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मध्यप्रदेश बीजेपी विधायकों ने गृह मंत्री अमित शाह से मांगी सुरक्षा

भोपाल 8 मार्च 2020 । मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के विधायकों की सुरक्षा वापस लिये जाने के बाद पार्टी के एक पदाधिकारी ने शनिवार को इन विधायकों के लिये गृह मंत्री अमित शाह से केंद्रीय सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है. इससे पहले शुक्रवार को बीजेपी के दो विधायकों संजय पाठक और विश्वास सारंग ने प्रदेश सरकार द्वारा अपने निजी सुरक्षा अधिकारी :पीएसओ: को हटाये जाने के बाद अपनी जान को खतरा बताया था. प्रदेश बीजेपी के उपाध्यक्ष एवं भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से विधायक रामेश्वर शर्मा ने बताया कि उन्होंने केन्द्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखा है और उनसे बीजेपी के विधायकों के लिए केन्द्रीय सुरक्षा बलों की सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग है.

शर्मा ने कहा, ‘‘प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह से मतभेद रखने वाले कांग्रेस के विधायकों सहित भाजपा, बसपा, सपा और निर्दलीय विधायकों के जीवन को यहां खतरा है. प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को रातों रात हटा दिया गया क्योंकि उन्होंने सरकार की बात मानने से इंकार कर दिया है. इसका मतलब है कि कांग्रेस सरकार पुलिस बल का दुरुपयोग करना चाहती है.”

बीजेपी विधायक ने कहा कि हमें मध्यप्रदेश की पुलिस पर भरोसा है लेकिन उसे प्रदेश सरकार की दबाव में काम करना पड़ रहा है. इसलिए ऐसी स्थिति में हम केन्द्रीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए केन्द्र सरकार से अनुरोध करते हैं.”

विधायकों के पीएसओ बदलने की प्रक्रिया पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश के मंत्री पीसी शर्मा ने शनिवार को कहा कि पुलिस की यह सामान्य नियमित प्रक्रिया है. उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, ‘‘यह एक नियमित प्रक्रिया है. लेकन उन्हें डर क्यों लग रहा है. लगता है कि बीजेपी शासनकाल में शुरू हुए उनके अवैध काम अब भी चल रहे हैं.”

इससे पहले शुक्रवार को बीजेपी विधायक पाठक और सारंग ने पिछले 10-20 सालों से उनकी सुरक्षा में लगे पुराने पीएसओ को हटाये जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए सरकार के इस कदम से अपनी जान को खतरा बताया था.

भाजपा विधायक के रिसॉर्ट पर चला बुलडोजर
मध्यप्रदेश के बांधवगढ़ में प्रशासन ने भाजपा विधायक संजय पाठक के रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलाया है। प्रशासन का कहना है कि रिसॉर्ट को धवस्त करने से पहले भूमि अतिक्रमण के खिलाफ नोटिस दिया गया था। इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने रिसॉर्ट को ध्वस्त कर दिया।

वहीं, संजय पाठक का कहना है कि यह सरकार द्वार बदले की भावना से की गई कार्रवाई है। बता दें कि संजय पाठक का नाम कथित रूप से विधायकों की खरीद-फरोख्त में भी आया था। हालांकि, उन्होंने ऐसे किसी भी मामले में शामिल होने से इनकार किया था।

इससे पहले भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री संजय पाठक ने कांग्रेस में शामिल होने की अफवाहों को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि मैं भाजपा का हिस्सा था, मैं भाजपा का हिस्सा हूं और हमेशा भाजपा में रहूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि मैंने मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात नहीं की है। कल रात मुझे अगवा करने की कोशिश की गई। इस राजनीतिक खेल में मुझे उम्मीद है

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