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मोदी का फैसला शिवराज ने टाला, कमलनाथ ने किया लागू

भोपाल 25 जून 2019 । मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल के पीएम आवास से जुड़े फैसले को मध्यप्रदेश में तत्कालीन शिवराज सरकार ने टाल दिया था, लेकिन कमलनाथ सरकार ने इसे लागू करेगी। दरअसल, ये निर्णय था था कि पीएम आवास महिला के नाम किए जाएंगे, लेकिन मध्यप्रदेश में पिछली भाजपा सरकार ने जो सर्टिफिकेट दिए थे, उसमें पुरुषों के नाम थे। अब कमलनाथ सरकार ने इस साल से पीएम आवास केवल महिला के नाम पर ही देना तय कर लिया है।
पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने विधानसभा चुनाव के ठीक पहले सितंबर 2018 में करीब 3.50 लाख लोगों को पीएम आवास के सर्टिफिकेट बांटे थे। बाद में उनकी रजिस्ट्री भी कर दी गई, लेकिन उसमें आवास महिला के नाम करने की मोदी सरकार के निर्देश को नहीं माना गया। पिछली शिवराज सरकार ने मोदी सरकार के पहले के फैसले के तहत जिसने भी आवदेन किया, उसके नाम पर आवास दिया। अब मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ग्रामीण विकास विभाग के तहत पीएम आवास के इस साल के लक्ष्य की समीक्षा की। इसमें महिला के नाम ही आवास देने और रजिस्ट्री करने का नियम लागू कर दिया गया है। सीएम ने निर्देश दिए कि जो भी आवेदन अभी तक आए हैं, उसमें पुरुष आवेदक की पत्नी के नाम पर ही आवास मंजूरी का पत्र जारी किया जाए। इसके तहत इस साल 5.61 लाख आवास देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत भी पिछली मंजूरी जारी हो गई है, उसे पूर्ववत रहने दिया जाएगा।
– बजट की दिक्कत : सीएम ने बढ़ाया लक्ष्य
इस साल पीएम आवास बनाने का लक्ष्य विभाग ने कम दिया था, लेकिन मुख्यमंत्री ने पिछले साल से कम लक्ष्य न करने के निर्देश दिए। इस कारण 5.61 लाख लक्ष्य रखा गया। पूर्व में यह 4.50 लाख तक ही रखा जाना था। इसकी वजह बजट की दिक्कत है। दरअसल, बड़ी संख्या में पीएम आवास का निर्माण भुगतान न होने के कारण रुका है। सरकारी खजाने की खराब हालत के कारण इनके लिए कैश फ्लो में दिक्कत आई। पिछली भाजपा सरकार ने सितंबर 2018 से ही पीएम आवास के लिए फंड देना बंद कर दिया था। इस कारण जब नई कांग्रेस सरकार आई तो उसे पुराने भुगतान भी करना पड़ा। अभी भी पुराने समय के भुगतान बड़ी संख्या में लंबित हैं।
– मोदी-शिवराज की टाइल्स से किनारा
कमलनाथ सरकार ने पिछली सरकार के समय लगाई गई पीएम नरेंद्र मोदी व शिवराज सिंह चौहान की टाइल्स से भी पीएम आवास में किनारा कर लिया है। पिछली बार लगाई गई टाइल्स सूबे में सत्ता बदलने के बाद हटा दी गई थी। अब जो पीएम आवास बन रहे हैं, उनमें सामान्य टाइल्स ही लगाने का निर्णय किया गया है। इसमें किसी की भी तस्वीर नहीं रहेगी।

– किस्तों की दिक्कत का हल निकालेंगे
पीएम आवास के तहत जो हितग्राही बची हुई किस्त जमा नहीं कर रहे हैं, उनके लिए भी सरकार हल तलाशने में जुट गई है। दरअसल, सरकार ने सबसिडी देकर मकान तो दे दिया, लेकिन हितग्राही के हिस्से का पैसा बैंक से कर्ज लेकर लगाया गया था। इससे सैकड़ों मकानों के बैंक में जब्त होने नौबत आ गई है। अब सरकार इस फॉर्मूले में बदलाव को लेकर भी विचार-विमर्श कर रही है। फिलहाल इसे होल्ड पर रखा गया है।
** पीएम आवास एक नजर **
3.50 लाख आवास के सर्टिफिकेट पिछली सरकार में जारी
5.61 लाख आवास का लक्ष्य इस साल रखा गया
2.75 लाख से ज्यादा पिछली सरकार के आवास लंबित

मुख्यमंत्री के स्तर पर निर्देश दिए गए हैं कि पीएम आवास में पुरुष आवेदक की पत्नी के नाम पर ही मंजूरी जारी की जाए। इसके तहत महिला के नाम पर ही पीएम आवास की मंजूरी दी जाएगी। पिछले साल ऐसा नहीं था।

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