मुख्य पृष्ठ >> खास खबरें >> मण्डला की मिनी सिंह ने मलेशिया में एशिया पेसफिक गेम्स में राष्ट्र को गौरान्वित किया गोल्ड सिल्वर ब्रांज मैडल जीतकर इतिहास रचा

मण्डला की मिनी सिंह ने मलेशिया में एशिया पेसफिक गेम्स में राष्ट्र को गौरान्वित किया गोल्ड सिल्वर ब्रांज मैडल जीतकर इतिहास रचा

मंडला 20 सितम्बर 2018 । मध्यप्रदेश के वनवासी बाहुल्य मण्डला जिले की उड़न परी मिनी सिंह ने अपने नाम के विपरीत बड़ी कामयाबी अपनी खेल प्रतिभा के जरिये मलेशिया की सरज़मी में हासिल की है. मिनी सिंह ने 7 से 15 सितम्बर के दौरान सम्पन्न हुये एशिया पेसफिक स्पोर्ट्स इवेंट्स 2018 मलेशिया में 64 देशो के खिलाड़ियों की प्रतियोगिता में पांच हजार मीटर रन एन्ड वाक में गोल्ड मैडल, पन्द्रह सौ मीटर दौड़ में सिल्वर मैडल और फोर इन टु फोर यानी चार गुना चार दौड़ में ब्रांज मैडल जीतकर भारत को गौरान्वित कर स्वर्णिम इतिहास रच दिया है।
मण्डला की मिनी सिंह ने मलेशिया में एशिया पेसफिक गेम्स में राष्ट्र को गौरान्वित किया गोल्ड सिल्वर ब्रांज मैडल जीतकर इतिहास रचा
मण्डला नगर की इस उड़नपरी मिनी सिंह के पिता मदन सिंह देश के नामचिन्ह हाकी के राष्ट्रीय कोच भारतीय खेल प्राधिकरण दिल्ली के बैनर तले हाकी के बेहतरीन प्रशिक्षक पद में बर्ष 1972 से 2001 तक अपनी सेवा देने का गौरव प्राप्त किया हैं यही नही मिनी की दो अन्य बहिने भी अनेक खेल प्रतियोगिता में अपनी पहचान से पहचानी जाती हैं . मण्डला जैसे जिले में खेल गतिविधियों के संसाधनों के अभाव में और मुरझाई खेल रुचि मैदानों औऱ स्टेडियम की अपरिपूर्णता के साये में मिनी सिंह की एक साथ खेल जगत के तीन सर्वोच मैडल जिन्हें संसार भर में गोल्ड, सिल्वर और ब्रांज यानी सोना चांदी कांस्य पदको को अपनी कड़ी न थकने वाली मेहनत ने मिनी सिंह और इनके पिता मदन सिंह ठाकुर की हौसला अफजाई ने मिनी सिंह को आज कंट्री स्टार बना दिया है ।

भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार अनेक अवसरों में खेल और खिलाड़ियों को उनके खेल हुनरों को प्रोत्साहन देने के लिए कोई कोर कसर से चूक नही करने के दावे करती हैं ,पर मिनी सिंह की इस ऐतिहासिक खेल उपलब्धियो पर हैरानी जनक बात यह सामने उजागर हुई कि मण्डला से मलेशिया की यात्रा में मिनी सिंह जैसे मध्यम वर्गीय परिवार को कठिनतम आर्थिक परेशानी से जूझते हुए लगभग दो लाख रुपये का बोझ झेलना पड़ा हैं । यह जन विज्ञान का झकझोर करने बड़ा जन सवाल हैं ,खेल गतिविधियों के दमदार जिम्मेदारों के भाषण और घोषणाएं के सच के दर्पण में मिनी सिंह का कैसा अस्क सामने है, सरकारी सुविधाओं की बयानबाजी का सच सामने हैं , इस दिशा में जन चर्चाओ में मिनी सिंह की अपरम्पार खेल पुरुस्कार सोना चांदी कांस्य के पदक मिनी के गले के हार बन तो बन गये पर क्या ये हार उसकी जीत की व्याख्या कर सकते है। यह विचारणीय प्रश्न दर सवाल है कि इस उड़नपरी की बेमिशाल कामयाबी को सरकारें अब कोई खेल पुरूस्कार से नबाजेंगी इसका इंतजार न केवल खेल खिलाड़ियों को हैं , इसके साथ आम जनो को भी हैं।
मण्डला से मलेशिया के 14 दिनी सफर से लौटने पर मण्डला वासियों ने मिनी सिंह का उत्साहित होकर फूल बर्षा से जगह जगह आत्मिक स्वागत वन्दन अभिनंदन किया गया . हां जनप्रतिनिधियों में मण्डला के पूर्व विधायक और वर्तमान में मध्यप्रदेस के आदिवासी वित्त विकास निगम के अध्यक्ष शिवराज शाह ने मिनी सिंह का स्वागत ही नही किया वरन मण्डला जिले की सीमा से उनके साथ रहे । इस बीच मण्डला में लोक सभा और राज्यसभा सांसद नगर पालिका की अध्यक्ष जिला पंचायत के जनप्रतिनिधियों नगर पालिका पार्षदों नगर रहवासियों मीडिया कर्मियों खेलाडियो सामाजिक संगठनों आदि ने मण्डला की उड़न परी जिसकी झोली में देश के लिए पदको की माला पहनी मिनी सिंह ने अपनी जीत के समय सबसे पहले राष्ट्र ध्वज को अपने सर आंखों से अभिवादन कर राष्ट्र ध्वज को लेकर मलेशिया राष्ट्र के पेनांग की सर जमी में फिर दौड़ लगाई यह देश प्रेम की गौरवमयी पहचान थी।
मिनी सिंह मण्डला से मलेशिया तक कि इस बेमिशाल कामयाबी के पीछे उसकी कड़ी मेहनत तो थी जो बीते कुछ सालों से रोज सुबह तीन चार बजे उठकर 20 से 25 कि मील दौड़ना दिन चर्या थी। पूरा परिवार खेल की दुनिया मे समाया हुआ होना भी मिनी सिंह की सफलता का राज हैं।पेशे से मिनी गेम्स टीचर हैं और वे मंडला के मवई और एकलव्य विद्यालय में भी 34 बच्चों को इस समय योगा में एक बेहतरीन मुकाम में पहुचाने को भी गौरव प्राप्त कर चुकी हैं।
अपनी इस सफलता की शुरुआत उन्होंने नेशनल प्रतियोगिता में स्वर्ण बटोर कर शुरू की थी ।मिनी सिंह ने बताया जबलपुर के जोधा सिंह जो मास्टर एथलेटिक्स एसोसिएशन ऑफ मध्यप्रदेस के प्रशिक्षक के प्रयास से मिनी सिंह मण्डला से मलेशिया की सरज़मी में अपने खर्चे पर गई ।
मिनी सिंह ने इस सफलता के मुकाम से आराम विराम को त्यागकर अब ओलंपिक गेम्स में मैडल पाने की तैयारी शुरू करने की बात इस आमने सामने की चर्चा में की हैं।कठोर परिश्रम की आदतन इस खिलाड़ी की कौन मदद करेगा यह भी साफ नही हैं जन भावना के स्वर मण्डला में उठे है कि अब सरकार आगे आये और इस प्रतिभा को उसके लक्ष्य पाने में सहयोग प्रदान करें जिले के वजनदार राजनेता लोकसभा सांसद से इस सम्बंध में दुरभाष से सम्पर्क साधने के प्रयास विफल हुये हैं ।
बहरहाल मिनी सिंह की इस सफलता पर मण्डला के विधायक संजीव छोटेलाल उइके ने इस राष्ट्र स्तरीय सफलता पर कहा कि मिनी ने स्वर्णिम इतिहास रचा हैं मण्डला के आदिवासी अंचल से हमारे जिले की बेटी ने देश का सम्मान बढ़ाया हैं जिले का नाम पूरे विश्व मे मान सम्मान से रोशन किया हैं ऐसी बेटी को सरकार अपने खेल पुरुस्कार दे कर सम्मानित करे और उसे सरकारी सेवा में पदोन्नति शीघ्र देकर आर्थिक मदद भी करे ताकि और भी खिलाडियों को खेल में रुचि जाग्रत हो सके ।
जबलपुर सम्भाग के डिप्टी कमिश्नर एस आर भारती ने कहा कि ये हमारे जनजाती विभाग का गौरव हैं कि मिनी सिंह हमारे विभाग की गेम्स टीचर हैं मण्डला के रामनगर ग्रामपंचायत के स्कूल में अपनी सेवा देते हुये खेल जगत में अपना और विभाग का नाम रोशन किया हैं।यह बेमिशाल हैं कि गेम्स टीचर ने मलेशिया में गोल्ड सिल्वर और ब्रांज मेडल नही मेडिलो की शानदार जीत देश प्रदेश का नाम रोशन किया हैं ।
मंडला के जनजाति विभाग के सहायक आयुक्त विजय तेकाम ने कहा मिनी सिंह ने विदेश की धरती में अपने खेलो से विभाग को गौरान्वित किया साथ ही मण्डला को एक पहचान दिलाई हैं।
मिनी सिंह की खेल प्रतिभा से हर्षित जिला पंचायत के सी ई ओ सोजान सिंह रावत ने तो एक कदम आगे बढ़कर मिनी सिंह की इस गौरवशाली सफलता पर कहा मण्डला की प्रतिभाओं की आईकॉन हैं मिनी सिंह हमारे यहाँ प्रतिभाओं की कमी नही हैं थोडे स्पोर्ट की जरूरत हैं। हम मिनी सिंह को निर्वाचन की स्वीप गतिविधियों के लिए मण्डला जिले का ब्रांड एम्बेसडर बनाने का प्रस्ताव देंगे।

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