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जानिए कितना तगड़ा चूना लगने वाला है चंदा कोचर को

नई दिल्ली 1 फरवरी 2019 । वीडियोकॉन समूह को लोन देन के मामले में ICICI बैंक की एमडी और सीईओ चंदा कोचर की मुसीबत और बढ़ गई है. बैंक की ओर से कराई गई स्वतंत्र जांच में चंदा कोचर को दोषी पाया गया है. इसके साथ ही बैंक ने उनके इस्तीफे को बर्खास्तगी में बदलने का फैसला किया है. बैंक चंदा कोचर को दिए गए बोनस और इंप्लाईज शेयर की वसूली भी करेगा. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक चंदा कोचर से कुल 9 करोड़ 82 लाख रुपए के बोनस और 221 करोड़ रुपए मूल्य के शेयरों की रिकवरी हो सकती है.

जांच एजेंसी ने क्या पाया?
चंदा कोचर पर पद का गलत इस्तेमाल करके वीडियोकॉन ग्रुप को लोन देने और उससे आर्थिक लाभ लेने के इल्जाम हैं. इस मामले में सीबीआई चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर के खिलाफ आपराधिक साज़िश रचने और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच कर रही है. इस मामले की ICICI बैंक भी एक स्वतंत्र जांच करा रहा था. ये जांच 6 जून, 2018 को सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस बीएन श्रीकृष्ण को सौंपी गई थी. जस्टिस श्रीकृष्ण ने 1 अप्रैल, 2009 से 31 मार्च 2018 के बीच बैंक में चंदा कोचर के रोल की जांच की. और अब 30 जनवरी, 2019 को अपनी रिपोर्ट ICICI बैंक को सौंप दी है. जांच रिपोर्ट के मुताबिक चंदा कोचर ने बैंक की सेवा शर्तों का पालन नहीं किया. उन्होंने कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन किया. इस पूरे मामले में हितों का टकराव हुआ है. जस्टिस श्रीकृष्ण की इस रिपोर्ट के बाद ICICI बैंक ने बयान जारी किया है. बैंक के मुताबिक जांच में उनको दोषी पाया गया है. ऐसे में कंपनी के नियमों के मुताबिक अब उनको नौकरी से बर्खास्त माना जाएगा. साथ ही उऩ्हें कोई बकाया वेतन, बोनस और मेडिकल बेनिफिट नहीं दिया जाएगा. बैंक ने चंदा कोचर से अप्रैल, 2009 से मार्च, 2018 के बीच दिए गए सारे बोनस ब्याज समेत लौटाने को कहा है.

कितना पैसा चुकाना होगा चंदा कोचर को?
इंडियन एक्सप्रेस के मताबिक चंदा कोचर को मिले बोनस की रकम 9 करोड़ 82 लाख रुपए तक संभव है. अप्रैल, 2009 से मार्च, 2018 तक के बतौर एमडी और सीईओ उनके कार्यकाल में ये पैसा उनको परफार्मेंस बोनस दिया गया था. इस दौरान ICICI बैंक ने करीब 94 लाख शेयर भी चंदा कोचर को मंजूर किए. कोचर ने अब तक करीब 134 करोड़ रुपए मूल्य के 36.8 लाख शेयर हासिल किए हैं. बाकी कोई 57 लाख शेयर अभी उपयोग में नहीं लाए गए हैं. उपयोग में न लाए गए ये शेयर बैंक निरस्त कर सकता है. इन शेयरों की वैल्यू करीब 221 करोड़ रुपए है.

सीबीआई के बाद दूसरा झटका
चंदा कोचर के लिए एक ही हफ्ते में ये दूसरा झटका माना जा रहा है. हाल ही में सीबीआई ने चंदा कोचर उनके पति दीपक कोचर समेत बैंक के कई अधिकारियों पर रिपोर्ट दर्ज की है. उनके खिलाफ आपराधिक षडयंत्र और धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है. चंदा कोचर ने अक्टूबर, 2018 में ICICI बैंक से इस्तीफा दे दिया था. वीडियोकॉन ग्रुप को लोन देने में गड़बड़ी और अपने पति की बिजनेस डीलिंग से जुड़े आरोप लगने के बावजूद कोचर कई महीने तक ICICI बैंक की सीईओ बनी रही थीं. अब ICICI बैंक ने कहा है कि कोचर के कामकाज के तरीके की वजह से बैंक के प्रोसेस कमजोर हुए. ICICI बैंक की ओर से कराई गई जांच में कोचर के दोषी पाए जाने से बैंक के पूर्व चेयरमैन एमके शर्मा पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं. शर्मा ने कहा था कि उन्होंने बैंक की आंतरिक जांच में पाया है कि चंदा कोचर ने बैंक के नियमों और पॉलिसी का उल्लंघन नहीं किया.

चंदा कोचर ने क्या कहा?
इस पूरे प्रकरण के बाद पहली बार चंदा कोचर ने भी पहली बार बयान जारी किया है. चंदा कोचर ने कहा कि ‘उन्होंने पूरी ‘मेहनत और निष्ठा’ के साथ 34 साल तक ICICI समूह की सेवा की. बैंक के ताजा फैसले से उन्हें ‘बहुत दुख और तकलीफ’ पहुंची है. बैंक में कर्ज देने का कोई भी फैसला एकतरफा नहीं होता. बैंक ने इसके लिए पूरी प्रक्रिया बनाई है. इसमें एक समिति सामूहिक फैसला लेती है. बैंक का संगठनात्मक ढांचा और संरचना हितों के टकराव की संभावना को कम करती है. मैंने अपने करियर को पूरी ईमानदारी के साथ आगे बढ़ाया है. एक पेशेवर के रूप में मुझे अपने आचरण पर पूरा भरोसा है. मुझे पूरा भरोसा है कि अंत में सत्य की जीत होगी.

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