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एक मुकेश अंबानी उनकी बेटी का विवाह भारत के उन नव धनाढ्यों के लिए एक तमाचा है

नई दिल्ली 29 दिसंबर 2018 । जो जरा सा पैसा पाने पर ही अपने संस्कारों, पारिवारिक मर्यादाओं और भारतीय आचरणों को भूल कर के विदेशी होने का गुमान पाले रहते हैं और अपने आप को विदेशी साबित करने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं

औकात देखिए मुकेश अंबानी की
दुनिया की बड़ी बड़ी हस्तियां हिलेरी क्लिंटन सरीकी महिला मुकेश अंबानी की बेटी के विवाह में 3 दिन तक रूकती है
ताकत देखिए मुकेश अंबानी की बॉलीवुड के जितने भी भांड थे वह मुकेश अंबानी की बेटी की शादी में बारातियों को पत्तल करते हुए दिखाई दिये
संस्कार देखिए सबसे पहला शादी का कार्ड केदारनाथ जी को भेट किया गया और मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में पूजा अर्चना की गई
आस्था देखिये कि स्वयं नीता अंबानी श्रीनाथ जी की तस्वीर लगा कर के पूरी भव्यता के साथ मधुरास्टक के माध्यम से आराधना कर रहे हैं
भारतीय संस्कारों का समावेश विवाह में देखने को मिला और उनके उच्च मान्यताओं को स्थापित करने का जो उदाहरण बना वह शायद किसी भी विवाह में ना बन पाए

पूरे विवाह में सारे विदेशी मेहमानों से
ओम जय जगदीश हरे की आरती गवा करके मुकेश अंबानी ने कमाल कर दिया हर विदेशी मेहमान हाथों में आरती की थाली लिए हुए ओम जय जगदीश हरे गा रहे थे
मुकेश अंबानी और नीता अंबानी स्वयं नारायण वृद्ध आश्रम में लगातार 3 दिनों तक गरीबों को भोजन कराते रहे यह कारवां अपने नौकरों के माध्यम से भी करा सकते थे लेकिन तब शायद वो दुआएं नहीं मिलते जो आज
मिली होंगी
लता मंगेशकर की आवाज में गायत्री मंत्र का उच्चारण ईसा अंबानी के विवाह के समय किया जा रहा था कन्यादान के समय शुभाशीष का कार्य अमिताभ बच्चन सरीके लोग कर रहे थे
पूरे विवाह में एक चीज जो विशेष देखने को मिली
वह यह कि भारतीय संस्कारों को उच्च मापदंडों पर स्थापित किया गया और उनके साथ किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया गया
पूरे विवाह में किसी भी प्रकार की कोई अश्लीलता और नहीं हुई बल्कि एक आम भारतीय पिता की तरह मुकेश अंबानी बेटी का विवाह किया
आभार व कृतज्ञता उतनी ही जितनी एक आम पिता अपनी पुत्री के विवाह के समय अपने दामाद के परिवार के समक्ष प्रकट करता है
सारे मेहमानों से भी वही निवेदन की बेटी का पिता हूं कुछ गलती हो सकती है।
सीखना चाहिए उन्हें
जिन्होंने अभी अभी पैसा कमाना सीखा है।

सबसे बड़ी बात
खाना शुद्ध शाकाहारी देशी घी में बना,कोई तामसिक भोजन नही,कोई दारू नही,कोई अश्लीलता नही
गज़ब
मुकेश अम्बानी जी और उनकी धर्मपत्नी नीता जी को ,जमीन से जुड़ा व्यक्ति ही धरातल ओर संस्कृति को समझ सकता है।अन्यथा फूहड़पन तो आजकल आम हो गया है.

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