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कई सही भविष्यवाणी कर चुके ज्योतिषी ने कहा-इस दिन शुरू होगा भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध

नई दिल्ली 27 फरवरी 2019 । इस समय देश में जो इस स्थिति बनी है, उसके अनुसार देश के कई ज्योतिषाचार्यों ने भारत की कुंडली का अध्ययन किया, और लगभग सभी ने एक मत से स्वीकार किया है कि आगामी दिनों में जल्दी ही भारत और पड़ोसी देश पाकिस्तान के बीच एक जबरदस्त महायुद्ध हो सकता है, इस युद्ध में पाकिस्तान की कुंडली के अनुसार उसका पलड़ा बहुत कमजोर होने के कारण भारत की बड़ी जीत होगी । कई सटीक भविष्यवाणी कर चुके ज्योतिषाचार्य पं. अरविंद तिवारी ने हिंदी वेबसाइट पत्रिका को बताया की इस समय भारत की कुंडली में दो ऐसे ग्रह है जो अपनी कुदृष्टि पाकिस्तान पर डाल रहे जिस कारण कुछ ही दिनों में एक बड़ा महायुद्ध होने के संकेत मिल रहे है ।

पंडित अरविंद तिवारी के अनुसार वर्तमान समयानुसार भारत की कुंडली का अध्ययन करने पर पता चलता है की भारत और पाकिस्तान के बीच में हो सकता है महायुद्ध या फिर एक छोटा युद्ध । आगामी 6 मार्च 2019 से राहु का गोचर कर्क से मिथुन राशि में होने जा रहा है । भारत की राशि से राहू का पाकिस्तान की राशि में जाना तथा मंगल का शनि को देखना एक ऐसा योग बना रहा है जो भारत और पाकिस्तान के बीच जल्दी एक बड़े युद्ध होने का संकेत दे रहे है । इससे पहले भी जब जब भारत-पाक युद्ध हुआ तब-तब भी ऐसी ही ग्रहों की स्थिति यां बनी हुई थी । इससे पता चलता है कि जल्द ही दोनों देशों के बीच युद्ध हो सकता है ।

LoC से सटे 27 गांव को खाली करवाने के आदेश.. लगता है कि जल्द कुछ ‘बड़ा’ होने वाला है

देश के लोगों में गुस्सा है और सेना अपना काम कर रही है। 14 फरवरी को पुलवामा में आ,त्मघाती ह’मले के बाद से ही एलओसी तनावपूर्ण और अलर्ट की स्थिति में है। पाकिस्तान की ओर से दोबारा किसी ह’मले होने की स्थिती को मद्देनजर रखते हुए सरकार ने एलओसी से सटे 27 से ज्यादा गांव खाली करने के आदेश दिए हैं। गांवों को खाली करने के लिए बेहद कम समय दिया गया है।

जम्मू और कश्मीर के राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा, एलओसी से सटे 27 से अधिक गांवों में रहने वाले लोगों को बुधवार और गुरुवार को सीमा पार से गो’लाबारी के बाद अचानक गांव खाली करने के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है। 14 फरवरी को पुलवामा में हुए ह’मले के बाद से एलओसी के आस-पास के इलाके तनावपूर्ण और अलर्ट की स्थिति में हैं। ग्रामीणों को केवल आवश्यक सामान ले जाने और उन अस्थायी आश्रयों जैसे स्कूलों और सरकारी भवनों में स्थानांतरित करने के लिए कहा गया है जो पाकिस्तानी सीमा से दूर हों।

पुलवामा ह’मले के बाद से ही इलाके में सेना ने सर्च ऑपरेशन चला रखा है। इस सर्च ऑपरेशन के चलते शुक्रवार को सेना और आं’तकियों के बीच मुठभेड़ भी हुई । इसी के बाद एलओसी से सटे गांव खाली करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। एलओसी के किनारे रहने वाले लगभग 830 लोगों को स्थानांतरित करना होगा। यहां के ग्रामीणों ने पिछले कुछ वर्षों में कई बार अपने घर खाली किए हैं। ऐसा पिछले चार सालों में तीन बार हुआ है। लोगों का कहना है कि हो सकता है नरेंद्र मोदी सरकार पाक पर ह’मला करने की तैयारी कर रही है इसलिए गांवों को खाली करने के आदेश दिए हैं ताकि सेना के लिए जगह खाली रखी जा सके।

एयर स्ट्राइक के चलते सेना हाईअलर्ट पर, स्कूलों व कॉलेजों में अवकाश घोषित

पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना द्वारा एलओसी पार कर बड़ी कार्रवाई करने के बाद जिला कांगड़ा के धर्मशाला स्थित 19वीं कोर सेना मुख्यालय योल व फरसेठगंज कैंट क्षेत्रों में हाईअलर्ट जारी किया गया है। योल सैन्य क्षेत्र व फरसेठगंज कैंट क्षेत्रों में संचालित केंद्रीय विद्यालय व आर्मी पब्लिक स्‍कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों के कारण स्‍कूल बंद रखे गए हैं। इसके अतिरिक्त बकलोह छावनी क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी किया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से सेना ने सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए हैं। योल के आर्मी स्कूल, केंद्रीय विद्यालय, कैंट बोर्ड हाई स्कूल, धौलाधार पब्लिक स्कूल को सुरक्षा की दृष्टि से मंगलवार को बंद कर दिया।

एक निजी स्कूल को छोड़कर तीन स्कूलों में पहले ही सेना के जवान तैनात हैं। वहीं, गुरु द्रोणाचार्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग के निदेशक ललित शर्मा ने बताया एहतियात के तौर पर कॉलेज में भी छुट्टी कर दी गई है। सैन्य क्षेत्र में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में भी कार्य ठप रहा।

पुलिस चौकी योल के प्रभारी सुरेश शर्मा ने बताया योल व समीपवर्ती क्षेत्रों में भी चौकसी बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि हर तरह की प्रिकॉशनल ली जा रही है। क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर लगाए नाकों के दौरान वाहनों की चेकिंग की जा रही है। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दे।

बौखलाहट में पाकिस्‍तान कोई जवाबी कार्रवाई न करें, इसी एहतियात में सरकार ने सेना को अलर्ट पर रखा है। योल कैंट पठानकोट से करीब 80 किलोमीटर दूर है व किसी भी तरह की आपात स्थिति में सेना यहां से एक्‍शन में आ सकती है। पठानकोट का कुछ हिस्‍सा पाकिस्‍तान के बार्डर के साथ लगता है।

अजीत डोभाल ने डिटेल में बताया कि इस हमले में क्या-क्या हुआ

सर्जिकल स्ट्राइक 2.0 करके भारत ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दे दिया है. पाकिस्तान पर स्ट्राइक के बाद भारत में ताबड़तोड़ बैठकों का दौर शुरू हुआ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी यानी CCS की बैठक हुई. बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा गृह मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री अरुण जेटली, एनएसए अजीत डोभाल समेत कई आला अफसर शामिल हुए. सूत्रों के मुताबिक बैठक के दौरान एयरफोर्स के ऑपरेशन और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई. बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने एयरफोर्स की पूरी स्ट्राइक का ब्योरा कमेटी के सामने विस्तार से रखा.

बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा गृह मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री अरुण जेटली, एनएसए अजीत डोभाल समेत कई आला अफसर शामिल हुए.
सिक्योरिटी कमेटी के सदस्यों को क्या बताया अजीत डोभाल ने?

सूत्रों के मुताबिक कमेटी के सदस्यों को एनएसए अजीत डोभाल ने बताया कि इस हमले में जैश-ए-मोहम्मद के करीब 25 टॉप कमांडर्स मारे गए हैं. ये जैश का बड़ा आतंकी कैंप था. यहां पर आतंकियों का लॉन्च पैड था. यहां उनकी ट्रेनिंग होती थी. फिर उनको आतंक फैलाने के लिए भेजा जाता था. जैश ने यहां फायरिंग रेंज, विस्फोटक टेस्टिंग सेंटर, एसी ट्रेनिंग सेंटर और बैरक बना रखे थे. इन सबको नेस्तनाबूद कर दिया गया है. यहां स्वीमिंग पूल और रिक्रिएशन सेंटर भी बना रखे थे. इन सबको ध्वस्त किया जा चुका है.

बालाकोट को क्यों चुना गया स्ट्राइक के लिए?

इंडिया टुडे के मुताबिक एनएसए ने बताया कि पुलवामा अटैक की प्लानिंग यहीं बनी थी. यहां करीब 200 से 300 आतंकियों को ट्रेनिंग दी जाती थी. 14 फरवरी को पुलवामा हमले के बाद 15 फरवरी को एयर चीफ मार्शल बीएस धनोवा ने अजीत डोभाल के सामने इस कैंप का पूरा ब्योरा रखा था. इस ब्योरे में बताया गया था कि यहां बड़े पैमाने पर आतंकियों को ट्रेनिंग दी जाती है. इन हालात में इसे ध्वस्त करना जरूरी है. इंडिया टुडे को मिली इंटेलीजेंट रिपोर्ट के मुताबिक इस ट्रेनिंग कैंप में जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मौलाना मसूद अजहर के बेटे अब्दुल्ला अजहर ने भी आतंक की ट्रेनिंग हासिल की थी. साल 2017 में अब्दुल्ला यहां ट्रेनिंग के लिए आया था. बाद में 10 दिनों के एक रिफ्रेशर कोर्स के लिए भी यहां आया था.

ट्रेनिंग सेंटर में और क्या-क्या?

पुलवामा हमले के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर फौरन ये सेंटर आ गया था. सूत्रों के मुताबिक इस वक्त यहां जैश-ए-मोहम्मद के 60 आतंकियों को 3 महीने की ट्रेनिंग दी जा रही थी. यहां आत्मघाती हमले और हमले में कारों आदि के इस्तेमाल की पूरी ट्रेनिंग दी जाती है. इस परिसर में जैश ने 5-6 बैरक बना रखे थे. और कुछ नए बैरक बनाने का काम चल रहा था. इस ट्रेनिंग सेंटर पर हर वक्त 200 से 300 से आतंकी मौजूद रहते थे. इस सेंटर में बॉर्डर एक्शन टीम BAT के सदस्यों को भी ट्रेंड किया जाता था. इस टीम के सदस्यों को बॉर्डर क्रास करने की ट्रेनिंग दी जाती थी. ये ट्रेनिंग पाकिस्तानी आर्मी के सहयोग से दी जाती थी.

मसूद अजहर के दो भाई इब्राहिम अजहर, ताल्हा सैफ और साला यूसुफ मारा गया, पाक ने कहा, भारत ने आक्रामकता के लिए मजबूर किया

भारतीय वायुसेना ने आज तड़के पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जैश ए मोहम्मद के ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। यह वायुसेना की बहुत बड़ी कार्रवाई थी। सुबह 3।30 बजे एलओसी को पार कर भारतीय वायुसेना के 12 मिराज विमानों ने जैश के ठिकानों को तबाह किया है। इस कार्रवाई को लेकर विदेश मंत्रालय ने प्रेस कॉंन्फ्रेंस की जिसमें विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा कि जैश ए मोहम्मद लगातार भारत में आत्मघाती हमले कर रहा था, जिसका जवाब दिया गया है।14 फरवरी को पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद ने हमला किया जिसमें हमारे 40 जवान शहीद हो गये। 20 साल से पाकिस्तान में जैश सक्रिय है। भारत की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान में पीएम इमरान खान की अध्यक्षता में पाकिस्तानी नेशनल सिक्यूरिटी कमेटी की मीटिंग हुई। मीटिंग के बाद भारत ने आक्रामकता के लिए मजबूर किया है, पाकिस्तान सही समय पर जवाब देगा।

बालाकोट में जैश के ट्रेनर मारे गये। पिछले दो दशक से जैश पाकिस्तान में ऐक्टिव, भारत लगातार जैश के खिलाफ पाकिस्तान से कार्रवाई की मांग करता रहा है। लगातार बढ़ते हमलों के बीच बड़ी कार्रवाई की जरूरत थी। कल रात भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें जैश ए मोहम्मद के कई आतंकी और जिहादी मारे गये हैं। हमारा निशाना आतंकी थे और हमने पूरी सावधानी बरती की कि किसी भी नागरिक की मौत ना हो। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद विदेश सचिव और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता किसी तरह के सवाल का जवाब नहीं दिया।

विजय गोखले ने कहा कि जैश के बालाकोट कैंप पर एयर स्ट्राइक की गयी है। यहां जैश का कमांडर मौलाना युसुफ अजहर ट्रेनिंग कैंप चला रहा था। पाकिस्तान ने कहा, भारत ने आक्रामकता के लिए मजबूर किया है, पाकिस्तान सही समय पर जवाब देगा।

मसूद अजहर का बड़ा भाई इब्राहिम अजहर भी भारतीय वायुसेना की कार्रवाई में मारा गया। इस हमले में जैश सरगना मसूद अजहर के साले मौलाना यूसुफ अजहर के भी मारे जाने की खबर आ रही है। यहां चर्चा कर दें कि यूसुफ और इब्राहिम कंधार विमान अपहरण में भी शामिल था।

PoK में एयर स्ट्राइक के लिए ग्वालियर, आगरा और बठिंडा से उड़े थे ये अलग-अलग फाइटर प्लेन

जम्मू कश्मीर में पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी कैंपों पर भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए हमले को ‘मिराज 2000’ ने अंजाम दिया. ये हमला वायुसेना के फाइटर, जेट और मिड रिफ्यूलर द्वारा किया गया. इस पूरे हमले के बारे में वायुसेना के अधिकारियों ने एनएसए अजीत डोवाल और पीएम मोदी को पहले ही जानकारी दे दी थी. वायुसेना ने अपने एक एक कदम के बारे में प्रजेंटेशन के माध्यम से एनएसए और पीएम को बताया था. मंगलवार सुबह इस ऑपरेशन की शुरुआत के लिए वायुसेना के लड़ाकू विमान मिराज 2000 ने ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरी थी. वायुसेना के अर्ली वॉर्निंग जेट विमानों ने पंजाब के बठिंडा एयरबेस से उड़ान भरी, वहीं हवा के बीच में ईंधन भरने वाले रिफ्यूलिंग टैंकर ने यूपी के आगरा एयरबेस से उड़ान भरी.

इसके साथ ही ऊंचाईं से नजर रखने के लिए वायुसेना ने अपने ड्रोन हेरोन सर्विलांस का इस्तेमाल किया.

पाक अधिकृत कश्मीर में मुजफ्फराबाद के पास मिराज काफी नीचे तक गया. हेरोस सर्विलांस द्वारा एयर स्ट्राइक करने से पहले ही इस बारे में पूरी प्रजेंटेशन भारतीय वायुसेना के अधिकारियों ने एनएसए अजीत डोवाल और पीएम मोदी को दिखा दी गई थी.

मिलिए दुश्मन के ‘विनाशक मिराज’ से
इस हमले को अंजाम देने के लिए एयरफ़ोर्स ने ‘मिराज-2000’ का इस्तेमाल किया. मिराज-2000 मल्टीरोल, सिंगल इंजन फाइटर प्लेन है. मिराज 2000 एक साथ कई निशाने पर हमला कर सकता है. मिराज हवा से जमीन और हवा से हवा में भी मार करने में माहिर है. इसमें पारंपरिक और लेजर गाइडेड बम को भी गिराने में सक्षम है. मिराज 2000 में हथियारों के लिए नौ हार्ड प्वाइंट हैं. प्लेन के नीचे पांच और दोनों तरफ के पंखों पर दो हथियार है. मिराज 2000 की अधिकतम रफ्तार 2,000 किमी/घंटा है. मिराज-2000 ने 1970 में पहली बार उड़ान भरी थी. मिराज 2000 विमानों का निर्माण फ्रांस में किया जाता है. रफाल बनाने वाली कंपनी ही मिराज का निर्माण करती है. दुनिया में भारत समेत 9 देश मिराज 2000 का इस्तेमाल करते हैं. इस समय भारत के पास 51 मिराज 2000 विमानों का बेड़ा है.

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