मुख्य पृष्ठ >> अंतर्राष्ट्रीय >> मोदी ने पाकिस्तान पर फोड़ा बिना आवाज का बम

मोदी ने पाकिस्तान पर फोड़ा बिना आवाज का बम

नई दिल्ली 28 मई 2019 । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूसरी बार सत्ता संभालने से पहले ही पाकिस्तान पर ऐसा हमला बोला है कि जिसके जख्मों से वो सात जन्मों तक बिलबिलाता रहेगा। मोदी ने पाकिस्तान को औकात दिखाते हुए इस बार 30 मई को अस्तित्व में आने वाली सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में बिम्सटेक ( बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपेरशन) के राष्ट्राध्यक्षों को आंमत्रित किया है। इतना ही नहीं किर्गिस्तान और मॉरीशस के राष्ट्रपति को भी मोदी ने बुलाया है लेकिन इमरान खान को पूछा तक नहीं है। पाकिस्तान पर मोदी का यह ऐसा मनोवैज्ञानिक हमला किया है जिसकी मार बहुत गहरी और आवाज बिल्कुल भी नहीं है। पिछली बार प्रधानमंत्री मोदी ने सार्क देशों के राष्ट्राध्यक्षों को बुलावा भेजा था। सार्क देशों में पाकिस्तान भी शामिल है।

इस बार कयास लगाये जा रहे थे मोदी पाकिस्तान को बुलावा भेजेंगे या नहीं। क्यों कि जिस तरह पाकिस्तान की ओर से लगातार प्रयास किये जा रहे थे उनसे यह संकेत मिल रहे थे कि पाकिस्तान सरकार विभिन्न कूटनीतिक रास्तों और संबंधों का उपयोग करके मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होना चाहता है। इस तरह वो एक तीर से कई निशाने एक साथ लगाना चाहता था। कंगाली के दौर से गुजर रहे पाकिस्तान को यह दिखाना है कि भारत से अब उसके संबंध तेजी से सामान्य हो रहे हैं। आतंकवाद पर उठाये गये कदमों से भारत संतुष्ट है और तीसरी बात यह कि एफटीएफ के सामने भी पाकिस्तान कह सकता था कि उसे ब्लैक लिस्ट में न डाला जाये।

बहरहाल, मोदी दूसरे कार्यकाल की शपथ लेने से पहले ही पाकिस्तान की सारी चालबाजियों को एक ही झटके में चकनाचूर कर दिया। मोदी ने बिम्सटेक देशों के राष्ट्राध्यक्षों के अलावा शंघाई सहयोग संगठन किर्गिस्तान के राष्ट्रपति और मॉरीशस के राष्ट्रपति को भी बुलावा भेजा है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 30 मई को राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। यह उनका दूसरा कार्यकाल होगा। साथ ही, मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्यों को भी पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी जाएगी। बिम्सटेक देशों के नेताओं को आमंत्रण के संबंध में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ‘पड़ोसी प्रथम’ की नीति के तहत यह न्योता दिया गया है। हालांकि इस बार पाकिस्तान को दूर रखने का फैसला लिया गया है। माना जा रहा है कि पुलवामा में सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव के चलते मोदी सरकार ने पाक से दूरी बनाने का फैसला लिया है।

हालांकि पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने नरेंद्र मोदी को चुनाव में बड़ी जीत पर दो-दो बार बधाई दी थी। जवाब में पीएम मोदी ने इमरान को नसीहत देते हुए कहा था कि पड़ोस का माहौल आतंकमुक्त होना चाहिए और दोनों देशों को आपस में विवाद की बजाय गरीबी से लड़ना चाहिए।

मोदी भाजपा के ऐसे पहले नेता हैं जिन्हें प्रधानमंत्री के रूप में पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद दूसरी बार भी इस पद के लिए चुना गया है। साथ ही जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के बाद मोदी पूर्ण बहुमत के साथ लगातार दूसरी बार सत्ता के शिखर पर पहुंचने वाले तीसरे प्रधानमंत्री हैं ।

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

‘इंडोर प्लान’ से OBC वोटर्स को जोड़ेगी BJP, सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में उतरेगी टीम

नयी दिल्ली 25 जनवरी 2022 । उत्तर प्रदेश की आबादी में करीब 45 फीसदी की …