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मनमोहन सिंह बोले- हमने पक्षपात नहीं किया, शिवराज गवाह हैं

इंदौर 22 नवम्बर 2018 । मध्य प्रदेश में जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है। वैसे-वैसे आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर तेज हो गया है। इसी कड़ी में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज इंदौर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके एमपी की शिवराज सरकार पर निशाना साधा।

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कहा कि, मध्य प्रदेश में किसान बहुत परेशान हैं। उनकी समस्याओं की फेहरिस्त बहुत लंबी है। इतना ही नहीं उन्होंने एमपी में हुए व्यापमं घोटाले का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि, एमपी में व्यापमं जैसा महाघोटाला हुआ। इतना ही नहीं पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने सीएम शिवराज सिंह के उन आरोपों को भी खारिज किया, जिसमें उन्होंने यूपीए सरकार के वक्त प्रदेश के साथ भेदभाव होने की बात कही थी। मनमोहन सिंह ने कहा कि, हमने मध्य प्रदेश के साथ कोई भदभाव नहीं किया है। इसके गवाह खुद शिवराज सिंह चौहान हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि, “मैं जब प्रधानमंत्री था तो मैंने शिवराज सरकार की हर संभव मदद की , मेरी यही कामना रही थी कि सभी राज्यों को जो सहायता चाहिए, वो मिलनी चाहिए। भाजपा सरकार के अब 5 से 6 माह बचे हैं, इस सरकार ने जनता से किए वादे पूरे नहीं किए हैं।

पूरे देश में सबसे भ्रष्ट है, मध्यप्रदेश सरकार: कमलनाथ
एक मौका और मांगने वाले शिवराज को प्रदेश की जनता बताये, विकास के लिये 15 वर्ष कम नहीं होते प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने आज छिंदवाड़ा जिले की अमरवाड़ा, नरसिंहपुर जिले की करेली और गाड़रवारा और रायसेन की भोजपुर (सुल्तानपुर) विधानसभा क्षेत्र के चुनावी सभाओं को संबोधित करते हुए भ्रष्टाचार, रोजगार, भावांतर, बुधनी और छिंदवाड़ा के विकास, औद्योगीकरण, नरेन्द्र मोदी और शिवराजसिंह के भाषण को लेकर सरकार पर कटाक्ष किया। इस दौरान विधानसभा प्रत्याशीगण, कांगे्रस के स्थानीय पदाधिकारीगण और भारी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। कमलनाथ द्वारा इन सभाओं में दिये गये भाषण के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:-

ऽ पूरे देश में सबसे भ्रष्ट सरकार है, मध्यप्रदेश की। यहां पर कोई उद्योग इसलिये नहीं आते, क्योंकि मध्यप्रदेश में कोई भी उद्योगपति आने के लिए तैयार ही नहीं होता। शिवराजसिंह ने मध्यप्रदेश की ऐसी स्थिति बना दी है कि यहां पर उद्योग लगाने और व्यवसाय करने मंे किसी की कोई रूचि नहीं बची है। ऽ मध्यप्रदेश में माफियाओं का राज है। रेत माफिया, शिक्षा माफिया, कोयला माफिया, शराब माफिया, स्वास्थ्य माफिया यहां की पहचान बन गयी है। पहले मध्यप्रदेश की पहचान शांति के टापू की थी जो अब बदलकर माफियाओं के गढ़ की बन गयी है। यहां भ्रष्टाचार की कोई सीमा नहीं है। ऽ भावांतर योजना में किसानों के साथ धोखा हुआ। जब तक व्यापारी प्रमाण-पत्र नहीं देता, तब तक किसानों को भावांतर का भुगतान नहीं होता। बैंक वाले भी बार-बार भगा देते हैं। अंततः किसानों की जगह व्यापारियों को ही फायदा मिलता है।ऽ पहले जब हम गांव-गांव जाते थे तो लोग कहते थे समर्थन मूल्य बढ़ाईये, आज किसान कहता है कि समर्थन मूल्य दिलवाईये। फसल आती है तो व्यापारी मूल्य कम कर देते हैं। सीजन जाने पर फिर बढ़ा देते हैं। सोयाबीन, चना, धान आदि सभी फसलों में किसान ठगा गया है। ऽ मैं शिवराज सिंह के क्षेत्र में बुधनी गया था। वहां लोगों ने कहा कि अच्छे दिन तो छोड़िए, हमारे बुरे दिन ही हमें लौटा दीजिए, वही दिन अच्छे थे। क्यांेकि फसलांे के दाम तो सही मिल जाते थे। ऽ सुल्तानपुर की सभा में कहा कि यहां की जनता ने भाजपा के एक ही परिवार का समर्थन किया है। लेकिन फिर भी यह क्षेत्र बदहाल है। नौजवान और किसान परेशान हंै। सच्चाई आपके सामने है। इसलिए बदलते वक्त में कांगे्रस का साथ दीजिए। ऽ अमरवाड़ा में कहा कि हमारा मालवा हो, निमाड़ हो बुंदेलखंड हो हर क्षेत्र के लोग दुःखी हैं। मैं तो आपसे कहता हूं जो किया गया है, वह सब आज आप लोगों के सामने हैं। मैने तो छिंदवाड़ा के लिए अपनी जवानी समर्पित कर दी। जब इन बच्चों का जन्म नहीं हुआ था, तब अमरवाड़ा क्या था, हरई क्या था, चैरई क्या था? क्या आज जैसी सड़कें थीं?
ऽ मैं तो मोदी जी को बोलता हूं कि छिंदवाड़ा से कुछ सीखकर जाईये और गुजरात में जाकर उसकी नकल कीजिए। दो हजार गांव की जिम्मेदारी यहां पर मैंने ली है। छिंदवाड़ा के लोगों से मेरा रिश्ता बहुत पुराना है। मैंने तो यही प्रयास किया कि छिंदवाड़ा की पहचान पूरे प्रदेश और देश मंे बने। ऽ अभी मोदी जी आये थे। दो करोड़ लोगों को रोजगार देने की बात करते थे, 15 लाख हर खाते में आने की बात करते थे, लेकिन अब वे ये सब बातें नहीं करते। कमलनाथ की बात करके गये हैं। ऽ हमारे नौजवान ही मध्यप्रदेश का निर्माण करेंगे। छिंदवाड़ा में मोदी जी ने 45 मिनिट में से 30 मिनिट कमलनाथ के बारे में बात की, लेकिन दो करोड़ लोगों को रोजगार देने की बातें नहीं की। हर खाते में 15 लाख आने की बात नहीं की। ऽ शिवराजसिंह कहते हैं कि हमारा काम तो अभी अधूरा रह गया है, अब एक मौका और दे दो। आप ही बताईये किसी मुख्यमंत्री के लिये क्या 15 साल कम होते हैं। जब 15 साल में कुछ नहीं कर पाये तो आगे क्या करोगे? सिर्फ घोषणाओं पर घोषणाऐं करते रहे, काम कुछ नहीं किया। ऽ शिवराजसिंह कहते हैं, किसान का बेटा हूं। महिलाओं से कहते हैं मैं तो मामा हूं, आपका भाई हूं। वाह शिवराज कितने कलाकार हैं आप। दिल की सुनिये, सच्चाई का साथ दीजिए। सच्चाई बताकर लोगों की आंख खोलिए। यह लूट और झूठ की सरकार है।
कांग्रेस के किसानो की कर्ज माफी के वचन पर

भाजपा फैला रही है झूठ व भ्रम

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि भाजपा व उसके नेतागण कांग्रेस के किसानांे के कर्जमाफी के वचन पर जान बूझकर झूठ परोस कर निरंतर भ्रम फैला रहे हंै।

नाथ ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंदसौर के पीपलिया मंडी में 6 जून 2018 को कांग्रेस की सरकार बनने पर दस दिन के अंदर किसानों के कर्ज माफी की घोषणा की थी। जिसे बाद में कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में भी प्रमुखता से शामिल किया है। कांग्रेस अपने वचन पत्र के प्रति कटिबद्ध है और इसे हर हालत में पूरा करेगी। लेकिन जो भाजपा अपनी 15 वर्ष की सरकार में भी किसानो का कर्ज माफी का वादा कर मुकर गयी। जिसने आज तक किसानों का एक रुपया का कर्ज भी माफ नहीं किया। जिसके राज में किसान सबसे ज्यादा दुखी हैं। सबसे ज्यादा आत्महत्या कर रहे हंै। जिसकी केन्द्र सरकार ने भी कर्ज के बोझ तले दबे किसानों के आँसू नहीं पौछे। वो आज कांग्रेस के कर्जमाफी के वचन पर झूठ व भ्रम परोस रहे हैं। वो कर्नाटक, पंजाब और केन्द्र की यूपीए सरकार के कर्ज माफी के झूठे आँकड़े परोस भ्रम फैला रहे है।

नाथ ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसानो की कर्जमाफी के मुद्दे पर मध्यप्रदेश में झूठ परोस रहे हंै। वहीं शिवराज सिंह भी निरंतर इस मुद्दे पर अपनी सभाओं में झूठ परोस रहे हैं। जबकि वास्तविक सच्चाई यह है कि कर्नाटक की कांग्रेस-जेडीएस सरकार ने अपने घोषणा पत्र के वादे के मुताबिक 5 जुलाई 2018 को अपने पहले बजट भाषण में किसानों के 2 लाख तक के कर्जमाफी की घोषणा कर इसके लिये 34000 करोड़ का बजट में प्रावधान उसी दिन किया। वहीं केन्द्र की यूपीए सरकार ने अपने वादे के मुताबिक फरवरी 2008 में करीब 70000 करोड़ रूपये की किसानों की ऐतिहासिक कर्जमाफी की थी। जो आज तक किसी भी सरकार ने नहीं की। यह सच्चाई है। वही पंजाब की अमरिंदर सरकार ने 19 जून 2017 को अपने घोषणा पत्र के वादे के मुताबिक पांच एकड़ तक भूमि वाले किसानों के 2 लाख तक के कर्ज माफी की घोषणा विधानसभा में कर अपने वादे को पूरा किया। चूंकि भाजपा मध्यप्रदेश में किसानो की कर्ज माफी से बचना चाह रही है। कर्ज माफी की पूर्व में भी घोषणा कर प्रदेश भाजपा सरकार मुकर चुकी है। कांग्रेस कर्ज माफी की घोषणा कर चुकी है। इसीलिये भाजपा जान बूझकर कर्नाटक, पंजाब की कांग्रेस सरकार की कर्ज माफी पर झूठ परोस कर किसानों को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।

नाथ ने प्रदेश के किसान भाइयों से भाजपा द्वारा फैलाये जा रहे इस भ्रम व झूठ से सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस हर हालत में किसानो के कर्जमाफी के अपने इस वचन को पूरा करेगी। सिर्फ यही नहीं हमारे वचन पत्र में शामिल हर बिंदु को हम पूरा करेंगे।

देश का सबसे बड़ा छात्रवृत्ति घोटाला मध्यप्रदेश में हुआ: भूपेन्द्र गुप्ता

प्रदेश कांगे्रस मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता ने आरोप लगाया है कि मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार ने युवाओं की नौकरियां तो छीनी हीं, स्कूल काॅलेजों में पढ़ने वाले हजारों की युवाओं की स्काॅलरशिप भी खा गये। मेहनती विद्यार्थियों के नाम की लाखों रुपयों की छात्रवृत्ति डकारने वालो पर शिवराजसिंह ने कोई कठोर कार्रवाई नही की है। मिलीभगत साफ है।
भूपेन्द्र गुप्ता ने कहा कि देश का सबसे बड़ा 452 करोड़ रूपये का छात्रवृत्ति घोटाला मध्यप्रदेश में हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा नेताओं को यह सब नहीं दिखता क्योंकि ऐसा घोटाला सरकार की मिलीभगत से ही हो सकता है। सरकार ने छात्रवृत्ति घोटाले को पूरी तरह दबा दिया है। जिन स्कूल कालेजांे ने बच्चों के हिस्से की छात्रवृत्ति हजम कर ली उन्हें खुला छोड़ दिया।
भूपेन्द्र गुप्ता ने चंद उदाहरण देते हुए कहा कि ग्वालियर के आदिम जाति कल्याण विभाग की मिलीभगत से 45 छात्रों के फर्जी दस्तावेज लगाकर उनकी 62 लाख की स्काॅलरशिप निकाल ली गई। जबलपुर में इंजीनियरिंग के बाद पैरामेडिकल काॅलेज में स्काॅलरशिप घोटाला हुआ। जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने पैंतीस काॅलेजों की जाँच की। सजा किसी को नही मिली। रीवा जिले के छह अलग-अलग काॅलेजों में छात्रों के वजीफे के नाम पर चार करोड़ रुपए अतिरिक्त निकाले गए। जांच में कुछ नही हुआ। सरकार ने भ्रष्ट अफसरों को बचा लिया।
गुप्ता ने कहा कि सरकार ने घपले करने के लिये एक भी विभाग नहीं छोड़ा। योग्य, कर्मठ और ईमानदार अधिकारियों को पीछे धकेलकर भ्रष्ट और अयोग्य चंद अधिकारियों के हाथ में सारी कमान सौंप दी, जिन्होंने शिवराजसिंह के साथ मिलकर पूरी की पूरी व्यवस्था नष्ट कर दी। खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।

अरूण यादव का सवाल- 14 सालों में 21 हजार घोषणाऐं करने वाले शिवराज बताऐ बुधनी में उनकी कितनी घोषणाऐं साकार हुई…
बुधनी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशी अरूण यादव ने आज बुधवार को उंचाखेडा, जलाखेडा, होलीपुरा, पांडाडो और क्षेत्र के विभिन्न गांवों में सघन जनसंपर्क करते हुए अपने प्रतिद्वंद्वी शिवराज सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने हर दिन औसतन चार-पांच से अधिक और 14 वर्षो में 21 हजार घोषणाऐं की है। जो सिर्फ शब्दों मे रह कर अमल में नहीं आ पाई।

उन्‍होंने कहा‍ कि कहा जा रहा है मध्यप्रदेश स्वर्णिम मध्यप्रदेश बन चुका हेै किंतु यदि कोई भी व्यक्ति सिर्फ शिवराज सिंह चौहान के निर्वाचन क्षेत्र बुधनी में ही आ कर देख ले तो उसे अंदाजा लग जाएगा कि स्वर्णिम मध्यप्रदेश नही, सिर्फ एक परिवार हुआ है। यदि यह गलत है तो शिवराज बताऐं कि बुधनी में चल रहे जुऐं के फड़, सटटे, शराब और गांजा बेचने वाले माफियाओं को किसका संरक्षण प्राप्त है। ऐसे अपराधियों के खिलाफ उन्हें कानून से शासित करने वाला पुलिस महकमा किसके निर्देश पर कार्यवाही करने में भयभीत है?

यादव ने कहा कि शिवराजसिंह भोली सूरत बनाकर यह साबित करने की कोशिश करते है कि उनसे बड़ा ईमानदार नेता समुचे देश में कोई नही है जबकि हकीकत यह है कि उनका परिवार व्यापम, डंपर घोटाले, रेत के अवैध उत्खनन और राजधानी भोपाल की बहुचर्चित घोटालेबाज गृहनिर्माण समिति रोहित गृह निर्माण समिति के घपलों में पूरी तरह शामिल है। मध्यप्रदेष के राजनैतिक इतिहास में यह पहला अवसर है कि किसी मुख्यमंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में उनकी पत्नि सहित उन पर जिला न्यायालय के निर्देष पर एफ0आर0आई0 दर्ज हुई हो । पिछले 14 वर्षो में मुख्यमंत्री सहित लगभग 2 दर्जन मंत्रियों के खिलाफ प्रामाणिक सबूतों के आधार पर प्रारंभिक जांचोपरांत एफआरआई दर्ज हुई हो जिसे राजनैतिक दबाव के बाद लोकायुक्त संगठन ने क्लीन चिट भी जारी कर दी हो, ऐसा क्यो और किस लिये हुआ ? कांग्रेस सरकार में आने के बाद इन सभी घोटालों और भ्रष्टाचारों की फाईल पुनः खोलेगी।

यादव ने इस चुनाव में प्रदेश में विकास बनाम भ्रष्टाचार की लड़ाई को प्रमुख राजनैतिक मुददा बताते हुए कहा कि अपने द्वारा किये गये 176 घपलों-घोटालों और भ्रष्टाचार की पोल खुल जाने के बाद भाजपा अब मुददों से हट कर भटकाव की राजनीति प्रारंभ कर चुकी है। जिसे प्रदेष की जागरूक जनता भी भली-भांति समझ रही है और आने वाला कल इस प्रदेश में बदलाव की नीवं स्थापित करेगा।

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