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WhatsApp को मोदी सरकार का कड़ा संदेश

नई दिल्ली 22 अगस्त 2018 । मोदी सरकार ने मैसेजिंग ऐप WhatsApp को सख्त मैसेज दिया है. मोदी सरकार ने मंगलवार को कहा है कि मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp को भारत में एक स्थानीय इकाई (लोकल इंटिटी) बनानी होगी. साथ ही, अपने प्लेफॉर्म पर फर्जी या अफवाह फैलाने वाले मैसेज के स्रोत पता करने के लिए एक टेक्निकल सॉल्यूशन लाना होगा. WhatsApp के हेड क्रिस डेनियल्स के साथ मीटिंग के बाद IT मिनिस्टर रवि शंकर प्रसाद ने कहा है कि फेसबुक के मालिकाना हक वाले मैसेजिंग ऐप WhatsApp ने भारत की डिजिटल स्टोरी में काफी योगदान दिया है. लेकिन, इसे मॉब लिंचिंग और रिवेंज पॉर्न जैसी घटनाओं को रोकने के लिए भी समाधान भी खोजने होंगे.

WhatsApp को करने होंगे ये 3 काम
रवि शंकर प्रसाद ने कहा है, ‘WhatsApp के CEO क्रिस डेनियल्स के साथ मीटिंग काफी अच्छी रही है. WhatsApp ने पूरे भारत में डिजिटल स्टोरी को आगे बढ़ाने का जो काम किया है, उसके लिए मैंने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं…लेकिन मॉब लिंचिंग और रिवेंज पॉर्न जैसी भयावह चीजें भी हैं. आपको इन चुनौतियों का समाधान खोजना होगा. ऐसी घटनाएं अपराध हैं और भारतीय कानून का उल्लंघन है.’ प्रसाद ने कहा कि उन्होंने WhatsApp से भारत में एक कॉरपोरेट इकाई बनाने, एक ग्रीवन्स ऑफिसर नियुक्त करने और अपने प्लेटफॉर्म पर फैलने वाले झूठे मैसेज का स्रोत पता लगाने के लिए तकनीकी समाधान खोजने को कहा है.

उचित कदम न उठाने पर बढ़ सकती है मुश्किल
प्रसाद ने कहा, ‘…मैंने इन पर विशेष जोर दिया है, मैंने ये बातें पहले भी कहीं थीं. सैकड़ों और हजारों लोगों में सर्कुलेट किए गए मैसेज का पता लगाने में कोई रॉकेट साइंस नहीं लगता है…समाधान खोजने के लिए आपके पास व्यवस्था होनी चाहिए.’ उन्होंने कहा कि अगर इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाए गए तो WhatsApp को अबेटमेंट चार्जेज (उकसावे के आरोप) का सामना करना पड़ सकता है. प्रसाद ने कहा कि WhatsApp ने आश्वस्त किया है कि वह इन्हें पूरा करने के लिए काम कर रही है.

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