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मोदी की सेना बयान पर विवाद तेज, पूर्व नेवी चीफ ने EC से की शिकायत

नई दिल्ली 3 अप्रैल  2019 । भारतीय सेना को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मोदी की सेना बता दी. इस पर शुरू हुआ विवाद बढ़ता ही जा रहा है. भारतीय नौसेना के पूर्व प्रमुख ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर भाषणों में सेना के दुरुपयोग पर चिंता जताई है. नौसेना प्रमुख एल. रामदास ने एक चिट्ठी लिखकर इसके दुरुपयोग पर रोक लगाने की मांग की है. चुनाव आयोग को लिखे पत्र में रामदास ने यह भी कहा है कि और भी कई सैन्य अधिकारियों ने इस मांग का समर्थन किया है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में सोमवार को एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए भारतीय सेना को ‘मोदी की सेना’ बताया था. इस पर संज्ञान लेते हुए निर्वाचन आयोग ने भी रिपोर्ट मांगी है.

रामदास ने अपने पत्र में जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ हवाई हमले के राजनीतिकरण पर चिंता जताई और कहा कि इससे मतदाताओं पर असर पड़ सकता है. पुलवामा आतंकी हमले के बाद बालाकोट में हवाई हमला और एयर फोर्स के पायलट को सुरक्षित स्वदेश ले आने पर हो रही राजनीति को लेकर उन्होंने चुनाव आयोग का ध्यान खींचा है. पत्र में उन्होंने लिखा है कि ‘कुछ पार्टियां चुनावी रैलियों, मीडिया, सार्वजनिक स्थानों पर नेताओं के साथ सेना की तस्वीरें दिखाकर अपना राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ा रही हैं.’ एल. रामदास ने आगे लिखा है कि ‘ऐसा करना पूरी तरह से अनुचित है क्योंकि यह सुरक्षा बलों के वैल्यू सिस्टम को ध्वस्त करता है. यह भारतीय संविधान की भावना के भी खिलाफ है.’

पूर्व नौसेना प्रमुख एल. रामदास ने पत्र में लिखा है कि ‘इसलिए हम चुनाव आयोग से आग्रह करते हैं कि वह तुरंत इस मामले में दखल दे और चुनाव में सेना की तस्वीर या उससे जुड़ी कोई तस्वीर का दुरुपयोग रोके.’ गौरतलब है कि पुलवामा हमले के बाद बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियां इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगा रही हैं.

आपको बता दें कि सोमवार को योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद की रैली में कहा था कि ‘कांग्रेस के लोग आतंकवादियों को बिरयानी खिलाते थे और मोदीजी की सेना उन्हें सिर्फ गोली और गोला देती है. यह अंतर है. कांग्रेस के लोग मसूद अजहर जैसे आतंकियों के लिए जी का इस्तेमाल करते हैं, मगर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीजेपी सरकार आतंकियों के कैंप पर हमले कर उनका कमर तोड़ती है.’

इस पर यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल. वेंकेटेश्वरलु ने बताया कि इस मामले में गाजियाबाद के जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है. जांच में अगर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन पाया जाएगा तो कार्रवाई की जाएगी. इस मामले पर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता मुकेश चौहान ने कहा कि योगी का बयान सीधा-सीधा आचार संहिता के उल्लंघन का मामला है. इस पर चुनाव आयोग को योगी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि बीजेपी को हार के डर से अब सेना का सहारा लेना पड़ रहा है. बीजेपी के पास अपनी उपलब्धि बताने के लिए कुछ नहीं है. इसीलिए मुख्यमंत्री योगी को सेना का सहारा लेकर चुनाव प्रचार करना पड़ रहा है.

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