कड़ी टक्कर आज तक : हेमामालिनी आगे

पीलीभीत : वरुण गांधी (भाजपा)
एबीपी : कड़ी टक्कर आज तक : वरुण आगे

गुना : ज्योतिरादित्य सिंधिया (कांग्रेस)
एबीपी : — आज तक : कड़ी टक्कर

छिंदवाड़ा : नकुलनाथ (कांग्रेस)
एबीपी : — आज तक : नकुल आगे

नागपुर : नितिन गडकरी (भाजपा)
एबीपी : गडकरी आगे आज तक :

आसनसोल : बाबुल सुप्रियो (भाजपा)/मुनमुन सेन (तृणमूल कांग्रेस)
एबीपी : मुनमुन आगे आज तक : बाबुल आगे

गांधीनगर : अमित शाह (भाजपा)
एबीपी : अमित शाह आगे आज तक : अमित शाह आगे

फतेहपुर सीकरी : राज बब्बर (कांग्रेस)/राजकुमार चाहर (भाजपा)
एबीपी : चाहर आगे आज तक : चाहर आगे

मधेपुरा : शरद यादव (राजद)/दिनेश चंद्र यादव (जेडीयू)
एबीपी : दिनेश आगे आज तक :

तिरुअनंतपुरम : शशि थरूर (कांग्रेस)/ कुम्मनम राजशेखरन (भाजपा)
एबीपी : राजशेखरन आगे आज तक :

डायमंड हार्बर: अभिषेक बनर्जी (तृणमूल कांग्रेस)/नीलांजन रॉय (भाजपा)
एबीपी : अभिषेक आगे आज तक :

नेता प्रतिपक्ष भार्गव की राज्‍यपाल को लिखी चिट्ठी से एम पी में मचा बवाल

लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजों के बाद केंद्र के साथ ही राज्यों में भी सियासी हलचल तेज हो गई है. मध्य प्रदेश में बीजेपी ने कमलनाथ सरकार के अल्पमत में चले जाने का दावा किया है. बीजेपी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को चिट्ठी लिखकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग करने जा रही है. दूसरी ओर कमलनाथ सरकार ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि उनकी सरकार मजबूत है. उधर मायावती ने रविवार देर शाम इस तरह की किसी भी बैठक में शामिल होने से साफ़ इनकार कर दिया है. मायावती का ये इनकार मध्य प्रदेश पर भी लागू हुआ तो कांग्रेस के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं. इधर, नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया है कि “कमलनाथ सरकार अपने आप गिर जाएगी. मैं खरीद-फरोख्त पर यकीन नहीं करता, लेकिन इसका समय आ गया है और यह जल्द ही होगा.

लोकसभा चुनाव 2019 के एग्जिट पोल के नतीजों ने नरेंद्र मोदी के एक बार फिर प्रधानमंत्री बनने की भविष्यवाणी की है. इस बीच बीजेपी ने मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार के अल्पमत में होने के आरोप लगाए हैं. नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर सत्र बुलाने की मांग की है. इसके बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मच गया है. दरअसल, लोकसभा चुनावों से पहले भी बीजेपी नेताओं द्वारा लगातार यह बयान दिया जा रहा था कि अगर बीजेपी की सरकार दोबारा बनती है तो मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार संकट में आ जाएगी. इसी बीच समझते हैं कि मध्य प्रदेश विधानसभा का गणित दरअसल क्या है और इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस बीजेपी को कितनी सीटें मिली थीं.

कुल 230 विधानसभा सीटों वाले मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, उसे 114 सीटें मिली थीं, हालांकि बहुमत के आंकड़े से वो दो सीटें दूर रह गई थी. बहुमत के लिए 116 सीटें चाहिए थीं, वहीं बीजेपी को 109 सीटें मिली थीं. इसके अलावा निर्दलीय को चार, बसपा को दो सीटें और सपा को एक सीट मिली थी. चुनाव परिणाम के दिन ही सपा और बसपा ने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान कर दिया था और निर्दलीय विधायक भी कांग्रेस के पक्ष में थे, इस प्रकार कांग्रेस ने अपने बहुमत का आंकड़ा साबित कर दिया था और कमलनाथ मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री बने थे.

हालांकि सरकार बनने के बाद ही सपा और बसपा के विधायक कांग्रेस से नाराज नजर आ रहे थे, लेकिन उन्हें बार-बार कमलनाथ द्वारा शांत करवाया जा रहा था. इसी दौरान बीजेपी के बड़े नेता भी आए दिन कमलनाथ सरकार को गिराने का दावा करते नजर आ रहे थे. कैलाश विजयवर्गीय ने लोकसभा चुनाव से पहले तो यहां तक कह दिया था कि जिस दिन ऊपर से आदेश होगा उसी दिन सरकार गिरा देंगे. और अब नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव की चिट्ठी से राजनीति फिर गर्म है. गोपाल भार्गव ने कहा कि जिस तरह से केंद्र और राज्य में बीजेपी को अपार जनसमर्थन मिल रहा है. कई कांग्रेस के विधायक कमलनाथ सरकार से परेशान हो चुके हैं और बीजेपी के साथ आना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी खरीद-फरोख्त नहीं करेगी, लेकिन कांग्रेस के ही विधायक अब उनकी सरकार के साथ नहीं हैं.

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