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महाराष्ट्र में कैबिनेट विस्तार के बाद पृथ्वीराज चव्हाण सहित कई नेता नाराज, दिल्ली में आज सोनिया गांधी के साथ अहम बैठक

नई दिल्ली 31 दिसंबर 2019 । महाराष्ट्र में कैबिनेट विस्तार के बाद राज्य कांग्रेस के कई नेता नाराज़ बताए जा रहे हैं. ख़बरों के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण, पूर्व मंत्री नसीम खान, तीन बार की विधायक प्रणीति शिंदे सहित संग्राम थोपते, अमीन पटेल, रोहिदास पाटिल जैसे नेता नाराज़ हैं. इनमें से कुछ ने मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाक़ात कर अपनी नाराज़गी जताई है. आज दिल्ली में महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं की सोनिया गांधी और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक है. इस बैठक में नाराज़ नेताओं के मुद्दे पर चर्चा हो सकती है. गौरतलब है कि महाराष्ट्र के उद्धव ठाकरे सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया. मुंबई के विधान भवन में हुए शपथ ग्रहण समारोह में अजित पवार, आदित्य ठाकरे सहित कुल 36 विधायकों ने शपथ ली है. शपथ लेने वाले प्रमुख चेहेरों में आदित्य ठाकरे, अजित पवार, शामिल थे. मंत्रिमंडल में 3 महिला विधायकों ने भी शपथ लिया. आदित्य ठाकरे को आगे करके उद्धव ने बता दिया कि आने वाली वक्त में किसका चेहरा आगे किया जाएगा. वैसे मुंबई शहर का शिवसेना ने कुछ ज़यादा ही ख्याल रखा है. उद्धव ठाकरे को मिलाकर शहर के 9 नेताओ को मंत्री बनाया गया है कैबिनेट में चार अल्पसंख्यक मंत्री भी हैं.
बेटा-बेटी, और भतीजा-भतीजे की सरकार
जिस तरह मंत्रिमंडल का गठन हुआ है उसको देखकर कहा जा सकता है कि इस सरकार में बेटा, बेटी, भतीजा-भतीजे मंत्री बन गए हैं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे अदित्य ठाकरे, शरद पवार के भतीजे अजित पवार, पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के बेटे अमित देशमुख, पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी नेता गोपीनाथ मुंडे के भतीजे धनंजय मुंडे, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एकनाथ गायकवाड़ की बेटी वर्षा गायकवाड़ ने ली मंत्री पद की शपथ ली है.

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आपको बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव मे बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं. बीजेपी और शिवसेना ने मिलकर बहुमत का 145 का आंकड़ा पार कर लिया था. लेकिन शिवसेना ने 50-50 फॉर्मूले की मांग रख दी जिसके मुताबिक ढाई-ढाई साल सरकार चलाने का मॉडल था. शिवसेना का कहना है कि बीजेपी के साथ समझौता इसी फॉर्मूले पर हुआ था लेकिन बीजेपी का दावा है कि ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ. इसी लेकर मतभेद इतना बढ़ा कि दोनों पार्टियों की 30 साल पुरानी दोस्ती टूट गई. इसके बाद बड़े नाटकीय घटनाक्रम के बाद शिवसेना ने एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बना ली. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव मे बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं.

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