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स्वच्छता के लिहाज से देश में आइकोनिक बना महाकाल मंदिर

नई दिल्ली 3 अक्टूबर 2018 । स्वच्छता के लिहाज से दुनिया में प्रसिद्ध उज्जैन महाकाल ज्योर्तिलिंग मंदिर देश में आइकोनिक बना हैं। हालांकि इसकी घोषणा पूर्व में ही हो चुकी थी लेकिन 2 अक्टूबर महात्मा गांधी की जयंति के अवसर पर दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में यह बेस्ट आइकोनिक प्लेस अवार्ड प्रदान किया गया।

कलेक्टर मनीष सिंह की ओर से इस अवार्ड को लेने के लिए उज्जैन से महाकाल मंदिर प्रशासक अभिषेक दुबे दिल्ली पहुंचे थे। केंद्रीय पेयजल व स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने ये अवार्ड प्रदान किया। गौरतलब है कि महाकाल मंदिर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए तत्कालीन कलेक्टर संकेत भोंडवे ने प्रयास किए थे।

पूरे प्रांगण में स्वच्छता रखने सहित अन्य कार्य उनके द्वारा शुरू किए गए थे। जिसे वर्तमान कलेक्टर मनीष सिंह ने आगे बढ़ाया और साथ ही अन्य कार्य व व्यवस्थाएं भी जोड़ी। जिस पर अब उज्जैन का महाकाल मंदिर देश में नंबर 1 बना और उसे बेस्ट आइकोनिक प्लेस का प्रथम पुरस्कार मिला।

कलेक्टर सिंह के आदेश, पुलिस व सुरक्षागार्ड्स छोड़ सरेराह कोई डंडा लेकर भी नहीं घूम सकेगा

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव नवंबर-दिसंबर में प्रस्तावित हैं। जिस कारण प्रदेश में जल्द ही आचार संहिता लागू होने के आसार है। चुनाव में कोई खलल उत्पन्न न हो और निर्वाचन की पूरी प्रक्रिया निर्विवाद रूप से संपन्न हो, इसके लिए उज्जैन कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी मनीषसिंह ने मंगलवार को एक और आदेश जारी किए।

इस आदेश के तहत पुलिस व निजी सुरक्षागार्ड्स छोड़ कर जिले का कोई भी व्यक्ति सरेराह व खुलेआम डंडा लेकर भी नहीं घूम सकेगा। इसी प्रकार लाइसेंसी शस्त्रधारियों को 7 दिन के भीतर अपनी व अपने शस्त्र की सारी जानकारी संबंधित थाने को देनी होगी अन्यथा एकतरफा कार्रवाई के तहत उनके लाइसेंस तत्काल निलंबित कर शस्त्र जब्त कर लिए जाएंगे। जिले की कानून व्यवस्था माकूल बनाने के इरादे से कलेक्टर सिंह ने दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 की शक्तियों का इस्तेमाल कर ये आदेश जारी किए हैं। इसके तहत किसी भी सार्वजनिक स्थान पर धारदार हथियार, आग्नेय शस्त्र, हॉकी, डंडा व ठोस वस्तुओं का प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा व उन्हें साथ लेकर घूमा भी नहीं जा सकेगा।

इनका कहना-

ये आदेश जन-सामान्य व उनकी सुरक्षा से संबंधित हैं। जिसे दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (1) के तहत एक पक्षीय पारित किया गया हैं। जो भी व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करते पाया जाएगा, उसके खिलाफ धारा 188 में प्रकरण भी दर्ज किया जा सकता हैं। जिन मामलों में पूर्व में शस्त्र जमा करने व आदेश जारी हैं। वे आदेश भी प्रभावशील हैं।

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