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महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ कांग्रेस-NCP की सरकार बनाने पर अभी फैसला नहीं, पृथ्वीराज चव्हाण का बयान

नई दिल्ली 21 नवम्बर 2019 । ट्रंप प्रशासन ने भारत को एक अरब अमेरिकी डॉलर के हथियारों की बिक्री को मंजूरी दे दी है। ट्रम्प प्रशासन ने अमेरिकी कांग्रेस को बताया है कि उसने भारत को एक अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य की नौसेना की तोपों को बेचने का निर्णय लिया है। इस प्रस्तावित बिक्री के साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जिसे अमेरिका ने अपने नौसेना तोपों के नवीनतम (मोड 4) की बिक्री का फैसला किया है। इन तोपों का इस्तेमाल युद्धपोतों तथा युद्धक विमानों के खिलाफ और तटों पर बमबारी के लिए किया जाता है और इस फैसले से भारतीय नौसेना की घातक क्षमताओं में बढ़ोतरी होगी।

रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी ने मंगलवार को जारी अपनी अधिसूचना में कहा कि 13 एमके-45 पांच इंच/ 62 कैलिबर (एमओडी 4) नौसैनिक तोपों और उनसे संबंधित उपकरणों की प्रस्तावित विदेशी सैन्य बिक्री की अनुमानित लागत 1.0210 अरब डॉलर है। अधिसूचना में कहा गया है कि बीएई सिस्टम्स लैंड एंड आर्मामेंट्स द्वारा बनाए जाने वाले इन हथियारों की प्रस्तावित बिक्री से भारत को दुश्मनों के हथियारों से मौजूदा और भविष्य के जोखिमों से निपटने में मदद मिलेगी।

अधिसूचना में कहा गया है, “एमके-45 गन सिस्टम से अमेरिका और अन्य संबद्ध बलों के साथ अंतर-क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ एंटी-सर्फेस युद्ध और एंटी-एयर रक्षा मिशन का संचालन करने की क्षमता मिलेगी।” इसमें कहा गया है कि इस बढ़ी हुई क्षमता की मदद से भारत क्षेत्रीय खतरों से निपटने और अपनी जमीन की रक्षा करने में सक्षम होगा। इसमें आगे कहा गया है कि इस उपकरण की प्रस्तावित बिक्री से क्षेत्र में बुनियादी सैन्य संतुलन में बदलाव नहीं होगा। अधिसूचना के मुताबिक इस संभावित बिक्री की सूचना की कानूनी मंजूरी जरूरी है और इसका ये अर्थ नहीं है कि बिक्री हो चुकी है। अभी तक इन तोपों को ऑस्ट्रेलिया, जापान और दक्षिण कोरिया को ही बेचा गया है। थाईलैंड को मोड 4 का उन्नत संस्करण दिया गया है। ब्रिटेन और कनाडा जैसे अपने मित्र देशों को भी अमेरिका इन तोपों की बिक्री करने के लिए प्रतिबद्ध है।

फ्रांस ने भारत को तीन राफेल विमान सौंपे, पायलटों को दी जा रही है ट्रेनिंग

फ्रांस ने भारत को तीन अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राफेल सौंप दिया है। इन तीनों विमानों का उपयोग फ्रांस में ही भारतीय वायुसेना के पायलटों और टेक्नीशियंस को ट्रेनिंग देने के लिए किया जाएगा। सरकार की तरफ से भारत को तीन राफेल विमान मिलने की पुष्टि की गई है। रक्षा मामलों के राज्यमंत्री श्रीपद नाइक ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में इस बात की जानकारी दी कि भारतीय वायुसेना को आज की तारीख तक तीन राफेल विमान सौंपे जा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि भारतीय वायुसेना के पायलटों और टेक्नीशियनों को ट्रेनिंग देने के लिए इन विमानों का उपयोग किया जा रहा है। भारतीय वायुसेना के पायलटों को राफेल विमान उड़ाने की फ्रांस में ही ट्रेनिंग दी जा रही है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद राफेल विमानों की खेप को चरणबद्ध तरीके से भारत लाया जाएगा।

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