मुख्य पृष्ठ >> खास खबरें >> खुले भगवान केदारनाथ धाम के कपाट

खुले भगवान केदारनाथ धाम के कपाट

नईदिल्ली 29 अप्रैल 2020 । 29 अप्रैल आज सुबह मेष लग्न में भगवान केदारनाथ धाम के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए गए। इसके बाद अगले छह महीने तक बाबा केदार की पूजा-अर्चना धाम में ही होगी। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के समय पूजा में पुजारी समेत सिर्फ 16 लोग ही शामिल हुए। इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान रखा गया।

तड़के तीन बजे से मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना हुई। मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग द्वारा बाबा की समाधि पूजा के साथ अन्य सभी धार्मिक औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद तय समय पर सुबह 6.10 बजे केदारनाथ मंदिर के कपाट खोल दिए गए।

बाबा केदार हम सभी पर अपनी कृपा बनाकर रखें

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भगवान केदारनाथ के कपाट खोले जाने पर सभी श्रद्धालुओं को बधाई देते हुए कहा कि बाबा केदार हम सभी पर अपनी कृपा बनाकर रखें। बाबा केदार के आशीर्वाद से हम कोरोना की इस वैश्विक महामारी को हराने में अवश्य कामयाब होंगे। कोरोना के कारण इस बार आम जन दर्शन के लिये नहीं आ सके। हम सभी के मन में बाबा केदार के लिए अपार श्रद्धा है। बाबा केदार, अपने भक्तों पर स्नेह बनाये रखें, यही कामना है।

ऋषिकेश के सतीश ने सजाया है केदारनाथ मंदिर
देवस्थानम बोर्ड के कार्यधिकारी एनपी जमलोकी ने बताया कि संगम से मंदिर परिसर तक बर्फ को काटकर चार फीट से अधिक चौड़ा रास्ता बनाया गया है।

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए जारी लॉकडाउन के कारण इस बार आम श्रद्धालु कपाटोद्घाटन के साक्षी नहीं बन पाएंगे।

केदारनाथ धाम के कपाट बुधवार को खुल गए हैं। धाम को सुंदर फूलों से सजाया गया है। इस काम को अंजाम दिया है तीर्थनगरी के सतीश कालड़ा ने।

सतीश ने बताया कि मंदिर को 10 क्विंटल फूलों से भव्य तरीके से सजाया गया है। प्रतिवर्ष वह बदरीनाथ मंदिर को भी सजाने का कार्य करते हैं।
डाक से भेजा जाएगा भक्तों को प्रसाद
केदारनाथ मंदिर को सजाने का सौभाग्य उन्हें पहली बार मिला है। इधर, उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी हरीश चंद्र गौड़ ने बताया कि कोरोना की गंभीरता को देखते हुए सीमित संख्या में बोर्ड कर्मियों, हकूकधारी तीर्थ पुरोहितों एवं प्रशासन के लोगों को केदारनाथ धाम जाने की अनुमति दी गई है।

देवस्थानम बोर्ड को केदारनाथ धाम के कपाटोद्घाटन के लिए कोरोना संक्रमण से पूर्व दस लाख की ऑनलाइन बुकिंग मिल चुकी थी। ये सभी बुकिंग महाभिषेक पूजा व रुद्राभिषेक पूजा की थी, लेकिन लॉकडाउन के कारण श्रद्धालु धाम नहीं जा पाएंगे। बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश चंद्र गौड़ ने बताया कि ऑनलाइन जितनी बुकिंग मिली है, उनकी पूजा कर प्रसाद डाक से भेजा जाएगा।

केदारनाथ में सन्नाटा
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जारी लॉकडाउन ने इस वर्ष केदारनाथ यात्रा को परंपराओं तक समेटकर रख दिया है। रुद्रप्रयाग से लेकर केदारघाटी के बाजारों और धाम में सन्नाटा पसरा हुआ है। कारोबार पूरी तरह से चौपट हो चुका है।

यात्रा में फूल, पूजा-सामग्री, चाय की दुकान, ढाबा, होटल, रेस्टोरेंट, धर्मशाला/लॉज, भोजनालय, पानी/जूस, पार्किंग, पंचर, प्रसाद आदि से लाखों-करोड़ों का कारोबार होता आया है, लेकिन इस बार केदारनाथ धाम में प्रशासन, पुलिस और देवस्थानम बोर्ड के 35 लोग मौजूद हैं।
केदारघाटी में होता वर्ष का नया दिन
वयोवृद्ध तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती बताते हैं कि बाबा केदार धाम के कपाट खुलने का दिन केदारघाटीवासियों के लिए वर्ष का नया दिन जैसा होता है। इसी दिन से वे लोग अपनी वर्षभर की आजीविका का लेखाजोखा भी शुरू करते हैं।

यात्रा से घाटी के 80 से अधिक गांवों के हजारों परिवार जुड़े हैं, जो स्थानीय बाजारों से लेकर पैदल मार्ग व धाम में व्यवसाय करते हैं। तीर्थ पुरोहित शीतकाल में देश के अलग-अलग राज्यों/शहरों में जाकर अपने यजमानों को यात्राकाल में बाबा के दर्शनों के लिए केदारनाथ आने का न्योता देते हैं।
केदारनाथ धाम में चारों ओर बर्फ ही बर्फ
केदारनाथ धाम में इस साल अधिक बर्फ गिरने की वजह से मंदिर के चारों ओर बर्फ ही बर्फ दिखाई दी। यहां पहुंचे लोगों ने मंदिर के आसपास कुछ बर्फ साफ भी की, किंतु परिसर में करीब 4 फीट बर्फ के बीच आने जाने के लिए रास्ता बनाया गया है। बीते सालों की तुलना में इस बार केदारनाथ में काफी बर्फ दिखाई देगी। एक ओर यहां लगातार बर्फ गिरती रही, वहीं कोरोना संकट के चलते केदारनाथ यात्रा पर सरकार और प्रशासन द्वारा ज्यादा फोकस नहीं किया गया जिससे समय पर व्यवस्थाएं बहाल नहीं हुई।

26 को खुले थे गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट
विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट रविवार को अक्षय तृतिया के मौके पर वैदिक मंत्रोच्चारण व पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए। गंगोत्री धाम के कपाट 12:35 व यमुनोत्री के कपाट ठीक दोपहर 12:41 पर खोले गए। दोनो धामों के कपाट खुलने के बाद आगामी छह माह तक श्रद्धालु धामों में मां गंगा व यमुना के दर्शनों के भागी बन सकेंगे। हालांकि लॉकडाउन के कारण कपाट खोलते वक्त श्रद्धालु नहीं पहुंच सके।

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

फतह मुबारक हो मुसलमानो, भारत के खिलाफ जीत इस्लाम की जीत…जश्न मनाने के बदले जहर उगलने लगा पाक

नई दिल्ली 25 अक्टूबर 2021 । खराब बल्लेबाजी और खराब गेंदबाजी की वजह से टीम …