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भाजपा में मोदी स्टार, कांग्रेस कार्यकर्ता चाहते हैं मुकाबले में उतरें प्रियंका

नई दिल्ली 12 अक्टूबर 2018 । छत्तीसगढ़ के चुनावी समर में जल्द ही राजनीतिक दलों के स्टार प्रचारक नजर आएंगे। दोनों प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस ऐसे स्टार प्रचारकों की सूची बना रहे हैं, जिनकी सभाओं या रोड शो में भीड़ स्वत: जुट जाए। भाजपा के स्टार प्रचारकों में तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ही नाम सबसे ऊपर है, जबकि मोदी की काट के लिए कांग्रेस में प्रियंका गांधी की डिमांड ज्यादा बनी हुई है।

बस्तर व सरगुजा में चाहते हैं प्रियंका की सभा

राजस्थान कांग्रेस पहले ही प्रियंका को भेजने की मांग कर चुकी है। अब प्रियंका गांधी की डिमांड छत्तीसगढ़ में भी हो रही है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की स्टार प्रचारकों की सूची में कई बड़े नाम शुमार हैं, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को यह लग रहा है कि प्रियंका गांधी उनकी वैतरणी आसानी से पार लगा सकती हैं।

भाजपा आदिवासी सीटों में सेंध लगाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है, लेकिन बस्तर और सरगुजा में प्रियंका की सभा हो जाए तो कांग्रेस नेताओं का दावा है कि भाजपा की सारे दांव फेल हो जाएंगे। कांग्रेस नेताओं का यह भी कहना है कि प्रियंका के प्रभाव को भाजपा भी समझती है। यही वजह है कि गांधी परिवार और प्रियंका पर दबाव बनाए रखने के लिए उनके पति रॉबर्ट वाड्रा पर कोई न कोई आरोप लगाती रही है।

प्रियंका छत्तीसगढ़ आएंगी या नहीं, फैसला गांधी परिवार लेगा। क्योंकि, प्रियंका अमेठी और रायबरेली के अलावा कहीं और प्रचार करने नहीं गई हैं। स्टार प्रचारकों में राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम भी टॉप पर ही है। उनका तो यहां कम से कम तीन-चार दौरा तय माना जा रहा है। कांग्रेस की स्टार प्रचारकों की प्रस्तावित सूची में गुलाम नबी आजाद, नवजोत सिंह सिद्धू, मोहम्मद अजहस्र्द्दीन और राज बब्बर का नाम भी शामिल है।

प्रियंका में इंदिरा की छवि को देखते हैं लोग

कांग्रेस नेताओं का तर्क यह है कि प्रियंका गांधी में लोग उनकी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की छवि देखते हैं। आज भी आदिवासियों में इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का दिल से सम्मान है। पंजा छाप का मतलब ही इंदिरा गांधी और राजीव गांधी मानते हैं। जब आदिवासी वोटरों के बीच प्रियंका गांधी पहुंचेंगी तो कांग्रेस नेताओं का दावा यह है कि मोदी का जादू नहीं चलेगा।

कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी ने 110 सीटों पर तय कर दिए सिंगल नाम

मध्यप्रदेश कांग्रेस में टिकट बंटवारे को लेकर स्क्रीनिंग कमेटी की तीन दिन तक नईदिल्ली में चली बैठक बुधवार को समाप्त हो गई। इस दौरान 110 सीटों पर सिंगल नाम तय कर लिए गए हैं, जिन्हें सेंट्रल इलेक्शन कमेटी (सीईसी) को भेजा जाएगा। ये सभी नाम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की मौजूदगी में सभी वरिष्ठ नेताओं की सहमति से तय किए गए हैं।

अब कांग्रेस प्रत्याशियों की पहली सूची राहुल गांधी के ग्वालियर -चंबल संभाग के हो रहे दौरे के बाद 16 और 17 अक्टूबर को जारी होने की संभावना है। स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा तय किए गए 110 सिंगल नामों में 46 वर्तमान विधायकों के नाम हैं। साथ ही पिछला 2013 का चुनाव 3000 से कम वोटों से हार वाली सीटों पर भी दोबारा पिछला चुनाव हारने वाले उम्मीदवारों को मौका देने पर सहमति बन गई है।

स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में सीटों के लिए तैयार किए गए पैनल में नाम शार्ट-लिस्टेड करने का काम पूरा कर लिया गया है। इनमें जिन सीटों पर पैनल में पांच नाम थे, उनमें से तीन नाम हटा दिए गए हैं और अब सिर्फ दो ही नाम रह गए हैं।
स्क्रीनिंग कमेटी की मीटिंग में सोनकच्छ से इस बार पूर्व सांसद सज्जन सिंह वर्मा को चुनाव लड़ाने पर भी सहमति बन गई है।

वर्मा पहली बार वर्ष 1985 में विधायक चुने गए थे। इसके बाद 1993 से 2008 तक विधायक रहे। उन्होंने 2008 में भी इसी सीट से जीत दर्ज की थी, लेकिन चार महीने बाद ही 2009 में देवास-शाजापुर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। इसके बाद 2014 में वे लोकसभा चुनाव हार गए थे। इसके साथ ही 2009 से 2014 तक उज्जैन से सांसद रह चुके प्रेमचंद गुड्डू की प्राथमिकता आलोट विधानसभा से चुनाव लड़ने की है, लेकिन उनका नाम सर्वे में खंडवा सुरक्षित सीट से भी है। उन्हें इन दोनों में किसी एक सीट से चुनाव लड़ाया जाएगा।

इनके नाम पर लगाई मुहर : सुरखी से गोविंद राजपूत, छतरपुर से आलोक चतुर्वेदी, ग्वालियर पूर्व से मुन्नालाल गोयल, हटा से हरीशंकर चौधरी, मलहरा से तिलक सिंह लोधी, जबलपुर पूर्व से लखन घनघोरिया, सीधी से केपी द्विवेदी, बरघाट से अर्जुन सिंह, मेहगांव से ओपीएस भदौरिया, मनावर से निरंजन डाबर, सैलाना से हर्ष गेहलोत, दिमनी से रवींद्र सिंह तोमर और सरदारपुर से प्रताप ग्रेवाल का नाम शामिल है।

 दिल्ली की राजनीति संभालेंगे गहलोत, पायलट बनेंगे कांग्रेस का चेहरा- किरोड़ी लाल मीणा

राजस्थान में जैसे जैसे चुनावों का वक्त नजदीक आता जा रहा है. वैसे-वैसे ही कांग्रेस की ओर से सीएम पद के उम्मीदवार को लेकर भी सरगर्मयिां बढ़ती जा रही हैं. प्रदेश के ज्यादातर नेता खास कर राजस्थान कांग्रेस के नेता भी यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि इस बार उनकी पार्टी से किसे सीएम पद का उम्मीदवार चुना जाएगा. इसी बीच बीजेपी के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने ऐसी बात बोल दी जिससे कांग्रेस में खलबली मच सकती है.

दरअसल, किरोड़ी लाल ने अपने बयान में कहा कि अंदर के सूत्रों से पक्की खबर है कि राहुल गांधी ने एक तरह से तय कर लिया है कि अशोक गहलोत दिल्ली की राजनीति देखेंगे और राजस्थान में कांग्रेस के सीएम पद के चेहरे राजेश पायलट के पुत्र सचिन पायलट होंगे. राहुल गांधी द्वारा इस बात का संकेत दे दिया गया है.

किरोड़ी लाल ने आगे कहा, पहले जो राजेश पायलट का प्रभाव था, उसे मजबूत करने के लिए है. जब उनसे सवाल किया गया कि, राजस्थान के क्षेत्र में विश्राम करने से क्या राहुल को वोट मिल जाएंगे. इस पर उन्होंने कहा, ये केवल गलतफहमी है. ये भी गलतफहमी है कि कांग्रेस का राज आ रहा है. उन्होंने कहा, कांग्रेस के सत्ता में आने की दूर-दूर तक कोई संभावना नहीं है.

उन्होंने दावा किया कि वह को नहीं आने देंगे. जब 35-40 सीटों पर कांग्रेस की एंट्री ही नहीं होगी तो कांग्रेस की कैसी सत्ता, सत्ता में तो तो भारतीय जनता पार्टी आएगी. मीणा ने कहा कि राहुल गांधी ने महुआ में रात व्यतीत की. इस दौरान कस्बे में हजारों लोग आए, लेकिन वे न किसी से मिले न किसी से रामा-श्याम किया.

इसके बाद वह सुबह हैलीपेड पर गए तो भी वहां काफी तादाद में जनता थी, लेकिन उन्होंने किसी से राम-राम तक नहीं किया. जनता के प्रति तो व्यवहार अच्छा रखना पड़ेगा.

जब #MeToo पर सवाल सुनते ही राहुल गांधी ने रोक दी प्रेस कॉन्फ्रेंस

#MeToo के आरोपों में घिरे विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। पार्टी लगातार उनके इस्तीफे की मांग कर रही है। हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे को लेकर चुप्पी साध ली है…

नेशनल डेस्क: #MeToo के आरोपों में घिरे विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। पार्टी लगातार उनके इस्तीफे की मांग कर रही है। हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे को लेकर चुप्पी साध ली है। राहुल गांधी से जैसे ही #MeToo को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इसे टाल दिया।

दअसल कांग्रेस अध्यक्ष वीरवार को राफेल डील को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने एमजे अकबर को लेकर पूछे गए सवाल पर सीधा जवाब नहीं दिया। राहुल ने कहा कि यह कॉन्फ्रेंस सिर्फ राफेल डील के बारे में है। #MeToo गंभीर और संवेदनशील मुद्दा है, इस पर हम अलग से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी इस मामले को लगातार उठा रही है। यह कहते ही प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म कर दी गई।

बता दें कि हा ही में पत्रकार सबा नकवी और लेखिका गजाला वहाब ने अकबर के साथ कथित तौर पर अपने बुरे अनुभवों को साझा किया था। वहाब ने दावा किया था कि अकबर उन पर अकसर अपने केबिन में आने का दबाव बनाते थे। यही नहीं उनकी डेस्क भी इसलिए चेंज कर दी गई ताकि वह उनकी केबिन के सामने ही बैठें और उन्हें जबरदस्ती छूने के मकसद से अलग-अलग टास्क के लिए अकसर बुलाते रहते थे। पत्रकार के इस आरोप के बाद राजनीति भी गरमा गई।

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