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हालात को देखते हुए 14 अप्रैल के बाद भी जारी रह सकता है लॉकडाउन

नई दिल्ली 9 अप्रैल 2020 । 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन के खत्म होने का समय (14 अप्रैल) नजदीक आने के साथ ही अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या इसे आगे बढ़ाया जाएगा। लॉकडाउन के चलते कई लोग अपने परिवारों से दूर हैं। लाखों दिहाड़ी और प्रवासी मजदूर फैक्ट्रियों के फिर से खुलने का इंतजार कर रहे हैं। तेलंगाना, तमिलनाडु, यूपी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री चाहते हैं कि लॉकडाउन को बढ़ाया जाए। हालांकि अंतिम फैसला विभन्न कारकों का आकलन करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा ही लिया जाएगा। आजकल के हालात को देखते हुए सबसे सही फैसला वही ले सकते हैं।

लेकिन मैं आपसे इतना जरूर कह सकता हूं कि 3 सप्ताह पूरे होने के बाद भी लॉकडाउन खत्म होने की उम्मीद न करें। ज्यादा संभवाना इसके जारी रहने की है। नोएडा, मुंबई, इंदौर और भोपाल जैसे शहरों में, जहां वायरस के मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है, लॉकडाउन को और भी कड़ाई से लागू किया जा सकता है। हमें ऐसे हालात का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। तबलीगी जमात के सैकड़ों लोगों के चलते, जो वायरस के कैरियर भी हो सकते हैं, हालात खराब हो गए हैं। इनमें से कई अभी भी छिपे हुए हैं और तमाम राज्यों की पुलिस उनका पता लगाने की पूरी कोशिश कर रही है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को सभी छिपे हुए जमातियों को 24 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया है कि वे या तो बाहर आएं या आपराधिक आरोपों का सामना करें।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले नियंत्रण में होते लेकिन तबलीगी जमात की वजह से अब तस्वीर दूसरी है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पूरी ताकत से लगे हुए हैं और वायरस के प्रसार को रोकने के लिए केंद्र के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं। वह सबसे ज्यादा उन जमातियों को लेकर परेशान हैं जो छिपे हुए हैं। दिल्ली में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या 550 को छू गई है। दिल्ली में 25 नए मामले सामने आए हैं और मंगलवार को 2 लोगों की जान भी गई है। अगर जमात की घटना नहीं हुई होती तो यह संख्या और नीचे हो सकती थी।

केजरीवाल का कहना है कि उनकी सरकार कोरोना वायरस के 30,000 मामलों को संभालने की तैयारी कर रही है। अन्य राज्य सरकारें भी प्लानिंग कर रही हैं, लेकिन जितनी जल्दी वायरस के संभावित कैरियर्स को क्वारंटीन किया जाएगा, बाकी लोगों के लिए उतना ही अच्छा होगा। दो हॉटस्पॉट, दिलशाद गार्डन और निजामुद्दीन को अभी तक पूरी तरह से बंद करके रखा गया है। तबलीगी जमात के लोगों द्वारा दिल्ली के नरेला और यूपी के फिरोजाबाद में प्रशासन और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए मुश्किलें पैदा की गईं। नरेला के क्वारंटीन सेंटर में कुछ जमातियों ने बोतलों में पेशाब किया और इसे फर्श पर डाल दिया, जबकि कई अन्य लोगों ने गलियारे में ही शौच किया। फिरोजाबाद के जिला अस्पताल में जमात के लोग खिड़कियों और दीवारों पर थूक रहे थे जिसके बाद स्थानीय अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई करनी पड़ी।

मैं फिर से तबलीगी जमात के नेताओं से अपील करता हूं कि वे अपने कार्यकर्ताओं पर लगाम लगाएं, उन्हें छिपने से बाहर आने और क्वारंटीन के नियमों का पालन करने के लिए कहें। COVID-19 का सही समय पर इलाज करके ही जमातियों और उनके संपर्क में आए लोगों को बचाया जा सकेगा। यदि ऐसा नहीं होता है तो भारत को महामारी का जबर्दस्त प्रकोप झेलना होगा जिसमें रोज हजारों मौतें होंगी।

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