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मीसाबंदी पेंशन योजना बंद, कमलनाथ सरकार ने जारी किए आदेश

भोपाल 3 जनवरी 2019 । आखिरकार मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार ने मीसाबंदियों को मिलने वाली पेंशन पर रोक लगा दी है। सरकार ने फिजूलखर्च रोकने के लिए ये कदम उठाया है। हालांकि सरकार की ओर से ये कहा गया है कि मीसा बंदी पेंशन योजना के तहत कई अपात्र लोगों को भी पेंशन मिल रही है, इसलिए पहले इसकी जांच होगी और उसके बाद ही योजना को लेकर फैसला लिया जाएगा। तब तक ये योजना बंद रहेगी।

गौरतलब है कि प्रदेश में जब भाजपा सरकार थी तब उसने मीसा बंदियों के लिए पेंशन योजना शुरू की थी। भाजपा सरकार ने इंदिरा गांधी के शासनकाल में आपातकाल के दौरान जेल में डाले गए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी व स्वयंसेवकों के लिए ये योजना शुरू की थी। लेकिन अब प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनते ही इसे बंद करने की कवायद है। कुछ कांग्रेसी नेता खुलकर मीसाबंदियो की पेंशन योजना को फिजूल खर्च बता चुके हैं। उनके मुताबिक भाजपा सरकार ने अपने खास लोगों को उपकृत करने के लिए ये योजना शुरू की और इस पर सालाना 75 करोड़ रुपये खर्च हो रहे थे। कांग्रेस की मीडिया प्रभारी शोभा ओझा ने तो ये भी कहा कि भाजपा सरकार मीसा बंदियों को 25000 रुपए प्रति माह दे रही थी, जबकि स्वतंत्रता सेनानियों को पेंशन नहीं मिल रही। ये फिजूलखर्ची है और इसे बंद किया जाना चाहिए। ऐसे में कमलनाथ सरकार ने इसे रोक दिया है।

सरकार ने गत 28 दिसंबर को ही मीसा बंदी पेंशन योजना की जांच के आदेश दिए। सरकार के मुताबिक इस योजना के तहत कई अपात्र लोग भी लाभ उठा रहे हैं, ऐसे में इसकी जांच की जाएगी। सरकार ने बैंकों को भी मीसा बंदी के तहत पेंशन रोकने के निर्देश जारी किए हैं।

आपको बता दें कि मीसा बंदी पेंशन योजना के तहत 2000 से ज्यादा लोगों को 25 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाती है। शिवराज सरकार ने साल 2008 में ये योजना शुरू की। 2008 में 3000 रुपए से शुरू होकर धीरे-धीरे 2017 में ये राशि बढ़ाकर 25 हजार रुपए कर दी गई।

गौरतलब है कि इमरजेंसी के दौरान कई लोग एक महीने तक भूमिगत रहे थे और इसके बाद उन्हें विधानसभा के दरवाजे पर गिरफ्तार किया गया था। वे 19 महीने नजरबंद रहे और इंदिरा गांधी की तानाशाह सरकार के कारण उन्हें बिना कारण जेल में रहना पड़ा था।

लोकसभा लड़ेंगे लक्ष्मण सिंह

पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के अनुज लक्ष्मण सिंह हालांकि विधानसभा में पहुंच तो गये हैं, लेकिन उनका अगला टारगेट लोकसभा ही है। वह राजगढ़ क्षेत्र से लोकसभा की उम्मीदवारी पेश कर सकते है।
लक्ष्मण सिंह पूर्व में भी सांसद रह चुके हैं और उनकी राजनैतिक पकड़ भी अपने अग्रज दिग्विजय सिंह की तरह ही हैं। उन्होंने राजगढ़ संसदीय क्षेत्र में बाकायदा अपना सघन संपर्क सतत बनाये रखा हैं।

राहुल भैय्या फिर आजमायेंगे किस्मत
अपने अजय सिंह राहुल भैय्या की किस्मत ऐनवक्त पर धोखा दे गई। अन्यथा सालों भाजपा सरकार से सड़कों व विधानसभा में लड़ाई लड़ने व घेरने वाले राहुल भैय्या कांग्रेस की सरकार बनने पर स्वयं ही हार गये।
सादगी और शालीन व्यवहार से भरे पूरे अजय सिंह राहुल भैय्या अभी भी भोपाल मे है और नियमित कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं से मिलकर 2019 के लिए पार्टी के संदर्भ में हौसला अफजाई कर रहे हैं। ऐसी संभावना है कि अब राहुल भैय्या 2019 के लोकसभा चुनाव में रीवा लोकसभा क्षेत्र से अपनी तकदीर आजमां सकते हैं। इसके लिए वह कार्यकर्ताओं से फीडबैक भी ले रहे हैं।

कांग्रेस के उस ऑडियो टेप में क्या है जिस पर मच गया बवाल?

राफेल विमान सौदे पर विवाद अभी थमा नहीं है, कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी को निशाने पर लिया है. कांग्रेस की ओर से बुधवार को एक ऑडियो टेप जारी किया गया, जिसमें गोवा सरकार के एक मंत्री किसी अन्य व्यक्ति से बात कर रहे हैं. इसमें दावा किया गया है कि राफेल विमान सौदे से जुड़ी सभी फाइलें मनोहर पर्रिकर के घर पर रखी हैं. राहुल गांधी ने भी लोकसभा में इस टेप का जिक्र किया. पढ़ें इस टेप में क्या था…

जारी किए गए ऑडियो में क्या है…

मिस्टर एक्स: गुड ईवनिंग सर

विश्वजीत राणे: बॉस, गुड ईवनिंग. आज एक तीन घंटे की कैबिनेट बैठक हुई थी.

मिस्टर एक्स: ओके.

विश्वजीत: इसको सीक्रेट ही रखिएगा.

मिस्टर एक्स: हां, हां.

विश्वजीत: आज बहुत लड़ाई हुई, बहुत लड़ाई. नीलेश ने अपने क्षेत्र से अधिकतर इंजीनियर अपने इलाके से लिए हैं, जयेश साल्गोनकर को लिस्ट मिल गई. हर कोई उससे लड़ रहा है. हर कोई नाराज है क्योंकि अभी तक नियुक्ति नहीं हो पाई है.

मिस्टर एक्स: ओके.

विश्वजीत: बापू सुदीन धवलालिकर से लड़ रहा था.

मिस्टर एक्स: ओके.

विश्वजीत: आज की बैठक में मुख्यमंत्री ने एक दिलचस्प बयान दिया. उन्होंने कहा कि राफेल से जुड़ी सारी जानकारी मेरे बेडरूम में हैं.

मिस्टर एक्स: आप ये क्या कह रहे हैं?

विश्वजीत: हां, मैं आपको बता रहा हूं.

मिस्टर एक्स: माय गॉड

विश्वजीत: तुम्हें इस बात को लेकर स्टोरी बनानी चाहिए. इसको क्रॉस चेक भी कर सकते हो.

मिस्टर एक्स: ओके.

विश्वजीत: इससे ही तुम्हें पता लग जाएगा कि आखिर उन्होंने क्या कहा था.

मिस्टर एक्स: आई स्वेर

विश्वजीत: उन्होंने (पर्रिकर) ने कहा था कि फाइल मेरे बेडरूम में हैं, यहां ही फ्लैट में. राफेल का सारा डॉक्यूमेंट उनके पास ही है. अब क्या वो चाहते थे कि क्या कोई दिल्ली जाकर इन्फॉर्म करे, ये मुझे नहीं पता है. मैं नहीं जानता.

मिस्टर एक्स: माय गॉड.

विश्वजीत: मैंने तुम्हें इस बारे में बताने के लिए ही फोन किया है.

आगे भी ऑडियो के कुछ हिस्से को जारी किया गया है. इस ऑडियो की पुष्टि vikashpath.com नहीं करता है, ये कांग्रेस की ओर से जारी किया गया है. गौरतलब है कि लोकसभा में आज कांग्रेस एक बार फिर राफेल डील का मसला उठाएगी. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज लोकसभा में बयान दे सकते हैं.

पूरी प्रशासनिक मशीनरी हुई अब गोविंद के हाथ ,जीएडी भी मिला

प्रदेश के सबसे वरिष्ठ कॉंग्रेस विधायक और प्रदेश के सहकारिता और संसदीय कार्य मंत्री डॉ गोविंद सिंह का कद अब और बढ़ गया है । मुख्यमन्त्री कमलनाथ ने आज एक आदेश जारी कर अब उन्हें सबसे महत्वपूर्ण सामान्य प्रशासन विभाग भी सौंप दिया ।

गौरतलब है कि यह विभाग अभी तक़ मुख्यमंत्री कमल नाथ ने खुद अपने अधीन ही रखा था । ये भी खबर आ रही थी कि डॉ गोविंद सिंह भी अपने मंत्रालय से संतुष्ट नही है । वे दिग्विजय सरकार में भी सहकारिता मंत्री थे और अब 15 साल बाद जब फिर सरकार की वापिसी हुई तब भी उन्हें सहकारिता मंत्री बनाया गया ।

जबकि वे लगातार चुंकव जीतते आ रहे है ।अब कमलनाथ ने उनके कद में इजाफ़ा करते हुए उनको सामान्य प्रशासन विभाग सौंपकर नौकरशाहों की कमान उनके अधीन कर दी ।

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