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नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।

नई दिल्ली 31 मई 2019 । 

राजनाथ सिंह ने दूसरे नम्बर पर मंत्रिपद की शपथ ली।
तीसरे नम्बर पर अमित शाह ने शपथ ली।
चौथे नम्बर पर नितिन गडकरी ने ली शपथ।
पांचवे नम्बर पर सदानंद गौड़ा ने अंग्रेजी में ली मंत्रिपद की शपथ।
छठवें नम्बर पर निर्मला सीतारमन ने अंग्रेजी में ली शपथ।
सातवें नम्बर पर रामविलास पासवान ने ली शपथ।
आठवें नम्बर पर नरेंद्र सिंह तोमर ने ली शपथ
नौवें नम्बर पर रविशंकर प्रसाद ने ली शपथ।
दसवें नम्बर पर हरसिमरत कौर ने अंग्रेजी में ली शपथ।
ग्यारहवें नम्बर पर थावरचंद गहलोत ने ली शपथ।
बारहवें नम्बर पर सुब्रमण्यम जयशंकर ने अंग्रेजी मे ली शपथ।
तेरहवें नम्बर पर डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने ली शपथ।
चौदहवें नम्बर पर अर्जुन मुंडा ने ली शपथ।
पंद्रहवें नम्बर पर स्मृति ईरानी ने ली शपथ।
सोलहवें नम्बर पर डा. हर्षवर्धन ने ली शपथ।
सत्रहवें नम्बर पर प्रकाश जावड़ेकर ने ली शपथ।
अठारहवें नम्बर पर पीयूष गोयल ने ली शपथ।
उन्नीसवें नम्बर पर धर्मेंद्र प्रधान ने ली शपथ।
बीसवें नम्बर पर मुख्तार अब्बास नकवी ने ली शपथ।
21वें मंत्री के रूप में प्रह्लाद जोशी ने अंग्रेजी में ली शपथ।
22 वें मंत्री के रूप में महेंद्र नाथ पांडेय ने ली शपथ।
23 वें मंत्री के रूप में अरविंद सावंत(शिवसेना) ने ली शपथ।
24 वें मंत्री के रूप में गिरिराज सिंह ने ली शपथ।
25 वें मंत्री के रूप में गजेंद्र सिंह शेखावत ने ली शपथ।
(इन सांसदों ने राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार पद की ली शपथ)*
26 वें मंत्री के रूप में संतोष गंगवार ने ली शपथ।
27 वें मंत्री के रूप में राव इंद्रजीत सिंह ने अंग्रेजी में ली शपथ।
28 वें मंत्री के रूप में श्रीपद नाइक ने ली शपथ।
29 वें मंत्री के रूप में डॉ जितेंद्र सिंह ने ली शपथ।
30 वें मंत्री के रूप में किरन रिजिजू ने ली शपथ।
-31 वें मंत्री के रूप में प्रह्लाद पटेल ने ली शपथ।
32 वें मंत्री के रूप में आर के सिंह ने ली शपथ।
33 वें मंत्री के रूप में हरदीप सिंह पूरी ने अंग्रेजी में ली शपथ।
34 वें मंत्री के रूप में मनसुख मांडविया ने ली शपथ।
इन सांसदों ने राज्यमंत्री की शपथ ली*
35 वें मंत्री के रूप में फग्गन सिंह कुलस्ते ने ली शपथ।
36 वें मंत्री के रूप में अश्विनी कुमार चौबे ने ली शपथ।
37 वें मंत्री के रूप में अर्जुन राम मेघवाल ने ली शपथ।
38 वें मंत्री के रूप में जनरल वी के सिंह ने ली शपथ।
39 वें मंत्री के रूप में कृष्णपाल गुर्जर ने ली शपथ।
40 वें मंत्री के रूप में रावसाहब दादाराव पाटिल दानवे ने ली शपथ
41वें मंत्री के रूप में जी कृष्णा रेड्डी ने ली शपथ।(शपथ भूले राष्ट्रपति ने याद दिलाया)भारत माता की जय के साथ शपथ समाप्त की
42 वें मंत्री के रूप में पुरुषोत्तम रुपाला ने ली शपथ।
43 वें मंत्री के रूप में रामदास अठावले ने ली शपथ।
44 वें मंत्री के रूप में साध्वी निरंजन ज्योति ने ली शपथ।
45 वें मंत्री के रूप में बाबुल सुप्रियो ने अंग्रेजी में ली शपथ।
46 वें मंत्री के रूप में डॉ संजीव कुमार बालियान ने ली शपथ।
47 वें मंत्री के रूप में संजय धोत्रे ने ली मंत्री पद की शपथ।
48 वें मंत्री के रूप में अनुराग ठाकुर ने ली शपथ।
49 वें मंत्री के रूप में सुरेश अंगाडी ने अंग्रेजी मे ली शपथ।
50 वें मंत्री के रूप में नित्यानंद राय ने ली शपथ।
51 वें मंत्री के रूप में रतनलाल कटारिया ने ली शपथ।
52 वें मंत्री के रूप में वी मुरलीधरन ने अंग्रेजी में ली शपथ।
53वें मंत्री के रूप में रेणुका सिंह ने ली शपथ।
54 वें राज्यमंत्री के रूप में सोम प्रकाश ने अंग्रेजी में ली शपथ।
55 वें मंत्री के रूप में रामेश्वर तेली ने ली शपथ।
56वें मंत्री के रूप में प्रताप चंद्र षडंगी ने ली शपथ।
57 वें मंत्री के रूप में कैलाश चौधरी ने ली शपथ।
58 वें मंत्री के रूप में देवोश्री चौधरी ने अंग्रेजी में ली शपथ।

इस फैसले के लिए बन गया 1200 करोड़ का बजट

भारत में अक्सर देखा जाता है कि अगर किसी घर में एक लड़की पैदा होती है तो वहीं पर रोना धोना चालू हो जाता है। कि, अब इस इंसान का वंश आगे कैसे बढ़ पाएगा और इसी वजह से कई माता-पिता अपनी बच्ची को सड़क पर रख देते हैं या कई बार तो उनकी हत्या भी कर देते हैं। आज हम आपको मोदी सरकार की तरफ से एक ऐसे बड़े फैसले के बारे में बताएंगे जो लड़कियों के लिए बहुत बड़ा फैसला माना जा रहा है।

1 जून से लागू हो रहा है बड़ा नियम
इस फैसले के तहत बेटियों को ₹200000 मिलेंगे तो चलिए हम आपको इस खबर के बारे में विस्तार में बता सकते हैं। इस योजना का नाम कन्या सुमंगला योजना है। कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटी की पढ़ाई और उच्च शिक्षा दिलाने में सरकार सहायता करेगी। इस योजना में लड़की के छठी कक्षा में पहुंचने पर सरकार 3 हजार रुपए देगी। आठवीं कक्षा में पहुंचने पर 5 हजार और कक्षा 10 में पहुंचने पर 7 हजार रुपए देगी।

वहीं बारहवीं कक्षा में पहुंचने पर 8 हजार रुपए मिलेंगे। बेटी के 21 साल की होने पर उसे 2 लाख रुपए मिलेंगे। आपकी जानकारी के लिए बताते हैं कि, इस योजना के लिए सरकार ने बारह सौ करोड रुपए का बजट पेश किया है। और इस योजना से यह बात साफ हो जाएगी की बेटी के जन्म होने पर अब कोई शौक नहीं मनाएगा उसको वह सुख से पा लेगा और बेटी ठीक से पढ़ पाएगी और भविष्य में आगे बढ़ पाएगी।

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