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सबक सिखाने में कोई चूक नहीं की कमलनाथ ने

भोपाल 17 जनवरी 2019 । तीन दर्जन से अधिक आईएएस के तबादले में कुछ नाम बेहद खास इसलिए हैं कि शिवराज सरकार में इनकी तूती बोलती थी। कभी शिवराज सिंह के बेहद नजदीकी रहे इकबाल सिंह को माध्यमिक शिक्षा मंडल का अध्यक्ष बनाया गया है।उनके इस नए पद के साथ यह संयोग भी जुड़ा है कि पहले एसआर मोहंती इस पद पर थे, उनके सीएस बनने के बाद से यह पद खाली ही शायद इसलिए था कि इकबाल सिंह का नाम सोच रखा था।
वल्लभ भवन में चर्चा यह भी थी कि बीते पंद्रह वर्षों में शिवराज मंडली के जिन जिन अधिकारियों ने मोहंती को लूप लाइन वाले पदों पर भेजकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया अब वे सब सरकार के निशाने पर हैं।

दूसरा प्रमुख आदेश रजनीश वैश्य का है इन्हें अब आदिवासी अनुसंधान विभाग में पदस्थ किया गया है। रजनीश वैश्य को लूप लाईन में भेजने की संभावना तो 7 जनवरी को शनैश्चरी अमावस्या पर क्षिप्रा में कीचड़ स्नान के कारण हुई कमलनाथ सरकार की किरकिरी के बाद से ही बन गई थी। पहली खेप में कलेक्टर मनीष सिंह और कमिश्नर एमबी ओझा को हटाने के बाद आज क्षिप्रा में मकरसंक्रांति का स्नान संपन्न होने के बाद रजनीश वैश्य को भी एनवीडीए से मुक्त कर दिया गया।

एक ही विभाग में सर्वाधिक समय लेकिन सीएम को दी थी गलत जानकारी

आईएएस रजनीश वैश्य करीब 11साल एनवीडीए में विभिन्न पदों पर सर्वाधिक समय रहने वाले अधिकारियों में शीर्ष पर रहे हैं। जब सीएम कमलनाथ ने अधिकारियों से बैठक के दौरान सबसे कितने वर्षों से विभाग में पदस्थ होने की जानकारी माँगी थी तब उन्होंने साढ़े तीन साल होने की जानकारी दी थी।

यही नहीं क्षिप्रा में स्नान के लिए पानी नहीं होने को लेकर मुख्य रूप से एनवीडीए की लापरवाही सामने आई थी किंतु जिस तेजी से मनीष सिंह पर कार्रवाई हुई तो मान लिया गया था कि वैश्य ने नई सरकार मे भी जमावट कर ली है लेकिन मुख्य सचिव ने अपने स्तर पर भी उनके संबंध में सारी जानकारी मँगवा ली थी, अब जब वैश्य को आदिवासी अनुसंधान विभाग में भेज दिया है तब सर्वाधिक संतोष उन अधिकारियों को होगा जिन्हें प्रथम जिले की कलेक्टरी में मनीष सिंह पर धब्बा लग जाने का दुख था। वैश्य के स्थान पर पंकज अग्रवाल को नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण में पदस्थ किया गया है।

मुख्यमंत्री कमलनाथ के बयान के बाद इन नेताओं की हो सकती है ‘घर वापसी’

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के एक बयान के बाद सर्द मौसम में भी एमपी की सियासत में गर्मी ला दी है। पिछले कुछ समय से कांग्रेस सरकार की स्थिरता पर सवाल उठाने वाले बीजेपी नेताओं पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बड़ा पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी के लोग अपने घर की चिंता करे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी के लोग अपना घर सुरक्षित रखे, हमारे घर की चिंता न करें। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद एक बार उन नेताओं को लेकर फिर चर्चा तेज हो गई है। कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद जिन दो बीजेपी विधायकों को लेकर सबसे अधिक चर्चा है, उसमें पहला नाम कटनी के विजयराघवगढ़ से बीजेपी विधायक और शिवराज सरकार में मंत्री रहे संजय पाठक का है।

संजय पाठक मूल रूप से कांग्रेसी है। 2013 का विधानसभा चुनाव भी संजय पाठक ने कांग्रेस के टिकट पर जीता था। बाद में वो कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए थे। वहीं इस बार विधानसभा चुनाव में संजय पाठक बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीते है। वहीं प्रदेश के बदले सियासी हालात के बीच संजय पाठक के कांग्रेस में वापसी की चर्चा तेज हो गई है।

विधानसभा सत्र के दौरान संजय पाठक की कई कांग्रेस नेताओं से मुलाकात ने भी इस चर्चा को और तेज कर दिया है। वहीं इस बीच संजय पाठक का मुख्यमंत्री कमलनाथ की तारीफ करने वाले एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें संजय पाठक ये कहते नजर आए कि मुख्यमंत्री कमलनाथ अच्छे मैनेजर है। पांच साल अच्छी तरह सरकार चला लेंगे। इस वीडियो के सामने आने के बाद संजय पाठक की कांग्रेस में वापसी की अटकलें और तेज हो गई है।

वहीं बीजेपी के जिस दूसरे विधायक की कांग्रेस में जाने की चर्चा तेज है वो है बीजेपी विधायक दिनेश राय मुनमुन। मूल रूप से कांग्रेसी दिनेश राय मुनमुन 2013 में कांग्रेस से टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ा था और जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। वहीं इस बार चुनाव से ठीक पहले बीजेपी में शामिल हुए मुनमुन बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीते हैं।

प्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद अब दिनेश राय मुनमुन के कांग्रेस में वापसी की अटकलें लग रही है। मुनमुन को मुख्यमंत्री कमलनाथ का काफी करीबी माना जाता है। कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद ये चर्चा भी तेज हो गई थी कि मुख्यमंत्री कमलनाथ के लिए दिनेश राय मुनमुन अपनी सीट भी छोड़ सकते हैं।

इस बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ के छिंदवाड़ा के सौंसर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की भी खबरें सामने आने लगी। इस बीच दिनेश राय मुनमुन के बड़े कांग्रेसी नेताओं से संपर्क में होने की खबरें भी आ रही है। वहीं कांग्रेस में जिस तीसरे नेता की घर वापसी की अटकलें तेज है वो नाम होशंगाबाद से बीजेपी सांसद राव उदय प्रताप का है।

कांग्रेस लोकसभा चुनाव से पहले राव उदय प्रताप को घर वापसी करा कर बीजेपी को एक झटका देने की तैयारी में है। इस बीच राव उदय प्रताप के कांग्रेस के कई नेताओं से घर वापसी को लेकर चर्चा होने की खबरें भी सामने आती रही है। अब देखना होगा कि प्रदेश की सियासत में कांग्रेस और बीजेपी दोनों एक दूसरे के सियासी कुनबे (घर) में सेंध लगाने में कितना सफल होते हैं।

MP में इलाज की ‘सहायता योजना’ होगी बंद, कमलनाथ ने बनाया ये नया प्लान
दो लाख करोड़ से अधिक कर्ज से जूझ रहे मध्य प्रदेश में अब नई सरकार फंड बचाने के प्रयास कर रही है। मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश में इलाज के लिए मिलने वाली मुख्यमंत्री विवेकाधीन निधि और राज्य बीमारी सहायता योजना एक अप्रैल से बंद कर दी जाएगी। इस योजना को आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के साथ जोड़ा जाएगा। राज्य बीमारी सहायता योजना के तहत अभी तक इलाज के लिए 20 हजार से दो लाख तक रुपए की मदद दी जाती है। लेकिन अब इस योजना को साल के अंत तक बंद करने की तैयारी है।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ओएसडी अरूण भट्ट ने बताया कि मुख्यमंत्री सहायता योजना के तहत 120 करोड़ रुपए इस साल के लिए आवंटित किए गए थे। इससे पहले ये फंड 140 करोड़ रुपए किया गया था। डॉ. हिमांशु जायसवाल, राष्ट्रीय वेक्टर जनित नियंत्रण कार्यक्रम अधिकारी, ने कहा कि ‘यह तय किया गया है कि जब मध्यप्रदेश में ‘आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना’ शुरू की गई है, तब राज्य द्वारा संचालित स्वास्थ्य योजनाओं को जारी रखने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि उपचार के उद्देश्य और राज्य बीमा सहायता योजना के लिए दी जाने वाली मुख्यमंत्री विवेकाधीन निधि 1 अप्रैल से पूरी तरह से बंद हो जाएगी’।

चिकित्सा उपचार के लिए मुख्यमंत्री निधि को पीएम नरेंद्र मोदी की आयुष्मान भारत योजना के साथ मर्ज किया जाएगा। इसी तरह, राज्य बीमा योजना को बंद कर दिया जाएगा हालांकि, उन्होंने ये साफ कर दिया कि हम सीएम विवेकाधीन कोष के तहत मामलों पर विचार कर रहे हैं। इसे आधिकारिक तौर पर बंद नहीं किया गया है। जब इसको आयुष्मान योजना के साथ मर्ज कर दिया जाएगा उसके बाद ही इस फंड को बंद किया।

कांग्रेस द्वारा किए जा रहे अच्छे काम बीजेपी को नहीं हो रहे हजम: दिग्विजय सिंह

मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने अभी एक महिना ही हुआ है और भाजपा लगातार कांग्रेस की सरकार को गिराने की बात कर रही है। मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिराने वाले बयान पर दिग्विजय सिंह ने चुटकी ली है। उन्होंने कहा कि ‘सरकार गिराने के सभी दावे खोखले हैं। ये मुंगेरी लाल के हसीं सपने जैसा है। प्रदेश में हमारी सरकार काम कर रही है और बीजेपी को ये हजम नहीं हो रहा है। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष गोपाल भार्गव ने कहा था कि जब तक कांग्रेस विधायकों और मंत्रियों के बंगले पुतेंगे सरकार गिर जाएगी। यही नहीं बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने भी बयान दिया था कि इशारा हो जाएगा तो सरकार गिराने में दस मिनट नहीं लगेंगे।’

दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के निवास पर उनसे मिलने पहुंचे थे। उनसे मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से चर्चा की। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि बीजेपी लगातार दावा कर रही है कि सरकार गिर जाएगी। इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि ये बीजेपी के मुंगेरीलाल के सपने हैं। ई टेंडरिंग घोटाले के बारे में उन्होंने कहा कि,’ई टेंडरिंग घोटाले की जांच की जाएगी। पूर्व सरकार में जो दलाल सौदा करवाते थे उनकी पूरी जानकारी हमारे पास आ गई है। जल्द ही इस मामले में एक्शन लिया जाएगा।’

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