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नहीं रहे हल्दीराम भुजियावाला के मालिक महेश अग्रवाल

नई दिल्ली 7 अप्रैल 2020 । देश विदेश में मशहूर नमकीन और मिठाई के प्रीमियम ब्रांड हल्दीराम भुजियावाला के मालिक महेश अग्रवाल का निधन हो गया है. महेश अग्रवाल का निधन सिंगापुर में हुआ है. महेश अग्रवाल 57 साल के थे. सिंगापुर में उनका लिवर से जुड़ा इलाज चल रहा था. रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार देर रात को उनका निधन हुआ है. महेश अग्रवाल का परिवार इस वक्त सिंगापुर में है. फ्लाइट न चलने की वजह से उनका परिवार भारत नहीं आ पा रहा है.

लिवर ट्रांसप्लांट के बावजूद नहीं बची जान

सिंगापुर के एक अस्पताल में महेश अग्रवाल का लिवर ट्रांसप्लांट किया गया था, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी है.

बता दें कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए केंद्र सरकार ने सभी अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी हैं. भारत सहित कई देशों में कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए लॉकडाउन लागू है और लोग अपने घरों में बंद हैं.

सिंगापुर की सरकार ने भी लॉकडाउन का ऐलान किया है. यहां की सरकार 7 अप्रैल से एक महीने तक के लिए लॉकडाउन का ऐलान कर चुकी है. लिहाजा महेश अग्रवाल के परिवार को घर वापसी की चिंता सता रही है.

हल्दीराम भुजियावाला: बीकानेर में नाश्ते की एक दुकान, कैसे बनी देश की शान

हल्दीराम भुजियावाला के मालिक महेश अग्रवाल का निधन 4 अप्रैल को सिंगापुर में हो गया. 57वें जन्‍मदिन से ठीक एक दिन पहले महेश अग्रवाल का निधन का हुआ. महेश अग्रवाल कोलकाता में पारिवारिक कारोबार को संभालते थे. कंपनी को इस बुलंदी तक पहुंचाने में महेश अग्रवाल का बड़ा योगदान है.

अब हल्दीराम कंपनी की बात करते हैं, इस कंपनी के पीछे अग्रवाल परिवार के कई पीढ़ियों की मेहनत छुपी है. हल्दीराम कंपनी की शुरुआत एक छोटी-सी दुकान से हुई थी. गंगाविशन अग्रवाल ने राजस्थान के बीकानेर में एक छोटी-सी दुकान साल 1937 में शुरू की थी. जिसमें वो मिठाई और नमकीन बेचा करते थे. यह वास्तव में इनके पिता तनसुखदास के द्वारा शुरू किया गया भुजिया सेव का व्यापार था.
गंगाविशन अग्रवाल के पोते महेश अग्रवाल थे. महेश अग्रवाल के पिता रामेश्वर लाल अग्रवाल थे, जो गंगाविशन अग्रवाल के बड़े बेटे थे. महेश अग्रवाल के पिता रामेश्वर लाल अग्रवाल को भुजिया कारोबार को बढ़ाने का श्रेय जाता है. उन्होंने ही 1970 में कोलकाता में मैन्यूफैक्चरिंग की शुरुआत की थी.

रामेश्वर अग्रवाल ने व्यापार को आगे बढ़ाते हुए कोलकाता में ‘हल्दीराम भुजियावाला’ के नाम से एक दुकान शुरू की थी. और फिर पिता के कारोबार को महेश अग्रवाल आगे बढ़ा रहे थे. कोलकाता में हल्दीराम भुजियावाला (प्रतीक फूड प्रॉडक्ट्स) के ऑनर महेश अग्रवाल थे.

कंपनी का विस्तार
हल्दीराम कंपनी नागपुर में करीब 100 एकड़ में फैली है. इसके अलावा बीकानेर, कोलकाता और दिल्ली में कंपनी का बड़ा कारोबार है. अग्रवाल परिवार ने 1883 में कंपनी के कारोबार को दिल्ली में विस्तार दिया.
उसके बाद अग्रवाल परिवार ने 1985 में हल्दीराम कंपनी को देश-दुनिया में विस्तार देने के लिए रोडमैप बनाया. मेहनत रंग लाई और कंपनी को 1990 में एक अलग पहचान मिली. प्रोडक्ट्स की मांग दुनियाभर में होने लगी.

मौजूदा समय में भारत के अलावा दुनियाभर में हल्दीराम प्रोडक्ट्स की खास डिमांड है. हल्दीराम कंपनी को इसकी ट्रेडिशनल भुजिया से खास पहचान मिली है और हल्दीराम भुजिया की ही सबसे ज्यादा मांग है.

हल्दीराम के करीब 400 तरह के प्रोडक्ट्स बाजार में हैं. साल 2018 में हल्दीराम के रेवेन्यू में 13 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी. इस बढ़ोतरी के साथ कारोबार 4000 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया था.
हल्दीराम के कुछ खास प्रोडक्ट्स जिसमें भुजिया सेव, सोहन पापड़ी, कई प्रकार के नमकीन और स्नेक्स का स्वाद हर किसी के जुबान पर चढ़ा हुआ है. बीकानेर से शुरू हुआ हल्दीराम का एक छोटा-सा कारोबार अपने स्वाद के बल पर आज पूरी दुनिया में फैल चुका है.

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