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मडी ने दूसरी शादी के लिए इस्लाम अपनाया और बना ली करोड़ों की प्रॉपर्टी

नई दिल्ली 19 अक्टूबर 2019 । पीएमसी यानी पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक. इस बैंक पर 4355 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है. इसके एमडी रहे जॉय थॉमस घोटाले के मुख्य आरोपी हैं और फिलहाल जेल में हैं. उनके बारे में नई जानकारी सामने आई है. आरोप है कि उन्होंने पुणे में अपनी दूसरी पत्नी के साथ मिलकर 10 प्रॉपर्टी खरीदी. दूसरी शादी के लिए जॉय ने धर्म बदल लिया. जॉय की दूसरी पत्नी बैंक में ही उनकी असिस्टेंट थी. इस्लाम अपनाने के बाद उन्होंने अपनी असिस्टेंट से दूसरी शादी की. और अपना नाम जॉय थॉमस से बदलकर जुनैद खान कर लिया.

जॉय थॉमस ने 2012 से पुणे के कोंढवा और अन्य क्षेत्रों में नौ फ्लैट और एक दुकान खरीदी. दस संपत्तियां जॉय थॉमस और उनकी दूसरी पत्नी ने संयुक्त रूप से खरीदी थीं. आर्थिक अपराध शाखा ने मामले की जांच में पाया कि सभी संपत्तियां 2012 में खरीदी गई. उसी समय एचडीआईएल ग्रुप के प्रमोटर्स राकेश और सारंग वाधवान पिछला कर्ज चुकाए बिना ही बैंक से अतिरिक्त राशि लेने लगे.

जांच एजेंसी इस बात का पता लगा रही है कि संयुक्त रूप से खरीदी गई इन संपत्तियों के लिए पैसा कहां से आया. जांच टीम के एक सीनियर पुलिस अधिकारी का कहना है कि ये प्रॉपर्टी जॉय और उसकी दूसरी पत्नी ने संयुक्त रूप से खरीदी है. इन प्रॉपर्टी में किसका कितना हिस्सा है इस बारे में हम पता लगा रहे हैं. इन प्रॉपर्टी को अटैच करना मुश्किल है. लेकिन अगर हम ये साबित करने में कामयाब रहे कि इन प्रॉपर्टी को फ्रॉड के पैसे से खरीदा गया है तो हम इसे अटैच करने की कार्रवाई कर सकते हैं.

PMC Bank

अधिकारी ने बताया कि संयुक्त रूप से खरीदी गई इन दस संपत्तियों के अलावा जॉय थॉमस का ठाणे में एक फ्लैट और कमर्शियल प्रॉपर्टी है. जो उनके बेटे और पहली पत्नी के नियंत्रण में है.

जॉय थॉमस के बारे में कहा जा रहा है कि उसने दूसरी शादी के लिए इस्लाम अपनाया. और जुनैद खान बनकर अपनी असिस्टेंट से दूसरी शादी की. पुणे में खरीदी गई संपत्तियां ज्यादातर जुनैद खान और पत्नी के बदले हुए नाम के साथ खरीदी जाती रहीं. जॉय थॉमस की पहली पत्नी ने तलाक के लिए अर्जी दी है. केस अंतिम चरण में है.

जॉय थॉमस को 4 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था. कोर्ट ने 17 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है. भारतीय रिजर्व बैंक को 21 सितंबर को लिखे पांच पन्ने के पत्र में थॉमस ने बैंक के वास्तविक एनपीए और एचडीआईएल के कर्ज के बारे में वास्तविक जानकारी छिपाने में शीर्ष प्रबंधन समेत निदेशक मंडल के कुछ सदस्यों की भूमिका को कबूल किया था.

दरअसल आरबीआई की पाबांदियों के बाद ही बैंक में वित्तिय अनियमितताओं के बारे में पता चला था. 23 सितंबर को जब रिज़र्व बैंक ने रोक लगाई, उसके पहले के 5 दिनों में बैंक से 3200 करोड़ निकाले गए थे. यानी किसी को पता था कि बैंक डूबने जा रहा है.

बिजनेस टुडे की खबर के मुताबिक मुंबई पुलिस ने पता लगाया है कि पीएमसी बैंक के अधिकारियों ने हाउसिंग डेवलपमेंट इंफ्रा लिमिटेड के आला अधिकारियों के पर्सनल खाते में 2000 करोड़ तक ट्रांसफर किए थे. पीएमसी बैंक के प्रबंध निदेशक ज़ॉय थॉमस ने बताया था कि बैंक ने एचडीआईएल ग्रुप की कंपनियों को 2500 करोड़ का लोन दिया गया था. इसमें से 11 कंपनियों का पता चला है जिन्हें 1658 करोड़ का लोन दिया गया है.

आरबीआई के नए कदम से ग्राहकों को थोड़ी राहत मिलेगी.फोटो-पीटीआई

पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक की स्थापना 1984 में हुई थी. सात राज्यों में इस बैंक की 137 शाखाएं हैं. बैंक के 51,601 सदस्य हैं. 23 सितंबर को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एक नोटिस जारी किया था. कहा था कि बैंक के कस्टमर अगले 6 महीने तक 1000 रुपए से ज्यादा नहीं निकाल पाएंगे. बैंक में कोई नया फिक्‍सड डिपॉजिट अकाउंट नहीं खुल सकेगा. बैंक कोई नया लोन नहीं दे पाएगा. इसके बाद बवाल हुआ. आरबीआई ने ये सीमा 10 हजार और फिर 25 हजार कर दी. हालांकि कस्टमर्स की परेशानी कम नहीं हुई है. और बवाल जारी है.

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