मुख्य पृष्ठ >> मोदी सरकार 10 बैंकों को मिलाकर 4 बैंक बनाएगी

मोदी सरकार 10 बैंकों को मिलाकर 4 बैंक बनाएगी

नई दिल्ली 31 अगस्त 2019 । वित्त मंत्री (Finance Minister) निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने 1971 के बैंकों के राष्ट्रीयकरण के बाद से सबसे बड़ी बैंकिंग सुधार की घोषणा की है. वित्त मंत्री ने 10 सरकारी बैंकों (PSU Bank) के विलय की घोषणा की है. इस विलय के बाद देश में सरकारी बैंकों की संख्या घटकर 12 हो गई है. निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकारी बैंकों के विलय से कर्मचारियों की कोई छंटनी नहीं होगी. उन्होंने कहा, विलय से छंटनी की आशंका नहीं है.

किन बैंकों का होगा विलय
वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक में ओबीसी बैंक और यूनाइटेड बैंक में विलय होगा. केनरा बैंक के साथ सिंडिकेट बैंक में विलय होगा. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के साथ आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक का विलय होगा और इंडियन बैंक के साथ इलाहाबाद बैंक विलय होगा.

किस बैंक में कितना पूंजी डालेगी सरकार
सरकार ने सरकारी बैंक के लिए बूस्टर डोज दी है. वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार बैंकों में पूंजी डालेगी.

इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) में सरकार 3800 करोड़ रुपये की पूंजी डालेगी.
यूको बैंक (UCO) बैंक में सरकार 2100 करोड़ रुपये डालेगी.
यूनाइटेड बैंक (United Bank) में सरकार 1600 करोड़ रुपये पूंजी डालेगी.
सरकार PNB में 16,000 करोड़ रुपये डालेगी.
बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) में सरकार 7,000 करोड़ रुपये का फंड डालेगी.
केनरा बैंक (Canara Bank) में 6,500 करोड़ रुपए में निवेश करेगी सरकार.
यूनियन बैंक (Union Bank) में 11,700 करोड़ रुपए का निवेश करेगी सरकार.

सरकारी बैंकों की संख्या 27 से घटकर 12 पर आई

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया है कि बैंकिंग सिस्टम में सुधार हो रहा है. PNB (Punjab National Bank), में OBC (ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स) और युनाइटेड बैंक ऑफ कॉमर्स का विलय होगा. विलय के बाद बनने वाला बैंक देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक होगा. इसके अलावा इंडियन बैंक का मर्जर इलाहाबाद बैंक के साथ होगा और केनरा बैंक का मर्जर सिंडीकेट बैंक साथ होगा. आपको बता दें कि दो साल में सरकारी बैंकों की संख्या 27 से घटकर 12 पर आ गई है.

बैंकों से कहा गया है कि बैंक शाखाओं में पर्याप्त संख्या में अधिकारी और कर्मचारी उपलब्ध हो ताकि ग्राहकों को रकम जमा-निकासी, लोन लेने या दूसरे बैंकिंग सुविधा लेने में किसी तरह की दिक्कत या फिर परेशान नहीं होनी चाहिए. राष्ट्रीय बैंकों के बोर्ड समिति बैंकों के जीएम और उसके ऊपर के अधिकारी का परफॉर्मेंस देखेंगे.

(1) पंजाब नेशनल बैंक में ओबीसी बैंक और यूनाइटेड बैंक में विलय होगा. इसके साथ ही पंजाब नेशनल बैंक देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक होगा. कुल 1794526 करोड़ रुपये का बिज़नेस होगा.कासा (करंट अकाउंट सेविंग अकाउंट) अनुपात 40 फीसदी होगा.

(2) केनरा बैंक के साथ सिंडिकेट बैंक में विलय होगा- ये देश का चौथा सबसे बड़ा सरकारी बैंक होगा. विलय के बाद केनरा बैंक का बिज़नेस होगा 1520295 करोड़ रुपये का हो जाएगा.

(3) यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के साथ आंध्रा बैंक और कारपोरेशन बैंक का विलय होगा- ये देश का 5वां सबसे बड़ा बैंक होगा. बिजनेस बढ़कर 14.59 लाख करोड़ का हो जाएगा.

(4) इंडियन बैंक के साथ इलाहाबाद बैंक विलय होगा- ये 7वां सबसे बड़ा बैंक होगा. इसका बिजनेस बढ़कर 8.08 लाख करोड़ रुपये का होगा.

आपको बता दें कि पहले स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर ऐंड जयपुर (SBBJ), स्टेट बैंक ऑफ मैसूर (State Bank of Mysore), स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर (State Bank of Travancore) और दो नॉन-लिस्टेड बैंक स्टेट बैंक ऑफ पटियाला (State Bank Patiyala), स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद (State Bank of Hyderabad) के साथ-साथ भारतीय महिला बैंक (बीएमबी) का स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में विलय कर दिया गया था.

NBFC को मिले 3300 करोड़ रुपये- वित्त मंत्री ने बताया है कि 4 बड़ी NBFCs (नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) की बैंकों ने मदद की है. उन्हें गारंटी प्लान के तहत 3300 करोड़ रुपये मिले है.देश की अर्थव्यवस्था को तेज गति देने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है. उनका कहना है कि सरकारी बैंकों में बड़े सुधार की जरुरत है. बैंकों ने अब कदम उठाने शुरू कर दिए है. 8 बड़े बैंकों ने अपनी ब्याज दरों रेपो रेट से जोड़ा है.

प्रेस कॉन्फ्रेंस की प्रमुख बातें
1. वित्त मंत्री ने जारी बैंकों के मर्जर का बड़ा प्लान
1. वित्त मंत्री ने कहा कि हम बहुत तेजी से 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की तरफ बढ़ रहे हैं.
2. 8 सरकारी बैंकों ने रेपो रेट लिंक प्लान लॉन्च किए हैं.
3. NBFCs की राहत के लिए कई कदम उठाए.
4 NBFCs ने लिक्विडिटी के लिए PSBs से करार किया: वित्त मंत्री
5. क्रेडिट ग्रोथ के लिए आज का कदम महत्वपूर्ण: वित्त मंत्री
6. फाइनेंशियल सेक्टर के लिए मजबूत नींव की जरूरत. इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए सरकारी बैंकों की मजबूती के लिए काम कर रहे हैं: इसके अलावा बैंकों ने लोन रिकवरी में रिकॉर्ड बनाया है.
5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के सपने को लेकर वित्तमंत्री ने कहा कि 2017 में देश की अर्थव्यवस्था 2.6 ट्रिलियन डॉलर थी. 2024 में हम 5 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य को जरूर हासिल करेंगे.बैंकिंग सेक्टर को लेकर उन्होंने कहा कि हाल-फिलहाल जितने फैसले लिए गए हैं उससे NPA में भारी कमी आई है. वित्त वर्ष 2018-19 में लोन रिकवरी 1,21,076 करोड़ था. साथ ही NPA का स्तर 7.90 लाख करोड़ पर पहुंच गया है. पहले बैंकों पर 8.86 लाख करोड़ के NPA का बोझ था.

GDP दर पहली तिमाही में 5.8 फीसदी से घटकर 5 फीसदी पर पहुंची, 6 वर्षों में सबसे निचला स्‍तर

देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में धीमी पड़कर 5 प्रतिशत रही. एक साल पहले इसी तिमाही में वृद्धि दर आठ प्रतिशत थी. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जीडीपी दर पहली तिमाही में 5.8 फीसदी से घटकर 5 फीसदी पर पहुंच गई. जो 6 साल में इसका सबसे निचला स्‍तर है. आपको बता दें कि अधिकांश संकेतक कमजोर घरेलू मांग और सुस्त निवेश माहौल की ओर इशारा कर रहे थे. ऐसे में पहले से ही भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में और घटने की आशंका जताई जा रही थी.

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (इंड-रा) ने 28 अगस्त को कहा था कि चालू वित्त वर्ष में मंद वृद्धि वाला लगातार तीसरा साल होगा. इसने इसके लिए मुख्य रूप से उपभोग की मांग में कमी, मॉनसून में देरी, विनिर्माण में गिरावट और निर्यात को प्रभावित करने वाले वैश्विक व्यापार में मंदी को जिम्मेदार ठहराया है. इसके अलावा अन्य फर्मों ने भी समान रूप से अर्थव्यवस्था के नकारात्मक दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया. मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने वित्त वर्ष 2020 में वृद्धि दर 6.4 फीसदी रहने की बात कही है.

बता दें कि कुछ दिन पहले गोल्डमैन सैक की रिपोर्ट में कहा गया था कि मौजूदा मंदी जून 2019 तक 18 महीनों तक चली है. 2006 के बाद से यह सबसे लंबी अवधि है. इसने आगे कहा कि नीति निर्माताओं ने वर्तमान मंदी को कम करने के लिए काम किया है, मगर यह पहले की अपेक्षा कम कारगर साबित हुई हैं. गौरतलब है कि सरकार ने 23 अगस्त को अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और निवेश बढ़ाने के उपायों की घोषणा की थी. इस दिशा में बैंकों की स्थिति में सुधार लाने के लिए सरकारी बैंकों को अग्रिम भुगतान के तौर पर 70 हजार करोड़ रुपये दिए जाने की घोषणा भी की गई थी.

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

जमीन विवाद में नया खुलासा, ट्रस्ट ने उसी दिन 8 करोड़ में की थी एक और डील

नई दिल्ली 17 जून 2021 । अयोध्या में श्री राम मंदिर ट्रस्ट के द्वारा खरीदी …