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अब बच्चों के लिए खिलौने बनाएंगे मुकेश अंबानी, लंदन की इस कंपनी को खरीदने की तैयारी में रिलायंस

नई दिल्ली 19 अप्रैल 2019 । दुनिया के 13वें सबसे अमीर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी अब खिलौनों का कारोबार शुरू करने जा रहे हैं। इसके लिए वो लंदन की खिलौने बनाने वाली कंपनी खरीदने जा रहे हैं। इस कंपनी का नाम हेमलीज ( Hamelys ) है। अगर मुकेश अंबानी इस कंपनी को खरीदने में कामयाब हो जाते हैं तो भारत के खिलौना मार्केट में भी उनका अधिपत्य स्थापित हो जाएगा। दोनों कंपनियों के बीच आखिरी दौर की बातचीत चल रही है। जिसके जल्द ही फाइनल होने की बात कही जा रही है। आपको बता दें कि मुकेश अंबानी पिछले कुछ समय नए नए कारोबार में निवेश करने की प्लानिंग बना रहे हैं। कुछ दिन पहले वो रियल एस्टेट में उतरने की घोषणा कर चुके हैं।

कुछ ऐसा है हेमलीज का लेखाजोखा
हेमलीज की मालिक चीन की एक कंपनी है। रिलायंस रिटेल की रिलायंस ब्रांड्स के पास हेमलीज की भारत की मास्टर फ्रेंचाइजी है। लंदन में खिलौने के एक पुराने स्टोर से हेमलीज ब्रांड शुरू हुआ था। भारत में यह कंपनी सबसे बड़ी टॉय रिटेलर बनकर सामने आई है। हेमलीज के पास दुनियाभर में 130 स्टोर हैं। इनमें से 87 भारत में हैं। दिसंबर 2018 में हेमलीज को 92 लाख पाउंड का घाटा हुआ, जबकि एक साल पहले कंपनी ने 17 लाख पाउंड का मुनाफा हुआ था। 2015 में चीन के रिटेल ग्रुप सी बैनर इंटरनेशनल होल्डिंग्स ने लुडेंडो एंटरप्राइजेज यूके लिमिटेड से हेमलीज को खरीदा था। हेमलीज सहित दूसरी बड़ी टॉय कंपनियों की हालत खराब है। पिछले साल अमरीका की टॉयज आर ***** नाम की खिलौना कंपनी को बिजनेस बंद करना पड़ा था। इससे पहले 2017 में उसने खुद को दिवालिया घोषित किया था।

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कुछ ऐसा है मुकेश अंबानी का प्लान
वहीं दूसरी ओर रिलायंस मौजूदा वर्ष में हेमलीज के स्टोर्स की संख्या करने को बढ़ाने का काम करने जा रही है। मुकेश अंबानी ने इस साल ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस लांच करने का भी प्लान बनाया है। जिसमें हेमलीज के प्रोडक्ट्स को भी रखा जाएगा। आपको बता दें कि रिलायंस अपना खुद का ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस लांच कर खाने-पीने के सामान से लेकर कपड़े और खिलौने सबकुछ बेचे जाएंगे। रिलायंस रिटेल के तहत रिलायंस ट्रेंड के पास भारत में सबसे ज्यादा विदेशी ब्रांड के टायअप है। जिसका फायदा उठाने के बारे में रिलायंस सोच रही है।

मुकेश अंबानी कर्ज चुकाने के लिए बेचेंगे कई कंपनियों में हिस्सेदारी

देश के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी को धन जुटाने के लिए अपनी कई कंपनियों में हिस्सेदारी बेचेंगे। इस दिशा में सबसे बड़ा करार सऊदी अरब की तेल उत्पादक कंपनी सऊदी अरामको के साथ हो रहा है, जबकि जापान की कंपनी के साथ ईथेन फर्म को लेकर सौदेबाजी चल रही है। जानकारों का मानना है कि इस कदम से रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) पर बढ़ते भारी-भरकम कर्ज को चुकाने में मदद मिलेगी।
दरअसल, आरआईएल ने टेलीकॉम क्षेत्र में प्रवेश के लिए जियो की ओर से भारी-भरकम निवेश किया है। इससे कंपनी पर कुल कर्ज बढ़कर करीब 3 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि समूह का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 8.5 लाख करोड़ रुपये है। ऐसे में कर्ज की कुल हिस्सेदारी पूंजीकरण के मुकाबले 35.29 फीसदी पहुंच गई है। दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली तेल रिफाइनरी कंपनी सऊदी अरामको के साथ आरआईएल रिफाइनरी और पेट्रो कारोबार की 25 फीसदी हिस्सेदारी बेचने को लेकर सौदेबाजी कर रही है।
इस सौदे से कंपनी को 1.05 लाख करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि वैश्विक निवेशक फर्म गोल्डमैन सैक्स ने कंपनी को इसका सुझाव दिया था। दूसरी ओर, जापान की मित्सुई ओएसके लाइंस (एमओएल) के साथ ईथेन ढोने वाली बड़ी मालवाहक जहाजों का संचालन करने वाली 6 फर्मों की हिस्सेदारी बेचने को लेकर भी बातचीत चल रही है। इसकी कीमत का खुलासा कंपनी ने नहीं किया है।
अमेरिका से मंगाते हैं ईथेन
आरआईएल के कार्यकारी निदेशक पीएमएस प्रसाद ने बताया कि कंपनी बड़े मालवाहक का इस्तेमाल अमेरिका से 16 लाख टन ईथेन के आयात में करती है। उन्होंने कहा कि एमओएल के साथ इस सौदेबाजी का हम स्वागत करते हैं। एमओएल के उपाध्यक्ष तकेशी हशीमोतो ने कहा कि इस करार से कंपनी को छह विशेष पोत मिल जाएंगे। इससे कंपनी की क्षमता में और विस्तार होगा। अभी इसके पास 850 मालवाहक पोत हैं।
259 साल पुरानी कंपनी खरीदेगी रिलायंस
मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस रिटेल ब्रिटेन की 259 साल पुरानी खिलौना बनाने वाली कंपनी हेमलेज में हिस्सेदारी खरीदने पर बातचीत कर रही है। कंपनी की मंशा अगले तीन साल में भारत में हेमलेज के 200 स्टोर खोलने की है, जो अभी 50 तक सीमित है। रिलायंस के पास वर्तमान में हेमलेज के उत्पाद बेचने का लाइसेंस भी है।
अमेजन-फ्लिपकार्ट से हटाए उत्पाद
रिलायंस रिटेल ने बिजनेस टू कंज्यूमर मार्केटप्लेस शुरू करने से पहले अमेजन-फ्लिपकार्ट की साइट से अपने सभी उत्पाद हटाने शुरू कर दिए हैं। कंपनी के पास डीजल, केट स्पेड, स्टीव मैडन, बरबेरी, कनाली, एंपोरियो अरमानी, फुर्ला, मार्क्स एंड स्पेंसर जैसे वैश्विक ब्रांड के उत्पाद को भारत में बेचने का अधिकार है। इनके उत्पादों को अब अमेजन-फ्लिपकार्ट से हटाया जा रहा है।

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