मुख्य पृष्ठ >> प्रदेश >> मध्यप्रदेश >> उज्जैन / भोपाल >> मंत्री-विधायकों से बोले सीएम शिवराज- घूमो रे भैया घूमो

मंत्री-विधायकों से बोले सीएम शिवराज- घूमो रे भैया घूमो

भोपाल 4 जुलाई 2018 । भाजपा विधायकों को लेकर जनता में जो नाराजगी है उसको लेकर सरकार से लेकर संगठन तक चिंतित है। इसकी झलक सोमवार को मुख्यमंत्री द्वारा ली गई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिखाई दी। सीएम ने विधायकों से दो टूक कहा कि ‘घूमो रे भैया घूमो’-बाहर निकलो जनता के बीच जाओ। अब समय कम बचा है। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों, अफसरों और विधायकों से कहा कि सरकार ने जनकल्याण के इतने काम किए हैं कि किसी से डरने की जरूरत नहीं है। सीएम ने कहा कि हमने गरीबों के कल्याण के लिए इतने काम किए हैं जितने कम्युनिस्टों ने भी नहीं किए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक संबल योजना में 1 करोड़ 83 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया जा चुका है। इस योजना में मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी योजना में 5 हजार 179 करोड़ रूपए के बिजली के बकाया बिल माफ होंगे। बिजली बिल माफी के लिए अब तक प्रदेश में 16 लाख हितग्राहियों ने पंजीयन करवाया है, जिन्हें 200 रुपए प्रतिमाह फ्लेट दर से बिजली के बिल दिए जाएंगे। यह योजना मंगलवार से प्रदेश भर से शुरू हो रही है। इसके बेहतर क्रियान्वयन के लिए सब मिलकर जुट जाएं। संबल योजना गरीबों की जिन्दगी बदलने का अभियान है।

शिवराज के गाना गाने पर बवाल!

किरार समाज के सम्मान समारोह कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज के गाना गाने से अब बवाल मच गया है। राजनैतिक हमले होने शुरु हो गए है। कांग्रेस ने इसको लेकर शिवराज पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि मंदसौर और सतना में बच्चियों के साथ दुष्कर्म हो गया, दोनों बच्चियां जिंदगी और मौत से जूझ रही है और प्रदेश और भांजियों के मामा अपने निवास पर कार्यक्रम आय़ोजित कर उत्सव मना रहे है , गाना गा रहे है।प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने इसे बेहद ही शर्मनाक बताया है।

दरअसल, सोमवार को मुख्यमंत्री निवास में अखिल भारतीय किरार, धाकड़, क्षत्रिय महासभा के सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के अंत में लोगों की फरमाइश पर एक फिल्मी गाना ‘ओ नदिया चले चले रे धारा तुझको चलना होगा’ गाया था । इसमें उनकी पत्नी साधना और उनके बेटे कार्तिकेय ने भी साथ दिया ।लोगों ने जमकर तालियां बजाई और गाने का आनंद लिया।इस बात को लेकर कमलनाथ ने शिवराज को आड़े हाथों लिया है और जमकर निशाना साधा है।

कमलनाथ ने ट्वीटर के माध्यम से शिवराज पर तीखें वार किए है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि मंदसौर व सतना की दुष्कर्म पीड़िता भाँजिया अस्पताल में जीवन- मृत्यु से संघर्ष कर रही है। प्रदेश भर में प्रतिदिन भाँजियो के साथ दरिंदगी की घटनाएँ सामने आ रही है। किसान प्रतिदिन आत्महत्या कर रहे है, वही इन सब से बेखबर, हमारे मुखिया सीएम हाउस में गाने गा कर उत्सव मना रहे है।

मंच पर ही बैठे हैं सिंधिया को जिताने वाले,इतना बोलते ही छा गया सन्नाटा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेशसिंह के कार्यक्रम के दौरान भितरघात की बात सामने आई। जहां प्रदेश अध्यक्ष से जिला उपाध्यक्ष भास्करसिंह रघुवंशी ने कहा कि क्षेत्र से सिंधिया को जिताने वाले मंच पर ही बैठे हुए हैं, तो इससे मंच पर सन्नाटा छा गया। हालांकि बाद में प्रदेश अध्यक्ष ने मीडिया के सवाल पर कहा कि मैंने इस तरह की बात किसी कार्यकर्ता ने नहीं सुनी।

रविवार रात को प्रदेश अध्यक्ष राकेशसिंह शहर में पहुंचे। जहां उन्होंने सोमवार को स्वामी गार्डन में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और सहभोज भी किया। जहां कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस पर तीखे हमले किए और कहा कि कांग्रेस वह पार्टी है जो सिर्फ अनुसूचित जाति और बाबा साहब अंबेडकर के नाम पर राजनीति करती है, लेकिन अंबेडकरजी को कांग्रेस ने कभी चुनाव तक नहीं जीतने दिया। जबकि भाजपा ने उनके जन्मस्थान से लेकर शैक्षणिक स्थान तक तीर्थस्थान बनाने का कार्य किया है।

सिंह ने कहा कि खास बात यह है कि यह वही कांग्रेस है जो 70 साल तक गांधीजी के नाम पर शासन करती आई, लेकिन गांधीजी का मुख्य जोर स्वच्छता पर था। कांग्रेस की सरकारों ने राज तो किया, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया। लेकिन मोदीजी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार ने गांधीजी के चश्मे को घर-घर तक पहुंचाने का काम किया और उनके संदेश को लोगों तक पहुंचाया।

जबकि गांधीजी ने आजादी के बाद खुद कहा था कि कांग्रेस को समाप्त कर देना चाहिए और कांग्रेस की राजनैतिक गतिविधियों की जरूरत अब देश को नहीं है, लेकिन नेताओं ने पार्टी को समाप्त नहीं किया और गांधीजी के नाम पर कांग्रेस चुनाव जीतती आई है और आज भी वही हो रहा है।

साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा में प्रदेश में चौथीबार और केंद्र में दूसरी बार भी सरकार बनाएगी। उन्होंने शहर में कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर कार्य करने की बात कही और जिले की तीनों विधानसभा व लोकसभा सीट जीतने का भी दावा किया। साथ ही कार्यकर्ताओं को अबकी बार 200 पार की शपथ भी दिलाई।

मंदसौर मामले पर कहा आरोपी को फांसी हो
प्रदेश अध्यक्ष ने मंदसौर मामले पर पूछे गए सवाल में कहा कि मप्र एक ऐसा राज्य है, जहां दुष्कर्म करने वाले को फांसी की सजा का प्रावधान है, उन्होंने कहा कि इस घटना से वह आहत हैं और ऐसी मानसिकता के दरिंदों को फांसी की सजा ही मिलनी चाहिए। वहीं किसानों की मौत के मामले के जबाव में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि परेशान होकर किसी किसान ने आत्महत्या नहीं की। वहीं शहर में मुख्यमंत्री के न आने की बात पर उन्होंने कहा कि अशोकनगर की बात वह मुख्यमंत्री तक पहुंचा देंगे।

टिकट के दावेदरों ने किया स्वागत
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे टिकिट के दावेदारों ने प्रदेश अध्यक्ष का जगह-जगह स्वागत किया। जिलाध्यक्ष जयकुमार सिंघई ने स्वागत किया, तो वहीं जनपद अध्यक्ष जगन्नाथसिंह यादव, धमेंद्र रघुवंशी और हरिबाबू राय ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ प्रदेश अध्यक्ष का जोरदार तरीके से स्वागत किया।

वोट के लिए सरकारी खजाने से 5000 करोड़ खर्च करेंगे शिवराज: बिजली बिल माफी योजना

कड़की में चल रहे मध्यप्रदेश के सरकारी खजाने पर एक और बड़ा बोझ आ रहा है। डेढ़ लाख करोड़ से ज्यादा के कर्ज में दबी शिवराज सिंह सरकार ने चुनावी फायदा उठाने के लिए बिजली बिल माफी योजना लागू कर दी है। इसके तहत 5179 करोड़ का बिजली बिल माफ कर दिया जाएगा। बता दें कि इससे पहले गरीब नागरिकों को 200 रुपए प्रतिमाह फिक्स पर अनलिमिटेड बिजली की योजना को लागू किया जा चुका है। इसका फायदा संबल योजना के तहत पंजीयन करा चुके लोगों को मिलेगा।

योजना के तहत पंजीयन कराने वाले मजदूरों को 200 रूपये महीने फ्लेट रेट पर अनलिमिटेड बिजली बिल मिलेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज संबल योजना को लेकर मंत्रालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कलेक्टर और जनप्रतिनिधियों से चर्चा की। सीएम ने योजना के क्रियान्वयन के लिए सभी को जुटने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देश जारी कर पात्र श्रमिकों को इस योजना में शामिल करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने योजना का हर दिन रिव्यू करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए है।

पिछले दिनों भाजपा विधायक दल की बैठक में सीएम शिवराज सिंह ने आईएएस अफसरों को बुलाकर इस योजना का प्रजेंटेशन दिलवाया था। शिवराज सिंह को उम्मीद है कि इस योजना के माध्यम से एक बड़ा वोटबैंक उनके हाथ में आ जाएगा। बता दें कि पूर्ववर्ती दिग्विजय सिंह सरकार ने भी एकबत्ती फ्री बिजली की योजना चलाई थी। उसके बाद मध्यप्रदेश में बिजली संकट पैदा हो गया था।

अब बीजेपी नेता बनेंगे उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष
प्रदेश के राज्य सहकारी बैंकों में नेताओं को प्रशासक बनाने का फैसला लेने के बाद सरकार ने जिला उपभोक्ता फोरम में गैर न्यायिक (राजनीतिक) नियुक्ति का रास्ता खोल दिया है।
सरकार ने जिला उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष के वेतन (मानदेय, भत्ते) एवं सेवा शर्तें नियम 2018“ में संशोधन किया है। अब प्रदेश के 51 जिलों में फोरम के अध्यक्ष पद के लिए न विज्ञापन निकाले जाएंगे और न ही आवेदन की औपचारिकता निभाई जाएगी। यहां तक कि सरकार ने अध्यक्ष के कार्यकाल की समयसीमा का बंधन भी खत्म कर दिया है। इन नियमों के तहत सेवानिवृत्त जस्टिस और वरिष्ठतम वकीलों को भी मुश्किल से मौका मिलेगा।
सरकार ने महज पांच माह पुराने नियमों में संशोधन कर नए नियम जारी कर दिए हैं। नए नियमों के मुताबिक अध्यक्ष पद के लिए अब किसी अतिरिक्त योग्यता की जरूरत नहीं है। सिर्फ कानून की पढ़ाई ही पर्याप्त है। सरकार ने अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए लागू आरक्षण के प्रावधान भी हटा दिए हैं। यानी अब आरक्षण के नियमों का भी पालन नहीं करना पड़ेगा और न ही कोई चयन प्रक्रिया अपनाने की बाध्यता रही है। इस नियुक्ति को लिखित परीक्षा और साक्षात्कार से भी मुक्त कर दिया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 16 जनवरी 2018 को संशोधित नियम जारी किए गए थे।

नियुक्ति की रीति भी खत्म
सरकार ने इस पद पर नियुक्ति की रीति भी खत्म कर दी है। यानी अब विधि का जानने वाला कोई भी व्यक्ति जिसने एलएलबी पास किया हो नियुक्त हो सकता है। जबकि पहले सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीशों और विधि व्यवसायियों (वकीलों) में से चयन कर इस पद को भरने का प्रावधान था। इतना ही नहीं, वकीलों की नियुक्ति के मामले में यह भी देखना पड़ता था कि चयनित उम्मीदवार जिला न्यायाधीश होने की योग्यता रखता हो।

यह थी नियुक्ति प्रक्रिया
इस पद के लिए अभी तक आयुसीमा, चयन प्रक्रिया, सेवाकाल की अवधि, आरक्षण के प्रावधान लागू थे। अध्यक्ष पद के दावेदार को आवेदन देना होता था, जो संवीक्षा समिति के सामने जाते थे। समिति स्क्रूटनी कर दस्तावेजों के आधार पर दावेदारों का चयन करती थी। फिर लिखित परीक्षा कराई जाती थी। इसमें उत्तीर्ण होने पर साक्षात्कार समिति साक्षात्कार लेती थी। सरकार ने फोरम के अध्यक्ष का कार्यकाल पांच साल या 65 साल की आयु तक तय कर रखा था।

कमलनाथ ने ‘मिशन-2018’ के लिए कांग्रेस के इस नेता को दी बड़ी जिम्मेदारी

मिशन-2018 यानी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। इंदौर संभाग की कमान कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सज्जन सिंह वर्मा को सौंपी गई है। प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने उन्हें इंदौर संभाग का प्रभारी बनाकर कांग्रेस को मजबूत करने के लिए कहा है। अब सज्जन संगठन को मजबूत करने के साथ विधानसभा चुनाव में जीतने वाले उम्मीदवारों को ढूंढक़र प्रदेशाध्यक्ष को नामों की सूची सौंपेंगे।

इस बार के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रदेश में सत्ता पर काबिज होने की कवायद में लगी है। इसके लिए पार्टी के वरिष्ठ से लेकर बड़े-छोटे सभी नेताओं को कमजोर संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी में परिवर्तन कर सांसद कमलनाथ को कमान सौंप दी गई। साथ ही मप्र चुनाव अभियान समिति का प्रभारी बनाकर सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का चेहरा आगे किया गया ताकि कांग्रेस में नई जान फूंकी जा सके। नाथ ने प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कई समितियों का गठन करने के साथ नेताओं को जिम्मेदारी देना शुरू कर दिया है। इसमें नाथ समर्थक सहित पार्टी के अन्य नेता भी शामिल हैं। प्रदेशाध्यक्ष बनते ही नाथ ने अपने इंदौरी समर्थकों को पद देने के चलते सवाल उठने लगे थे कि खास समर्थक और राष्ट्रीय सचिव सज्जन सिंह वर्मा को जिम्मेदारी से दूर क्यों रखा गया? कांग्रेसी इस सवाल का जवाब ढूंढऩे में लगे रहे, लेकिन कुछ मिला नहीं और नाथ-सज्जन के संबंध को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। खैर, अब कमलनाथ ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपने समर्थक सज्जन को इंदौर संभाग का प्रभारी बनाया है। साथ ही इंदौर संभाग में कांग्रेस को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी है। इंदौर संभाग में कांग्रेस को मजबूत करने की मिली जिम्मेदारी को निभाने के साथ सज्जन विधानसभावार उन नेताओं के नामों की सूची तैयार करेंगे जो जीतने की ताकत रखते हैं। नामों की सूची तैयार कर प्रदेशाध्यक्ष नाथ को भेजी जाएगी। इसके बाद यहां से उम्मीदवार तय होंगे।

दिग्विजय की यात्रा के लिए बनाया प्रभारी

नर्मदा परिक्रमा पूरी करने के बाद राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह अब समन्वय और एकता को लेकर राजनीतिक यात्रा निकालने जा रहे हैं। यात्रा को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रभारी बनना शुरू कर दिए हैं। जिला कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष सदाशिव यादव को बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन का प्रभारी बनाया गया है। इस तरह अन्य नेताओं को भी अलग-अलग जिले की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

फतह मुबारक हो मुसलमानो, भारत के खिलाफ जीत इस्लाम की जीत…जश्न मनाने के बदले जहर उगलने लगा पाक

नई दिल्ली 25 अक्टूबर 2021 । खराब बल्लेबाजी और खराब गेंदबाजी की वजह से टीम …