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नरेंद्र मोदी तमीज से बोलना नहीं जानते, शिवराज से सीखें- राहुल गांधी

दमोह 25 नवम्बर 2018 । सागर में सभा के बाद राहुलगांधी दोपहर करीब डेढ़ बजे दमोह पहुंचे। जहां उनका स्वागत मंचासीन कांग्रेसियों द्वारा किया गया। इसके बाद स्वागत भाषण प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने दिया और बाद में राहुल गांधी ने बोलना शुरू किया। भाषण शुरू करते ही राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी पर बोलना शुरू किया और अंत तक बोलते रहे। इस दौरान उन्होंने शिवराज को मोदी से ज्यादा तमीज बाला तक कह दिया।

राहुल गांधी ने दमोह के एक्सीलेंस स्कूल ग्राउंड से कहा कि साढ़े 4 साल हो गए नरेंद्र मोदी जी को प्रधानमंत्री बने। और 15 साल से शिवराज मप्र में मुख्यमंत्री है। कहा था हर बैंक अकाउंट में १५ लाख डालूंगा, किसानों का कर्जा माफ करूगां। प्रधानमंत्री मत बनाना चौकीदार बनाना और अब आप उनके भाषण सुनिए। उनमें न आपके रोजगार की बात होती है न किसानों के कर्जा माफी की बात होती है। पहले मोदीजी कहते थे अच्छे दिन, लोग कहते थे आएंगे… अबका नारा है चौकीदार, लोग कहते है चोर है। ये साढ़े 4 साल में बदलाव कैसे हुआ।

नरेंद्र मोदी जी गल्फ शब्द का उपयोग करेंगे। गुस्से से बोलेंगे। नफरत भरी बातें करेंगे। नरेंद्र मोदी जानते है कि जनता का भरोसा उन पर से टूट गया है। जनता मोदी जी की ओर देखती है और कहती है देखों झूठ बोलने आया है। जब मोदीजी को ये समझ आता है तो उन्हें गुस्सा आता है। शिवराज और मोदी में फर्क है। शिवराज कांग्रेस पर आक्रमण करते है लेकिन वह तमीज से बोलते है। नरेंद्र मोदी जी तमीज से बोलना नहीं जानते। दुख की बात है। वह कुछ भी बोले देश के प्रधाानमंत्री पर राहुल गांधी उनके बारे में बदतमीजी से कभी नहीं बोलेगा। शिवराज जी से हम चुनाव लड़ रहे है खुलकर और भयंकर लड़ाई हो रही है। मगर वह तमीज से बोल रहे है। फर्क है दोनों में। आप कहोगे राहुल गांधी चीफ मिनिस्टर की प्रशंसा कर रहे है, लेकिन यह सच्चाई है तो बोलना पड़ेगी। जरूर, भ्रष्ट्राचार किया शिवराज ने, विकास नहीं लिया, लेकिन व्यक्ति तमीज से बात करता है।

15 साल शिवराज ने राज किया, कमियां तो है। गलतियां तो कीं। मप्र की शिवराज सरकार जले हुए तवे जैसे खराब हो गई है। अब एक ही रास्ता बचा है। हाथ से तवे को उठाकर बाहर फेंकना। ये जो बात मप्र की एक महिला ने कही थी, वह मप्र की हर महिला के अंदर है। पुराने तवे को अब उठाकर फेंकना है। नया तवा लाना है कांग्रेस में। मप्र की जनता के दिल में भावना है। कांग्रेस इसे समझते है। सचमुच में शिवराज भी समझते है। शिवराज भी जानते है कि अब चुनाव हारने के लिए लड़ा जा रहा है।

व्यक्ति में फर्क है एक व्यक्ति जानता है कि हारने जा रहा है लेकिन नफरत नहीं है। दूसरा व्यक्ति भी जानता है कि २०१९ में हारने जा रहा है, लेकिन नफरत छलक रही है। प्रधानमंत्री के दिल में घबराहट है और वह नफरत में भड़क रही है। लोकसभा में मैने भाषण दिया था। देखिए, आप सूटबूट वाली सरकार चला रहे हो, आप गलती कर रहे हो, आप बदल जाओ। आप किसानों की मजदूरों की, छोटे दुकानदारों की सरकार चलाओं। नहीं माने। मैं गया था प्रधानमंत्री के कार्यालय। मैने बोला एक काम कीजिए 3 लाख 50 हजार करोड़ माफ किए गए, किसानों का भी कर दीजिए। थोड़ी मदद किसान की भी कर दीजिए।

वोटिंग से पहले कांग्रेस की बड़ी जीत, 2 लाख संविदा कर्मचारियों ने किया समर्थन का ऐलान
मध्यप्रदेश में वोटिंग के ठीक पहले प्रदेश कांग्रेस को बड़ी जीत हासिल हुई है। सूबे में लगभग 2 लाख संविदा कर्मचारियों ने कांग्रेस के समर्थन का ऐलान किया है। गुरुवार को प्रदेश के निष्कासित संविदा कर्मचारियों के संगठन ने कमलनाथ से मुलाकात कर प्रदेश के 2 लाख से अधिक संविदा कर्मचारियों के समर्थन का पत्र भी कमलनाथ को सौंपा।

इससे पहले कमलनाथ ने चुनाव से पहले बड़ा दांव चलते हुए समस्त संविदा कर्मचारियों को नियमित करने और निकाले गए संविदा कर्मचारियों का वापस नौकरी पर रखने का वादा किया था। कमलनाथ ने संविदा कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस की सरकार आते ही उनके भविष्य को सुरक्षित किया जाएगा।

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