मुख्य पृष्ठ >> प्रदेश >> मध्यप्रदेश >> उज्जैन / भोपाल >> मप्र: प्रदेश में बदलाव की बयार, बहुमत के साथ सत्ता में आएगी कांग्रेस

मप्र: प्रदेश में बदलाव की बयार, बहुमत के साथ सत्ता में आएगी कांग्रेस

भोपाल 2 जून 2018 । मध्यप्रदेश में कांग्रेस भी चुनावी मोड़ में आ गयी है। चुनाव में अब कुछ ही महीने बचे हैं। नेता जनता को विश्वास में लेने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहे हैं और रैलियां निकालकर प्रचार प्रसार कर रहे हैं। इसी सिलसिले में एक माह से सबलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं को जागरूक करने के लिये कांग्रेस द्वारा जन जागरण यात्रा निकाली जा रही है। जन जागरण यात्रा में क्षेत्र के मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। यात्रा का नेतृत्व वरिष्ठ कांग्रेस नेता संजय फक्कड़ द्वारा किया जा रहा है। यात्रा का ग्रामीणों द्वारा जगह-जगह भव्य स्वागत शरबत, ठण्डाई, लस्सी आदि सहित पुष्प वर्षा से किया जा रहा है। ग्रामीणों को संबोधित करते हुये कांग्रेस नेता संजय फक्कड़ ने कहा कि वर्तमान समय में सिंधिया व कमल के साथ ने प्रदेश की भाजपा सरकार को हिलाकर रख दिया है। उन्होंने कहा कि सांसद ज्योतिरादित्य व कमलनाथ के साथ से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी।
निरंतर यात्रा के दौरान ग्रामीणों द्वारा मिल रहे जन सहयोग के बारे में बताते हुये फक्कड़ ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र का प्रत्येक मतदाता यह मन बना चुका है कि वह कांग्रेस के पक्ष में मतदान कर भाजपा के झूठे आश्वासनों व झूठी घोषणाओं का हिसाब चुकाएगा। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान विधानसभा क्षेत्र के कई ऐसे गांव देखने को मिले जहां के निवासियों ने कभी बिजली नहीं देखी तो कई गांवों में पीने के पानी तक की व्यवस्था नही है।
उन्होंने कहा कि इस बार के मतदान के बाद प्रदेश के मतदाता भ्रष्टाचार से मुक्ति का पर्व मनाएंगें। प्रदेश में परिवर्तन की बयार है मतदाता झूठे वादों पर वादों से ऊब चुका है, भाजपा शासनकाल में किसान, व्यापारी, कर्मचारी, मजदूर, बेरोजगार युवा साथी साहित प्रदेश के आम मतदाता को परिवर्तन के लिऐ मतदान की तिथि का बेसब्री से इंतजार है। मप्र में झ्स बार कांग्रेस की सरकार का बनना तय है। ग्राम ऐंचोली में जन जागरण यात्रा के पंहुचने पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए यात्रा के संयोजक फक्कड़ ने कहा कि विधानसभा में जो भी विकास कार्य हुऐ वह ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं कैलाशवासी माधवराव सिंधिया के अथक प्रयासों की देन है। जब भी कोई विपदा यहॉ के निवासियों पर आई परिवार के सदस्य के रुप में सिंधिया सबसे पहले मदद को आये हैं।
झ्स क्षेत्र का मतदाता ज्येतिरादित्य सिंधिया की आन बान और शान में कांग्रेस के पक्ष में मतदान को आतुर है। प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ एवं श्री सिंधिया सहित कॉग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं की जुगलबंदी प्रदेश में काबिज भाजपा के कुशासन से मुक्ति दिलाकर कांग्रेस की जन हितकारी सरकार बनाने में सफल होगी।

दिग्विजय सिंह ने फिर से अयोध्या के राम मंदिर को लेकर दिया विवादित बयान

आज कांग्रेस के पूर्व सांसद और राष्ट्रीय नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी के आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री दिग्विजय सिंह ने फिर से एक विवादित बयान अयोध्या के राम मंदिर को लेकर दे दिया | उन्होंने पत्रकारों के सवालों के जबाब देते हुए कहा की ओरछा के राम राजा मंदिर में दर्शन करने पहली बार नहीं गया उसको अयोध्या से जोड़कर आ[प रामराजा का महत्व कम कर रहे हैं | में पिछले ४० साल से वहां दर्शन करने जा रहा हूँ | उसे राम मंदिर के विवादित मसले से ना जोड़ें , में तो ये कहता हूँ कि ढांचा गिराया जहाँ पहले तक पूजा हो रही थी ,तो ढांचा गिराने का उदेश्य क्या था ? इसलिए हम विश्व हिन्दू परिसद पर आरोप लगाते हें, कि आपने जहां राम मंदिर के रूप में पूजा हो रही थी , उस ढाँचे को गिराकर राम के सम्मान को अपमानित किया |
दिग्विजय सिंह ने विवादों और मतभेदों के समबध में कहा कि हमारा ना किसी से मतभेद है और ना किसी से मनभेद रहा है , एक भी वक्तय्व बता दें किसी के खिलाफ बोला हो , हाँ हमारी विचार धारा संघ की विचार धारा से मेंल नहीं खाती , संघ की विचार धारा नफरत फैलाती है जिससे हिंसा भड़कती है उसी से प्रेरित होकर नाथूराम गोडसे का भ्रमित हो कर महत्मा गांधी की ह्त्या की , इसलिए हम उनका विरोध करते हैं | बंटा धार के सवाल पर उन्होंने कहा कि बीजेपी को गाली देने की आदत है |
सॉफ्ट हिंदुत्व और धार्मिकता के सवाल पर उन्होंने कहा की सॉफ्ट हिंदुत्व का कोई मतलब नहीं , वीर सावरकर अपनी किताब में यह शब्द लाये थे , मुझे इस पर विश्वास नहीं है , सॉफ्ट हिदुत्व क्या होता है | कांग्रेस पार्टी सभी धर्मो का सम्मान करती है , कांग्रेस ने किसी भी धर्म का ना प्रचार किया ना हम किसी धर्म के प्रति दुर्भावना से देखते हैं इसलिए जहां तक मंदिर मस्जिद सवाल है राहुल गांधी पहले भी मंदिर जाते थे अब भी जाते हैं | मेरे घर में ९-९ हैं मंदिर हैं जहां रोज पूजा होती है ,| में बीजेपी नेताओ से पूंछना चाहता हूँ की कोई बीजेपी नेता है जिसने गोवर्धन जी की परिक्रमा की हो , कामद गिरी की परिक्रमा की हो , ओम्कारेश्वर की परिक्रमा की हो नर्मदा जी की परिक्रमा की हो | हम सब अपना अपना धर्म पालन करने वाले लोग हैं | इसलिए ना हम मुस्लिम परस्त हैं ,ना हिन्दू परस्त हैं ,ना सिख परस्त हे ना जैन परस्त हैं हम देश परस्त हैं |
असल में दिग्विजय सिंह अपनी प्रदेश समन्वय समिति के साथ बुंदेलखंड के दौरे पर निकले हैं , उनकी यह यात्रा ३१ मई को ओरछा से शुरू हुई थी | ३१ मई को उन्होंने व सत्यव्रत चतुर्वेदी वा समन्वय समिति के लोगों ने टीकमगढ़ जिले में कांग्रेसियों को एक जुट करने के जतन किये ,| शुक्रवार को छतरपुर जिले के कांग्रेसियों के मतभेद और मनभेद दूर करने के जतन में जुटे रहे | शनिवार को यही प्रक्रिया पन्ना में दोहराई जायेगी |

महंगाई और किसानों के मुद्दे पर शिवराज सरकार पर जमकर बरसे सिंधिया

भाजपा बढ़ती महंगाई और किसानों के मुद्दे को लेकर लगातार घिरती नजर आ रही है। विपक्ष सरकार पर कटाक्ष करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा है। इसी सिलसिले में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला है। उनका कहना है प्रदेश में किसान को उनकी फसल की लागत तक नहीं मिल पा रही है और मंडियों में फसल बेचने के दौरान कोई सुविधा किसान के लिए नहीं की है। इस दौरान उन्होने प्याज और लहसुन के दामों के बारे में बात की।
पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंमे मौजूदा सरकार पर जमकर वार किया। सिंधिया ने कहा कि आज के समय में किसान प्रताड़ित हो रहा है। किसान को न तो फसल का उत्पादन का दाम मिल रहा है न लागत का दाम मिल रहा है। मंडी में जाते हैं तो ट्रालियों की लाइन लगी है। किसानों की समस्या के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जो हाल पिछले वर्ष टमाटर और दूध का था वही हाल आज प्याज और लहसुन का हो चुका है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि 1 रुपए और 2 रुपए किलो प्याज और लहसुन बिक रहे हैं, 3 महीने बाद मार्केट में यही लहसुन और प्याज 80 रुपए किलो बिकने लगता है। सोयाबीन और उड़द 2200 रुपए बिक रहा था भावांतर के बाद 1800 पर आ गया है। यह सरकार किसानों के साथ छलावा कर रही है और अपनी और अपनों की जेबे भर रही है। किसानों की राशि जो उनका हक बनता है वह BJP की सरकार अपने पॉकेट में डाल रही है अपने चहेते के पॉकेट में डाल रही हैं।
वहीं डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर सिंधिया ने कहा कि यह सरासर देश के आम आदमी और आम जनता के विरुद्ध चोरी का प्रकरण है। जब कांग्रेस की सरकार थी तब अंतर्राष्ट्रीय जगत में 120 डॉलर प्रति बैरल तेल का दाम था फिर भी देश के अंदर आम आदमी के लिए हमने 60 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल और 55 रुपए प्रति लीटर डीजल का दाम रखा था। 4 साल के दरमियान वही 120 डॉलर प्रति बैरल का दाम घटकर 35 डॉलर तक पहुंचा है अब वापस 75 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचा है।

माया-अखिलेश की जोड़ी हिट, उपचुनाव नतीजों के 10 बड़े संदेश

देश की 4 लोकसभा सीटों और 10 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे गुरुवार को आए. 14 सीटों में एनडीए और महागठबंधन के बीच उपचुनाव का स्कोरकार्ड 3-11 का रहा. 2019 के आम चुनावों की ओर बढ़ रहे राजनीतिक दलों के लिए ये नतीजे काफी दूरगामी असर डालने वाले हैं. पढ़ें, इन नतीजों के 10 बड़े संदेश:

1. जहां बीजेपी के लिए उपचुनाव के नतीजे बड़ा झटका माने जा रहे हैं वहीं विपक्षी महागठबंधन के प्रयोग की सफलता की कहानी भी बयान करने वाले रहे. खासकर यूपी में सपा-बसपा के बोल्ड सियासी फैसले ने साफ कर दिया कि बीजेपी के चाणक्य अमित शाह के लिए 2019 की जंग यूपी में 2014 जितनी आसान नहीं रहने वाली.

2. इस जीत का श्रेय दिया जाना चाहिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती को. जिन्होंने अपनी साझी रणनीति से पहले गोरखपुर-फूलपुर और अब कैराना-नूरपुर में बीजेपी को मात देकर तमाम दलों को मोदी मैजिक को मात देने का अचूक फॉर्मूला दे दिया.

3. अब मोदी मैजिक की काट विपक्षी दलों के पास है और वो है महागठबंधन का फॉर्मूला. जो पहले बिहार में सफल रही थी और अब यूपी में हर उपचुनाव में कामयाब होती जा रही है.

4. ममता बनर्जी का वन-टू-वन फॉर्मूला विपक्ष के लिए ब्रह्मास्त्र है. यानी अगर बीजेपी के सियासी समीकरणों को मात देना है तो छोटे-बड़े सभी दलों को साथ आना पड़ेगा. इसमें सियासी अहम रुकावट नहीं बननी चाहिए. जहां जो जीत सकता है उसे जीतने का मौका और समर्थन देना ही होगा. जैसे गोरखपुर-फूलपुर में बसपा ने सपा को मौका दिया. कैराना में आरएलडी को और नूरपुर में सपा को सभी विपक्षी दलों ने समर्थन किया और 100 फीसदी जीत मुमकिन हो पाई.

5. ये भी कि बीजेपी के लिए चुनावी लड़ाई अब 2014 जैसी आसान नहीं है. केंद्र में बीजेपी की सरकार के 4 साल पूरे हो चुके हैं और रोजगार-किसानों के मुद्दों समेत तमाम मुद्दों पर एंटी-इंकमबेंसी का सामना अब बीजेपी को करना होगा. अब सिर्फ ब्रांड मोदी जीत दिलाने के लिए काफी नहीं है.

6. केंद्र की मोदी सरकार को जनता के बीच असर दिखाने वाले ठोस कदम उठाने होंगे. किसानों, युवाओं के रोजगार के मुद्दे, आर्थिक गड़बड़ियों को रोक पाने में विफलता आदि ऐसे तमाम मुद्दे हैं जो विपक्ष को सरकार को घेरने का मौका दे रहे हैं इनपे ठोस कदम उठाने होंगे. इसके अलावा राम मंदिर जैसे बीजेपी के कोर मुद्दों पर भी कोई ठोस पहल नहीं होना बीजेपी के लिए मुश्किल बढ़ा रही है.

7. सिर्फ केंद्र की मोदी सरकार ही नहीं बल्कि बीजेपी की राज्य सरकारों को भी प्रदर्शन करके दिखाना होगा. अभी देश के 20 से अधिक राज्यों में बीजेपी और सहयोगी दलों की सरकारें हैं. आने वाले वक्त में राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे अहम राज्यों में चुनाव होने हैं. जबकि देश के सबसे बड़े राज्य यूपी जहां प्रचंड बहुमत के साथ बीजेपी जीतकर आई थी वहां लगातार उपचुनावों में हार हुई है. पार्टी को सरकार के कामकाज की जमीनी हकीकत पर गंभीरता से गौर करना होगा.

8. महंगाई का मुद्दा बीजेपी के लिए बड़ा सिरदर्द बनता जा रहा है. पेट्रोल-डीजल कीमतों को लेकर खुद बीजेपी की सहयोगी दल जेडीयू ने सवाल खड़ा किया और चुनावी हार के लिए इसे जिम्मेदार ठहराया.

9. हालांकि, यूपी-बिहार जैसे राज्यों में बढ़ती चुनौतियों के बीच बीजेपी के लिए कुछ अच्छे संकेत भी हैं. जैसे पश्चिम बंगाल में बीजेपी की लगातार पैठ बढ़ती जा रही है. त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्य में जीत से नए इलाकों में पार्टी के लिए संभावनाएं बढ़ी हैं. तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश, ओडिशा जैसे राज्यों में बीजेपी सक्रिय हुई है और उसे इसका फायदा मिल सकता है.

10. बीजेपी के लिए सहयोगी दलों को साथ लेकर चलना भी 2019 में बड़ी चुनौती होगी. जेडीयू, शिवसेना, यूपी में ओपी राजभर की पार्टी असंतुष्ट हैं तो टीडीपी ने एनडीए से नाता ही तोड़ लिया है. असम में असम गण् परिषद विरोध में खड़ी होती दिख रही है. वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और महागठबंधन के खेमे में लगातार दलों की तादाद बढ़ती जा रही है. ये सभी घटनाक्रम 2019 के चुनावों को रोचक बनाएंगे.

महंगाई के खिलाफ बेलगाड़ी पर सवार होंगे सिंधिया, करेंगे सीएम आवास का घेराव

पेट्रोल-डीजल के दामों में हो रही बढ़ोत्तरी के विरोध में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया बैलगाड़ी की सवारी कर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।
चुनावी साल में कांग्रेस प्रदेश सरकार और बीजेपी को घेरने का कोई भी मौका नहीं गंवाना चाहती है। चाहे किसानों का मुद्दा हो या फिर पेट्रोल-डीजल के बढ़े रहे दामों का, प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सीएम शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है इसी कड़ी में बढ़ती हुई महंगाई के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और एमपी चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया 5 जून को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। दोनों नेता पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं समेत बैलगाड़ी से मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर घेराव और प्रदर्शन करेंगे।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया भी उनके साथ इस प्रदर्शन में शामिल होंगे। यह बैलगाड़ी यात्रा प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से शुरू होगी। पेट्रोल-डीजल पर से राज्य सरकार द्वारा लगाए गए कर को कम करने के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौपा जाएगा। बैलगाड़ी यात्रा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल होंगे।

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

कोरोना विस्फोट के बीच क्या लगेगा लॉकडाउन? पीएम मोदी की आज बड़ी बैठक

नई दिल्ली 19 अप्रैल 2021 । कोरोना की दूसरी लहर की वजह से देश में …