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प्रभात बने शिवराज के नये संकटमोचक

नई दिल्ली 9 नवम्बर 2018 । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के नये संकटमोचक अब भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा बन गये है। जनआर्शीवाद यात्रा से लेकर टिकट वितरण और प्रचार प्रसार तक में प्रभात मुख्य भूमिका में रहे। बाबूलाल गौर और सतीश सिकरवार के टिकट मसले को भी उन्होंने बखूबी सुलझाकर चाणक्य का किरदार अदा किया। साथ ही असंतोष को टालने में भी वह निर्णायक भूमिका में है।
राज्यसभा सांसद प्रभात झा को राजनीति का महारथी खिलाड़ी कहा जाता है। प्रभात प्रेमियों की पूरे प्रदेश में लंबी चौड़ी फौज है। सभी उनका सम्मान भी करते है। कोई उनकी बात को टाल नहीं पाता। अब प्रभात के कुशल प्रबंधन और राजनीति की दूरदृष्टि सोच को देखकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भी उनके कायल हो गये है। जनआर्शीवाद यात्रा की सफलता और उसमे भीड़ से मुख्यमंत्री गदगद है। वह हर रणनीति को बनाने में मुख्य रूप से प्रभात जी को अपने साथ रखते है। छोटी से लेकर बड़ी सलाह भी उनसे लेते है। आलम यह रहा कि टिकट वितरण में भी उनसे राय ली गई और उनकी पसंदों पर सबसे ज्यादा मुहर लगी। बाबूलाल गौर से लेकर सतीश सिकरवार के टिकट के मसले को भी उन्होंने सुलझाया, जिससे असंतोष से बचा जाये। अब स्थिति यह है कि मुख्यमंत्री के साथ सुबह की चाय भी वह पीते है। साथ ही दिनभर के कार्यक्रमों को भी उनकी देखरेख में ही अमलीजामा पहनाया जा रहा है।

90 से ज्यादा राजनीतिक पार्टियां इस बार चुनाव मैदान में

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 में इस बार चुनाव मैदान में कूदने वाले राजनीतिक दलों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इस बार करीब 90 से ज्यादा राजनीतिक दल चुनावी रण में ताल ठोक रहे हैं। वहीं 2013 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में इनकी संख्या 66 थी।
साल 2013 के विधानसभा चुनाव में 66 राजनीतिक दल चुनाव लड़ रहे थे। इनमें से छह राष्ट्रीय पार्टियां, नौ क्षेत्रीय पार्टियां और 51 गैर मान्यता प्राप्त पंजीकृत राजनीतिक पार्टियां शामिल थीं।
लोकतंत्र के पर्व में इस बार 18 नई पार्टिया अपने झंडे और प्रत्याशियों के साथ शामिल हो रही हैं। हालांकि इन नए राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग से अभी मान्यता हासिल नहीं हुई है। चुनाव आयोग इन पार्टियों को जूता, मोजा, पेट्रोल पंप, शिमला मिर्च, टाई जैसे चुनाव चिह्न आवंटित करेगा।
प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों के लिए कुल 2,583 प्रत्याशी चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे थे। हालांकि इनमें महिला प्रत्याशियों की संख्या सिर्फ 200 थी।
इस बार कांग्रेस, भाजपा और बसपा के अलावा 96 राजनीतिक पार्टियां मैदान में है। इनमें 84 पार्टियां को अब तक मान्यता हासिल नहीं हो पाई है। हालांकि इन राजनीतिक दलों को मान्यता तभी हासिल होगी जब ये दल कम से कम पांच फीसदी यानी 12 सीटों पर अपने उम्मीदवारों को चुनाव लड़ाए।

शिवराज के सामने अरूण यादव होंगे कांग्रेस उम्‍मीदवार
मध्‍यप्रदेश कांग्रेस की 6 वीं सूची भी गुरूवार रात्रि को जारी कर दी गयी। इसमें एक सीट जतारा को लोकतांत्रिक जनता दल के लिए रिक्‍त छोड़ा गया है। बुधनी से मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह के सामने प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष अरूण यादव को कांग्रेस का उम्‍मीदवार बनाया गया है। इसके अतिरिक्‍त तीन सीटों पर पूर्व में घोषित प्रत्‍याशी के स्‍थान पर नये प्रत्‍याशी घोषित किये गये हैं। इंदौर में सीट क्रमांक-1 पर संजय शुक्‍ला को टिकट दिया गया है। पूर्व में यहां से प्रीति अग्निहोत्री को यहां से उम्‍मीदवार घोषित किया गया है। कांग्रेस कुल 229 सीट पर चुनाव लड़ेगी।

मंत्रियों के नामांकन में शामिल होने वाले स्टाफ पर होगी कार्रवाई

विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन का सिलसिला तेज हो गया है। ज्यादातर मंत्रियों ने अपने पर्चे भी दाखिल कर दिए हैं। इस दौरान उनके साथ निज स्थापना के अधिकारियों-कर्मचारियों के होने की बात भी सामने आई है।इस संबंध में मौखिक शिकायत भी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव से की गई है। उन्होंने बताया कि नामांकन की वीडियोग्राफी कराई जा रही है। इनका परीक्षण करके यदि सरकारी स्टाफ की मौजूदगी प्रमाणित होती है तो कार्रवाई की जाएगी।
उधर, मंत्रियों के स्टाफ में काम कर रहे अधिकारी-कर्मचारी मंत्री कार्यालय में चुनाव के दौरान भी काम करते रहेंगे। दरअसल, आचार संहिता लागू होने के बाद इसको लेकर भ्रम की स्थिति थी, जिसे देखते हुए तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के राज्यमंत्री दीपक जोशी के विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी डॉ. बी. लक्ष्मीनारायण रेड्डी ने सामान्य प्रशासन विभाग से मार्गदर्शन मांगा था।

विजयवर्गीय ने बेटे के लिए टिकिट कबड़ा ,नरेंद्र और सुमित्रा के बेटे वंचित

विजयवर्गीय ने बेटे के लिए टिकिट कबड़ा ,नरेंद्र और सुमित्रा के बेटे वंचित
भोपाल-मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने आख़िरकार एक और सूची जारी कर दी है. इसमें 32 नामों का ऐलान किया गया है. परिवारवाद और बेटेों को टिकट दिलाने की माथापच्ची के कारण सूची जारी होने में लगातार देर हो रही थी. गोविंदपुरा से बाबूलाल गौर का टिकट काटकर उनकी बहू कृष्णा गौर को मैदान में उतार दिया गया है. इंदौर 3 से कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश को टिकट दे दिया गया है।लेकिन सुमित्रा महाजन और नरेन्द्र सिंह तोमर के बेटों को टिकट नहीं मिला है.

कांग्रेस से बीजेपी में आए प्रेमचंद गुड्डू के बेटे अजित को घट्टिया से पार्टी ने मैदान में उतारा है.ये हैं बाक़ी प्रत्य़ाशी-दिमनी- शिवमंदल सिंह तोमरअंबाह – गब्बर सिकरवारभिंड – राकेश चौधरीडबरा -कप्तान सिंहभांडेर रजनी प्रजापतिनिवाड़ी – अनिल जैनराजनगर – अरविंद पटैरियापथरिया – लखन पटेल अमर – राम खिलाव पटेलसिहावल – शिव बहादुर चंदेलबरबाड़ा – मोती कश्यपपाटन- अजय विश्नोईतेंदुखेड़ा -मुलायम सिंह कौरव गाडरवा गौतम पटेल शमशाबाद – राजश्री सिंहगोविंदपुरा – कृष्णा गौरशाजापुर – अरुण भिमावत कालापीपल – बाबूलाल वर्मासोनकच्छ – राजेन्द्र वर्माराजपुर – अंतर पटेलझाबुआ – जी एस डामोरदेपालपुर – श्री मनोज पटेलइंदौर 1 – सुदर्शन गुप्ताइंदौर 2 – रमेश मेंदोलाइंदौर 3 – आकाश विजयवर्गीयइंदौर 4 – मालिनी गौरइंदौर 5 – महेन्द्र हार्डियामहू – उषा ठाकुरराऊ -मधु वर्मासावेर – राजेश सोनकरघट्टिया – अजित प्रेमचंद बौरासीमामला इंदौर और ग्वालियर पर फंसा हुआ था.

कैलाश विजयवर्गीय अपने बेटे आकाश को और सुमित्रा महाजन अपने बेटे मंदार को टिकट दिलाना चाहते थे. नरेन्द्र सिंह तोमर भी टिकट की कतार में थे. वो भी अपने बेटे देवेन्द्र के लिए टिकट मांग रहे थे.

38 सीटों के लिए लगातार मंथन चल रहा था. मामला भोपाल की गोविंदपुरा और होशंगाबाद सीट के लिए भी अटका हुआ था. गोविंदपुरा से बाबूलाल गौर और सिवनी मालवा के लिए सरताज सिंह टिकट मांग रहे थे. दोनों ही नेता उम्र के लिहाज़ से पार्टी के पैमाने पर खरे नहीं उतर रहे थे.बीजेपी 192 प्रत्याशियों की पहले ही घोषणा कर चुकी थी. पहली सूची में 177 नाम उसने घोषित किए थे.

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