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मोदी नहीं चाहते कि शिवराज, वसुंधरा और रमन सिंह की जीत हो: दिग्विजय

भोपाल  2 दिसंबर 2018 । मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में मतदान के बाद कांग्रेस नेताओं को ईवीएम में धांधली का डर सता रहा है. पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट करके मोदी सरकार पर ईवीएम मशीन के जरिए जनमत कुचलने की आशंका जताई है. इस बीच एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं चाहते हैं कि शिवराज सिंह, वसुंधरा राजे सिंधिया और रमन सिंह जीतें. इन नेताओं के पास ईवीएम की चाबी नहीं है. इसकी चाबी मोदी के पास है, इसलिए कांग्रेस बहुमत के साथ चुनाव जीत रही है.

आजतक से खास बातचीत करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि पूरी दुनिया ईवीएम मशीन छोड़ बैलेट पेपर आ गई है. टेक्नोलॉजी के इस दौर में अमेरिका जैसा विकसित देश राष्ट्रपति का चुनाव बैलेट पेपर से कराता है, ऐसे में हम ईवीएम पर कैसे भरोसा करें. वीवीपैट (VVPAT) मशीन आने के बाद हमारा भरोसा कुछ बढ़ा है.

उन्होंने कहा कि पंजाब चुनाव के चार महीने पहले आरएसएस के एक नेता ने मुझे बताया था कि वहां आपकी सरकार बन रही है. उसने बताया था कि पंजाब में न बीजेपी रेस में थी, न मोदी, न ही अमित शाह और न ही आरएसएस रेस में थी. वहां मोदी नहीं चाहते थे कि अकाली या आम आदमी पार्टी की सरकार बने, इसलिए कांग्रेस वहां चुनाव जीत गई.

ईवीएम पर सवाल उठाते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि देश के 70 फीसदी राजनीतिक दलों का ईवीएम पर भरोसा नहीं है. मध्य प्रदेश चुनाव के दौरान अनूपपुर में जितने वोट थे, उसे अधिक वोट पड़ गए. भोपाल की पुरानी जेल में जहां स्ट्रांग रूम बनाया गया है, वहां आधे घंटे तक बिजली गायब रही, कैमरा बंद रहा. खुरई सागर में 48 घंटे के बाद मशीनें लाई जा रही थी. जब लोगों ने उन मशीनों को घेर लिया तो पता चला उन पर कोई नंबर ही नहीं था.

छत्तीसगढ़ के पब्लिसिटी डिपार्टमेंट के कमिश्नर को सस्पेंड करने की मांग करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कमिश्नर के वोट प्रतिशत के आंकड़े और चुनाव आयोग के आंकड़े में फर्क था. मैं चुनाव आयोग से सवाल पूछना चाहता हूं कि क्या पब्लिसिटी डिपार्टमेंट को अधिकार है कि वह अपने तरीके से वोट प्रतिशत बताए. मैं चाहता हूं कि डिपोर्टमेंट को चुनाव आयोग एक नसीहत दे और कमिश्नर को निलंबित करें.

उन्होंने कहा कि हमने कांग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं को स्ट्रांग रूम की चौकीदारी करने के लिए कहा है. राज्य निर्वाचन कमिश्नर ने मुझे आश्वस्त किया है कि स्ट्रांग रूम के आस पास सिर्फ केबिल से इंटरनेट कनेक्टिविटी रहेगी, वाईफाई का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा.

सिंधिया ने जताई EVM में धांधली की आशंका, कहा- बीजेपी जनमत कुचलने पर आमादा

मध्य प्रदेश का चुनाव खत्म हो गया है. इस बीच एमपी कांग्रेस के बड़े नेता और पार्टी की ओर से सीएम पद के दावेदार ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ईवीएम में हेर-फेर की साजिश की आशंका जताई है. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आगाह किया है कि वे स्ट्रांग रूम की निगरानी में तनिक भी चूक नहीं होने दें, ताकि बीजेपी किसी तरह की साजिश नहीं कर सके.

बता दें कि एमपी विधानसभा चुनाव की मतगणना 11 दिसंबर को है. इस बीच ईवीएम मशीनों को स्ट्रांग रूम में बेहद कड़ी निगरानी में रखा गया है. कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य ने कहा है कि भोपाल में स्ट्रांग रूम का लाइट बंद हो जाना बड़ी साजिश की ओर इशारा है. उन्होंने ट्वीट किया, “भोपाल में स्ट्रांग रूम के बाहर लगी एलईडी बन्द होना, सागर में गृहमंत्री की विधानसभा सीट की रिजर्व ईवीएम मशीनों का 48 घंटे बाद पहुँचना, सतना-खरगोन में अज्ञात बक्से से स्ट्रांग रूम में ले जाने के वीडियो का सामने आना कही ना कही बड़ी साजिश की और इशारा है”

ज्योतिरादित्य ने आगे ट्वीट कर कहा है, “भाजपा अपनी संभवित हार को देखते हुए लोकतंत्र और जनता के मत को कुचलने पर आमादा हो गयी है, ये सरकार के संरक्षण में लोकतंत्र की हत्या का प्रयास है, चुनाव आयोग शीघ्र सख्त कदम उठाकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कर मतगणना तक ईवीएम की कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित करे.”

कांग्रेस नेता ने कहा कि उनका प्रदेश के सभी जाबांज कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अनुरोध है कि वो भी मतगणना तक स्ट्रांग रूम पर कड़ी नजर रखे जिससे भाजपा किसी भी तरह की साज़िश में कामयाब ना हो सके.

मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में खतरे में ईवीएम, सीसीटीवी फुटेज से हड़कंप, क्या बीजेपी का है कोई खेल !

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा के लिए संपन्न हुए मतदान के बाद ईवीएम में हेरफेर की आशंका को लेकर बवाल खड़ा हो गया है। खासकर मध्य प्रदेश में चुनाव के बाद सामने आईं कई घटनाओं ने ईवीएम सुरक्षा पर सवाल उठाने शुरू ही किये थे कि अब ईवीएम से जुड़े दो वीडियो ने बवाल खड़ा कर दिया है। शनिवार को कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने दो वीडियो ट्वीट कर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में चुनाव के बाद ईवीएम की सुरक्षा और उसमें हेराफेरी पर सवाल खड़े किये हैं।

पहला वीडियो किसी स्ट्रॉंग रूम के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज का है, जिसमें कुछ लोग रात के अंधेरे में बड़े-बड़े कार्टूनों में कोई चीज स्ट्रॉंग रूम के अंदर ले जाते दिखाई दे रहे हैं, जहां चुनाव के बाद ईवीएम मशीनें रखी गई हैं। दूसरी तस्वीर एक बस की है, जिसमें ढेर सारी ईवीएम रखी हैं। वीडियो ट्वीट करते हुए अहमद पटेल ने लिखा, “मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कुछ लोग अपनी हार को देखते हुए स्ट्रॉंग रूम में ईवीएम के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश कर रहे हैं, जो उनकी घबराहट दिखाता है। चुनाव आयोग से इस मामले की जांच और ठोस कार्रवाई करने की मांग करता हूं।” इससे पहले मध्य प्रदेश में चुनाव संपन्न होने के बाद सागर जिले में दो दिन बाद ईवीएम के स्ट्रॉंग रूम पहुंचने का मामले ने विवाद खड़ा कर दिया था। इसके अलावा शुक्रवार की सुबह राजधानी भोपाल में स्ट्रांगरूम के बाहर लगी एलईडी के अचानक बंद हो जाने की घटना और खरगोन जिले में स्ट्रॉंग रूम में ईवीएम मशीनों में छेड़छाड़ के मामले भी सामने आए थे। इन घटनाओं के सामने आने के बाद कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ईवीएम मशीनों में हेरफेर को लेकर साजिश की आशंका जताते हुए आयोग से शिकायत की है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आगाह करते हुए निर्देश दिया कि वे स्ट्रांग रूम की निगरानी में जीजान से जुट जाएं, ताकि बीजेपी मशीनों में किसी तरह की गड़बड़ी ना कर पाए. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट करते हुए कहा, “भोपाल में स्ट्रॉंग रूम के बाहर लगी एलईडी बन्द होना, सागर में गृहमंत्री की विधानसभा सीट की ईवीएम मशीनों का 48 घंटे बाद पहुंचना, सतना-खरगोन में अज्ञात बक्से स्ट्रांग रूम में ले जाने के वीडियो सामने आना कहीं न कहीं बड़ी साजिश की तरफ इशारा करती हैं। एक दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा कि संभावित हार को देखते हुए बीजेपी लोकतंत्र और जनता के मत को कुचलने पर आमादा है। ये सरकार के संरक्षण में लोकतंत्र की हत्या का प्रयास है। चुनाव आयोग शीघ्र सख्त कदम उठाए और मतगणना तक ईवीएम की कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित करे।”

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