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नायडू की एक दिवसीय भूख हड़ताल बनी विपक्षी एकता का केंद्रीय मंच

नई दिल्ली 13 फरवरी 2019 । आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य के दर्जे की मांग को लेकर मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू नई दिल्ली में एक दिन की भूख हड़ताल पर बैठे. उनकी रैली में दिन भर विपक्षी नेताओं का जमावड़ा लगा रहा और यह विपक्षी दलों की शक्ति प्रदर्शन का जमावड़ा बना रहा.

नायडू ने सोमवार शाम को जूस पीकर अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी. एक महीने से भी कम समय में यह दूसरा मौका है जब विपक्षी नेता सरकार के खिलाफ एकजुट हुए. राज्य के मुद्दों को एक केंद्रीय मंच पर उठाने के लिये नायडू ने आंध्र भवन में प्रदर्शन शुरू किया, जहां कई विपक्षी नेता उनके समर्थन में पहुंचे.

नायडू से मुलाकात करने वाले नेताओं में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, यशवंत सिन्हा और शत्रुघ्न सिन्हा, शिवसेना के संजय राउत, नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला, एनसीपी के माजिद मेमन, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन, डीएमके के तिरुचि शिवा, लोकतांत्रिक जनता दल के शरद यादव, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक मुलायम सिंह यादव शामिल रहे. इससे पहले, पिछली बार 19 जनवरी को 22 विपक्षी पार्टियां पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ एकजुट हुई थीं.

टीडीपी अध्यक्ष ने मांग की कि केंद्र 2014 में आंध्र प्रदेश के विभाजन के दौरान किए गए अपने वादे को पूरा करे. उन्होंने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने से इनकार कर मोदी ‘राजधर्म’ का पालन नहीं कर रहे हैं.

वहीं, राहुल गांधी ने आरोप लगाया, ‘प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश की जनता से चुराकर पैसा अनिल अंबानी को दे दिया है. इस मामले में यही तथ्य है.’ राहुल ने प्रदर्शन स्थल आंध्र भवन पर केंद्र पर लगाए गए आरोप में फ्रांस के साथ राफेल लड़ाकू जेट विमान सौदे का साफ तौर पर जिक्र किया.

डेरेक ओ ब्रायन ने आंध्र प्रदेश के गुंटूर में रविवार को मोदी के भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपने भाषण में विकास या विशेष राज्य के दर्जे के बारे में बात नहीं की बल्कि ‘निजी हमले शुरू किए.’ उन्होंने कहा, ‘शीशे के घरों में रहने वालों को दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकना चाहिए. बीसी ‘बिफोर चायवाला’ और एडी ‘आफ्टर धोखा’ है. मोदी अपने सभी सहयोगियों को गंवा चुके हैं और अब उन्होंने सीबीआई को नया सहयोगी बनाया है.’

प्रधानमंत्री ने अपनी रैली में कहा था कि नायडू वैसे तो वरिष्ठ नेता हैं लेकिन सिर्फ चुनाव हारने, गठबंधन बदलने और अपने ससुर एनटी रामा राव को धोखा देने में. प्रधानमंत्री पर बरसते हुए अब्दुल्ला ने कहा, ‘मोदी इतना नीचे गिर गए हैं कि वह उन नायडू के खिलाफ निजी हमले कर रहे हैं जो देश के लिये महान सेवा कर रहे हैं.’

उन्होंने कहा, ‘जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग छह दिन से बंद है. वे 30 किलोमीटर सड़क साफ नहीं करा सकते हैं लेकिन वे देश पर शासन करना चाहते हैं.’ केंद्र पर निशाना साधते हुए मेमन ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्य के साथ सौतेला बर्ताव कर रही है. भाजपा नायडू पर इसलिए हमले कर रही है क्योंकि वह उसके (भाजपा के) खिलाफ विरोधी दलों को एकजुट करने का नेतृत्व कर रहे हैं.

मेमन ने कहा, ‘हमलोग चुनाव में भाजपा को उसकी जगह दिखाएंगे. शरद पवार जी की ओर से मैं आपको यकीन दिलाता हूं.’ वहीं, सपा नेता मुलायम सिंह यादव ने कहा कि वह स्वस्थ नहीं हैं लेकिन नायडू के रूख का समर्थन करने के लिये यहां आए.

उन्होंने कहा, ‘नायडू गरीबों, किसानों और वंचितों की लड़ाई लड़ रहे हैं.’ द्रमुक नेता शिवा ने कहा कि नायडू उचित कारण के लिये लड़ रहे हैं और तीन महीने में मोदी सरकार को उखाड़ फेंका जाएगा. उन्होंने कहा, ‘राज्य की शक्तियों का अतिक्रमण किया जा रहा है. अल्पसंख्यकों के अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है.’

बता दें कि राज्य विभाजन के बाद आंध्र प्रदेश के साथ ‘अन्याय’ का आरोप लगाते हुए तेदेपा पिछले साल भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए से हट गई थी. लोकतांत्रिक जनता दल के प्रमुख शरद यादव ने मोदी सरकार पर बेरोजगारी पैदा करने का आरोप लगाया. इसके लिए उन्होंने नोटबंदी को जिम्मेदार ठहराया.

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा, अहमद पटेल और जयराम रमेश भी नायडू का समर्थन करने के लिए पहुंचे. इनके अलावा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी यहां पहुंचे. उन्होंने कहा, ‘किसी व्यक्ति ने चाहे किसी पार्टी को वोट दिया हो, लेकिन चुनाव जीतकर अगर वह मुख्यमंत्री बनता है तो वह समूचे राज्य का मुख्यमंत्री है ना कि किसी खास पार्टी का. इसी तरह अगर कोई प्रधानमंत्री बनता है तो वह समूचे देश का प्रधानमंत्री होता है ना कि सिर्फ एक पार्टी का.’

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