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मोदी का दुनिया को मंत्र, भारतीय इकोनॉमी को लेकर अच्छी खबर

नई दिल्ली 3 नवंबर 2021 । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच दिवसीय यूरोप दौरे के बाद स्वदेश लौट आए हैं। यह दौरा अपने आप में काफी सफल माना जा रहा है। आपको इसके बारे में हम विस्तृत जानकारी देंगे। लेकिन यह भी बताएंगे कि कैसे कोरोना महामारी के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार अच्छी रफ्तार से बढ़ रही है। वहीं प्रधानमंत्री ने दुनिया को जलवायु संरक्षण को लेकर एक बड़ा मंत्र दिया है। इसके बारे में भी आपको बताएंगे। नरेंद्र मोदी भारत लौंटे

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी रोम (इटली), वेटिकन सिटी और ग्लासगो (स्कॉटलैंड) की अपनी यात्रा के समापन के बाद देश लौट आए। प्रधानमंत्री 5 दिवसीय यूरोप यात्रा पर थे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इटली की राजधानी रोम में आयोजित जी-20 की बैठक में शामिल हुए। इसके बाद वह वेटिकन सिटी पहुंचे जहां उन्होंने पोप फ्रांसिस से मुलाकात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्कॉटलैंड के ग्लासगो भी पहुंचे। COP26 की बैठक में शामिल हुआ इस बैठक में जलवायु परिवर्तन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अपने इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई देश के प्रमुख नेताओं से द्विपक्षीय वार्ता भी की जिसमें इटली, इसराइल, नेपाल आदि देश शामिल हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन तथा इंग्लैंड के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन से भी मुलाकात की। मोदी का मंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर चीज के सूर्य से उत्पन्न होने पर जोर देते हुए सौर ऊर्जा की व्यवहार्यता बढ़ाने के लिए ‘वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड’ का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने यह घोषणा की कि भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) जल्द ही विश्व को एक कैलकुलेटर उपलब्ध कराएगी, जो पूरे विश्व में किसी भी क्षेत्र में सौर ऊर्जा की उपलब्धता को माप सकता है। जलवायु शिखर सम्मेलन से इतर ‘स्वच्छ प्रौद्योगिकी नवोन्मेष बढ़ाने व उसकी तैनाती’ कार्यक्रम में यहां विश्व के नेताओं को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि जीवाश्म ईंधन का उपयोग कर कई देश औद्योगिक क्रांति के दौरान अमीर हो गये, लेकिन इसने पृथ्वी और पर्यावरण को बदहाल कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘औद्योगिक क्रांति जीवाश्म ईंधन का उपयोग कर हुई। कई देश जीवाश्म ईंधन का उपयोग कर संपन्न हो गये, लेकिन इसने पृथ्वी और पर्यावरण को बदहाल कर दिया। जीवाश्म ईंधन के लिए होड़ ने भू-राजनीतिक तनाव भी पैदा किया। हालांकि, आज प्रौद्योगिकी ने हमें एक बेहतर विकल्प दिया है।’’ भारतीय इकोनॉमी की खबर

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 10 प्रतिशत या उससे अधिक रहेगी। जबकि अगले वित्त वर्ष 2022-23 में इसके 8 प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान है। एक पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम के मौके पर कुमार ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के सात साल के कार्यकाल के दौरान कंपनियों के फलने-फूलने के लिये मजबूत आर्थिक नींव रखी गयी है। कोविड-19 महामारी के कारण दो साल आर्थिक वृद्धि के मोर्चे पर समस्या आयी है। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ने 2021 में 9.5 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया है। कुमार ने कहा कि मुद्रा कोष के अनुसार भारत अगले पांच साल में तीव्र वृद्धि हासिल करने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश होगा…।

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