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मोदी सरकार ने चुपके से बदला कानून, इस कंपनी को बेचने का रास्ता साफ!

नई दिल्ली 07 अक्टूबर 2019 । सरकारी क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) के प्रस्तावित पूर्ण निजीकरण का रास्ता साफ हो चुका है. मोदी सरकार ने पिछले दिनों ही BPCL के राष्ट्रीकरण संबंधी कानून को रद्द कर दिया था. जिससे सारी अड़चनें खत्म हो गई हैं.

ऐसे में बीपीसीएल को निजी या विदेशी कंपनियों को बेचने के लिए सरकार को संसद की अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी. हालांकि, पहले कहा जा रहा था कि बीपीसीएल का निजीकरण करने को संसद की मंजूरी लेनी होगी. (Photo: Reuters)

निरसन एवं संशोधन कानून, 2016 के तहत 187 बेकार और पुराने कानूनों को समाप्त किया गया है, इसमें 1976 कानून भी शामिल है जिसके जरिये पूर्ववर्ती बुरमाह शेल का राष्ट्रीयकरण किया गया था. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस कानून को समाप्त कर दिया गया है. ऐसे में बीपीसीएल की रणनीतिक बिक्री के लिए संसद की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी.

सरकार घरेलू ईंधन खुदरा कारोबार में बहुराष्ट्रीय कंपनियों को लाना चाहती है, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ाई जा सके. इसी के मद्देनजर सरकार बीपीसीएल में अपनी समूची 53.3 प्रतिशत हिस्सेदारी रणनीतिक भागीदार को बेचने की तैयारी कर रही है.
बीपीसीएल के निजीकरण से घरेलू ईंधन खुदरा बिक्री कारोबार में काफी उथलपुथल आ सकती है. वर्षों से इस क्षेत्र पर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का दबदबा है. इसके अलावा बीपीसीएल के निजीकरण से सरकार को 1.05 लाख करोड़ रुपये के विनिवेश लक्ष्य में से कम से कम एक-तिहाई प्राप्त करने में मदद मिलेगी.
चार अक्टूबर को बाजार बंद होने के समय बीपीसीएल का बाजार पूंजीकरण 1.11 लाख करोड़ रुपये था. बीपीसीएल में हिस्सेदारी बेचकर सरकार को 60,000 करोड़ रुपये तक प्राप्त हो सकते हैं, इसमें नियंत्रण तथा ईंधन बाजार प्रवेश प्रीमियम भी शामिल है.
उच्चतम न्यायालय ने सितंबर, 2003 में व्यवस्था दी थी कि बीपीसीएल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (एचपीसीएल) का निजीकरण संसद द्वारा कानून के संशोधन के जरिये ही किया जा सकता है. संसद में पूर्व में कानून पारित कर इन दोनों कंपनियों का राष्ट्रीयकरण किया गया था.
अधिकारियों ने कहा कि अब उच्चतम न्यायालय की इस शर्त को पूरा करने की जरूरत नहीं है क्योंकि राष्ट्रपति ने निरसन एवं संशोधन कानून, 2016 को मंजूरी दे दी है और इस बारे में अधिसूचना जारी की जा चुकी है.

मोदी सरकार के खिलाफ ट्वीट करते ही ट्रोल हुईं ये एक्ट्रेस, यूजर बोला- ‘फ्लॉप एक्ट्रेस ज्ञान मत दो’

बॉलीवुड एक्ट्रेस पूजा बेदी (Pooja Bedi) ने हाल ही में मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया है। पूजा ने अपने पहले ट्वीट में लिखा- ‘यह समय है, जब भारतीय सरकार को कॉर्पोरेट की तरह काम करना चाहिए। हमारे मंत्रियों को जो पॉजिशन मिली है, उसके वह काबिल नहीं हैं। यह कर दाताओं के पैसे की बर्बादी है और साथ ही जनहित के खिलाफ भी है।’पूजा बेदी ने आगे कहा, ‘एक कॉर्पोरेट जॉब के लिए सही व्यक्ति को चुनते हैं। ना कि किसी भी सीनियर व्यक्ति को सिर्फ जगह भरने के लिए रखते हैं।’ पूजा बेदी के इस ट्वीट पर लोग खूब रिएक्ट कर रहे हैं। अपने इस ट्वीट में पूजा बेदी ने भाजपा को भी टैग किया है। पूजा के इस ट्वीट पर लोग अपनी प्रतिक्रिया जाहिर कर रहे हैं। एक यूजर के कमेंट पर प्रतिक्रिया देते हुए पूजा ने लिखा- यह केवल शैक्षिक डिग्री के बारे में नहीं है। इसके लिए जरूरत है कि वे आप जो कुछ भी करते हैं उसमें आपकी रुचि और जुनून हो। पूजा के इस कमेंट का जवाब देते हुए यूजर ने लिखा- एक्टिंग में फेल शादी में फेल और अब बीजेपी को ज्ञान दे रही हैं। इस कमेंट का भी पूजा ने जवाब दिया। उन्होंने लिखा- किस चीज की विफलता? मुझे फिल्मफेयर पुरस्कारों के लिए नामित किया जा चुका है। और 27 साल बाद JJWS और पहला नशा के लिए मुझे याद किया जाता है। मैंने एक्टिंग को जल्दी छोड़ना इसलिए चुना क्योंकि उन दिनों शादी और फिल्मी करियर के बीच सीधा संघर्ष था। और एक बुरी शादी को छोड़ना सफलता है, असफलता नहीं। इसके बाद पूजा बेदी की तीखी बहस हुई। बता दें इससे पहले भी पूजा बेदी ने अनुच्छेद 370 हटने के बाद से नजरबंद रखे गए जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को रिहा करने के लिए सरकार से गुजारिश की थी। पूजा ने ट्वीट किया था, वह मेरे बैचमेट और फैमिली फ्रेंड हैं। उम्मीद करती हूं कि उनकी रिहाई के लिए सरकार जल्द कोई योजना लाए क्योंकि यह हमेशा नहीं रह सकता। जल्द समाधान किया जाना चाहिए।

प्रियंका गांधी से गले मिलीं शेख हसीना, सोनिया को बांग्लादेश आने का दिया न्योता

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाकात की. इस दौरान प्रधानमंत्री हसीना ने सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल और बेटी प्रियंका गांधी को बांग्लादेश के 50वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने का न्योता दिया.

शेख हसीना ने एक दिन पहले शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. रविवार को सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह और राज्यसभा सांसद आनंद शर्मा की अगुआई में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रधानमंत्री हसीना से मुलाकात की. इसी मुलाकात में प्रधानमंत्री हसीना ने सोनिया गांधी को सपरिवार बांग्लादेश आने का निमंत्रण दिया.

सोनिया ने मंजूर किया न्योता

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, ‘शेख हसीना ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रे के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को बांग्लादेश के स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा लेने के लिए निमंत्रण दिया जिसे सोनिया गांधी ने स्वीकार भी कर लिया.’

हसीना से प्रियंका की भावुक मुलाकात

बैठक के बाद कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी प्रधानमंत्री शेख हसीना से गले मिलीं और इस मुलाकात को काफी भावुक बताया. प्रियंका गांधी ने मुलाकात के बारे में एक ट्वीट भी किया और लिखा, लंबे दिनों से शेख हसीना जी से गले मिलने की तमन्ना थी जो आज पूरी हुई. गहरी व्यक्तिगत हानि और कठिनाई पर काबू पाने में उनका दृढ़ विश्वास है, उनकी बहादुरी और दृढ़ता की मैं काफी तारीफ करती हूं.एनआरसी पर नहीं हुई बात

आनंद शर्मा ने कहा कि बैठक के दौरान सोनिया गांधी ने शेख हसीना के कार्यों और बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था में हुए सुधारों की तारीफ की. अच्छी अर्थव्यवस्था की बदौलत ही बांग्लादेश आज विकासशील देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है. हालांकि दोनों की बैठक में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनसीआर) के मुद्दे पर कोई बात नहीं हुई. जबकि भारत में यह मुद्दा अभी काफी विवादों में है. शर्मा ने कहा, एनआरसी पर कोई बात नहीं हुई क्योंकि यह आंतरिक मसला है, इसलिए न तो हमने यह मुद्दा उठाया और न ही उधर से कोई बात हुई.

भारत-बांग्लादेश में द्विपक्षीय वार्ता

प्रधानमंत्री शेख हसीना फिलहाल 4 दिन के भारत दौरे पर हैं. हसीना बांग्लादेश की सबसे लंबे वर्षों तक रहने वाली प्रधानमंत्री हैं. इससे पहले प्रधानमंत्री हसीना ने अपने भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी के साथ शनिवार को द्विपक्षीय वार्ता की. नरेंद्र मोदी और हसीना ने शनिवार को सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे और तीन संयुक्त विकास परियोजनाओं- बांग्लादेश से ट्रक के जरिये त्रिपुरा तक थोक में एलपीजी का आयात, ढाका स्थित रामकृष्ण मिशन में विवेकानंद भवन (छात्रावास) और खुलना स्थित इंस्टीट्यूशन ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स बांग्लादेश (आईडीईबी) में बांग्लादेश-भारत प्रोफेशनल स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (बीआईपीएसडीआई) का लोकार्पण किया. भारत के चार दिवसीय दौरे पर आईं हसीना दिल्ली से बांग्लादेश के लिए रविवार शाम रवाना हो जाएंगी.

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