मुख्य पृष्ठ >> प्रदेश >> मध्यप्रदेश >> उज्जैन / भोपाल >> किसान आंदोलन से बढ़ेगा कद? क्या है कमलनाथ के सांसद बेटे नकुलनाथ का सियासी इरादा

किसान आंदोलन से बढ़ेगा कद? क्या है कमलनाथ के सांसद बेटे नकुलनाथ का सियासी इरादा

भोपाल 30 अक्टूबर 2021 । मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेताओं की नई पीढ़ी सियासी फलक पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की तैयारी में जुट गई है। इस क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के बेटे तेजी से कदमताल करने दिख रहे हैं। इसमें दिग्विजय के बेटे जयवर्धन सिंह तो राजनीति में लगातार सक्रिय हैं। लेकिन नकुल नाथ को इस दिशा में सही कदम उठाना बाकी है। इसको देखते हुए नकुलनाथ ने भी तैयारी शुरू कर दी है। शुक्रवार को किसान आंदोलन के जरिए वह सूबे को एक बड़ा सियासी संदेश देना चाहते हैं। गौरतलब है कि सांसद बनने के बाद उनका यह पहला बड़ा राजनीतिक कदम होगा। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद छिंदवाड़ा लोकसभा सीट पर उन्होंने अपनी विरासत बेटे नकुल नाथ को सौंपी थी। 2019 में उन्हें पार्टी ने प्रत्याशी बनाया और प्रदेश में कांग्रेस के एकमात्र लोकसभा सदस्य के रूप में वे यहां से निर्वाचित हुए थे। उनके सांसद बनने के बाद प्रदेश में राजनीतिक घटनाक्रम ऐसा घटा कि पिता कमल नाथ की मुख्यमंत्री की कुर्सी चली गई थी और भाजपा की सरकार बन गई। कमल नाथ पर जिस तरह आरोप लगते रहे कि वे मुख्यमंत्री के रूप में केवल छिंदवाड़ा तक सीमित रहे। कमोबेश यही बात नकुल नाथ के साथ सामने आ रही है क्योंकि आज भी उन्होंने आंदोलन के दौरान कहा कि छिंदवाड़ा की जनता जागरूक हो गई है। वह कमल नाथ के नेतृत्व में अपना हक लेकर रहेगी। नकुल नाथ ने किया था युवा सम्मेलन
राजनीतिक सक्रियता में उनके युवा सम्मेलन में काफी बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सेदारी की थी। मगर इसके बाद उनकी दूसरी ऐसी उपस्थिति का कोई कार्यक्रम नहीं होने से राजनीतिक परिदृश्य से वे नदारत रहे थे। सांसद के रू़प में उनके द्वारा अभी तक भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ कोई आंदोलन नहीं किया गया जबकि वे लोकसभा में मध्य प्रदेश से कांग्रेस के एकमात्र प्रतिनिधि हैं। आज छिंदवाड़ा में वे अपने राजनीतिक जीवन का बड़े आंदोलन के रूप में किसानों की समस्याएं उठाने जा रहे हैं।

ट्रैक्टर पर चलाकर सभास्थल पहुंचे
नकुल नाथ अपने राजनीतिक सफर के पहले किसान आंदोलन में ट्रेक्टर चलाते हुए सभास्थल तक पहुंचे। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि तीनों कृषि कानून किसान विरोधी हैं। इनसे किसानों की जमीनो को छीनकर उद्योगपतियों को सौंपे जाने की साजिश की जा रही है। नकुल नाथ ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और प्रदेश की शिवराज सरकार को तानाशाह बताया।

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

‘राजपूत नहीं, गुर्जर शासक थे पृथ्वीराज चौहान’, गुर्जर महासभा की मांग- फिल्म में दिखाया जाए ‘सच’

नयी दिल्ली 21 मई 2022 । राजस्थान के एक गुर्जर संगठन ने दावा किया कि …