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अरुण जेटली की बेटी के खाते में मेहुल ने डाले रुपये : राहुल

भोपाल 23 अक्टूबर 2018 । कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के रायपुर में आयोजित किसान सम्मेलन में केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली पर जमकर हमला बोला। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि देश से हजारों करोड़ रुपये लेकर भागे मेहुल चौकसी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली की बेटी के खाते में रुपये ट्रांसफर किए हैं।

राहुल ने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस नेताओं ने प्रेसवार्ता में अरुण जेटली की बेटी के खाते में बैंक धोखाधड़ी के आरोपित मेहुल चोकसी द्वारा धनराशि भेजे जाने के सुबूत पेश किए थे। खाता नंबर तक बताया था। इस दौरान उन्होंने मोदी पर निशाना साधते हुए फिर कहा कि वह तो अंबानी के चौकीदार हैं।

दस दिन में कर्ज माफ करने का किया वादा

इस दौरान राहुल ने छत्तीसगढ़ के किसानों से वादा किया कि कांग्रेस की सरकार बनते ही 10 दिनों में कर्ज माफ हो जाएगा। किसानों को फसल की सही कीमत दिलाने के लिए हर जिले में फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगवाने की बात कही।

कांग्रेस फिर लागू करेगी पेसा कानून

इस दौरान राहुल ने कहा कि कांग्रेस हमेशा किसानों, मजदूरों और आदिवासियों की चिंता करती रही है। इसी कारण पेसा कानून, भूमि अधिग्रहण और वनभूमि का कानून लागू किया था, लेकिन भाजपा सरकार ने इन कानूनों को खत्म कर दिया। कांग्रेस की सरकार इन कानूनों को फिर लागू करेगी, ताकि किसानों और आदिवासियों को उनकी जमीन का चार गुना दाम मिल सके।

कांग्रेस में क्लेश, 36 सीटों पर कमलनाथ, सिंधिया और दिग्विजय में तनातनी,इन दावेदारों की सीटों पर फंसा है पेंच

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 के लिए कांग्रेस में उम्मीदवार तय करने की प्रक्रिया दोबारा शुरू हो गई है. लेकिन अभी से पार्टी का अंसतोष उभरकर सामने आने लगा है. मप्र की 230 विधानसभा सीटों में से तीन दर्जन सीटें ऐसी हैं, जहां चेहरों के चयन को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, चुनाव प्रचार अभियान समिति अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया और कॉर्डिनेशन की जिम्मेदारी संभाल रहे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बीच असहमति के सुर सुनाई दे रहे हैं. इन सीटों को लेकर तीनों नेताओं के बीच तनातनी इतनी है की वह एक दूसरे की मानने को तैयार नहीं हैं. लिहाजा गेंद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के पाले में हैं.

पार्टी की स्क्रीनिंग कमेटी 71 प्रत्याशियों के नाम तय कर चुकी है. बाकी की 120 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम पर चर्चा होनी है. इनमें से करीब 36 सीटों पर तीनों नेता अपने-अपने समर्थकों को टिकट दिलाने की जद्दोजहद कर रहे हैं. स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक 22 अक्टूबर से दिल्ली में शुरू हो गई है, जो तीन दिन तक चलेगी. 26 अक्टूबर को केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें स्क्रीनिंग कमेटी के तय सिंगल नामों पर विचार किया जाएगा. हालांकि कांग्रेस के अंदर चल रही इस आपसी खींचतान को कांग्रेस प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी खारिज कर रहे हैं. उनकी माने तो तीनों नेता समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं. जल्द बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे.इधर, बीजेपी को एक बार फिर कांग्रेस के अंदर की गुटबाजी पर सवाल उठाने का मौका मिल गया है. बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल की माने तो कांग्रेस के ये नेता कभी एक नहीं हो सकते, यही कारण है कि कांग्रेस गर्त में जा रही है. दूसरी ओर वरिष्ठ पत्रकार केडी शर्मा की माने तो सारा खेल चुनाव बाद का है. हर नेता चाहता है जब सत्ता मिले तो उसके विधायक ज्यादा हों ओर वो सीएम की दावेदारी में सबसे आगे हो. लिहाजा हर नेता अपने दावेदार के लिए जोर आजमाईश में जुटा है.

इन दावेदारों की सीटों पर फंसा है पेंच

दक्षिण पश्चिम भोपाल : पीसी शर्मा (दिग्विजय सिंह) प्रवीण सक्सेना (सुरेश पचौरी), संतोष कंसाना (वर्षा गायकवाड़).
हुजूर (भोपाल): भगवानदेव इसरानी (कमलनाथ), जितेंद्र सिंह (दीपक बावरिया), मांडवी चौहान और अवनीश भार्गव (सुरेश पचौरी)
नरेला(भोपाल) : महेंद्र सिंह चौहान (अजय सिंह), कैलाश मिश्रा (सुरेश पचौरी), मनोज शुक्ला (दीपक बावरिया)
देपालपुर : विशाल पटेल (कमलनाथ), सत्यनारायण पटेल (सिंधिया)
इंदौर-1 : गोलू अग्निहोत्री (सिंधिया), कमलेश खंडेलवाल (दिग्विजय), केके यादव (कमलनाथ)
इंदौर -2 : मोहन सेंगर (सिंधिया), चिंटू चौकसे (दिग्विजय)
इंदौर -5 : विपिन खुजनेरी (सिंधिया), अरविंद बागड़ी (कमलनाथ)
महू : अंतर सिंह दरबार (दिग्विजय), दिनेश तलवाड़िया (कमलनाथ)
उज्जैन उत्तर : मुकेश शर्मा-राजेंद्र भारती (सिंधिया), माया त्रिवेदी (कमलनाथ)
उज्जैन दक्षिण : राजेंद्र वशिष्ठ (दिग्विजय) जयसिंह दरबार (कमलनाथ)
झाबुआ : जेवियर मेड़ा (कमलनाथ), विक्रांत भूरिया (दिग्विजय)
मांधाता : उत्तम पाल सिंह (दिग्विजय) परमजीत सिंह नारंग (सिंधिया) नारायण पटेल (कमलनाथ)
खंडवा: यशवंत सिलावट (दिग्विजय), राकेश सिलावट (कमलनाथ)
बुरहानपुर : सुरेंद्र सिंह (कमलनाथ), रवींद्र महाजन (दिग्विजय)
नेपानगर : रामकिशन पटेल (कमलनाथ) अंतर सिंह (दिग्विजय)
धार : बालमुकुंद सिंह गौतम (दिग्विजय) कुलदीप बुंदेला (सिंधिया)
खातेगांव : शिशिर जोशी (कमलनाथ) राजकुमारी कुंडल (दिग्विजय)
शुजालपुर : योगेंद्र सिंह (दिग्विजय) महेंद्र जोशी (सिंधिया)
टिमरनी : अभिजीत शाह (दिग्विजय) रमेश मस्कोले (कमलनाथ)
मैहर : श्रीकांत चतुर्वेदी (सिंधिया), धर्मेश घई (कमलनाथ)
दतिया : घनश्याम सिंह (सिंधिया), राजेंद्र भारती (कमलनाथ)
पनागर : सत्येंद्र यादव (सिंधिया), सम्मति सैनी (कमलनाथ)
मुरैना : दिनेश गुर्जर (कमलनाथ), मनोजपाल सिंह (सिंधिया)
नीमच : नंदकिशोर पटेल (दिग्विजय) तरुण बाहेती (सिंधिया)
मल्हारगढ़ : श्यामलाल जोकचंद (दिग्विजय), परसराम सिसोदिया( कमलनाथ)
जावद : राजकुमार अहीर (कमलनाथ) समंदर पटेल (सिंधिया)
सागर : नरेश जैन (कमलनाथ), नेमी जैन (सिंधिया), रामजी दुबे और भूपेंद्र मोहासा (दिग्विजय)
दमोह : राहुल लोधी (कमलनाथ) डॉ. संजय त्रिवेदी और राजा पटेरिया (दिग्विजय)
गाडरवारा : मिनेंद्र डागा (सिंधिया), सुनीता पटेल (कमलनाथ)
भोपाल-इंदौर के टिकटों पर टशन ज्यादा
टिकटों को लेकर सबसे ज्यादा माथापच्ची भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में है. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रदेश में प्रत्याशी चयन की जिम्मेदारी मुख्य रूप से कमलनाथ और सिंधिया पर छोड़ रखी है.

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