मुख्य पृष्ठ >> खास खबरें >> बिना पेंट्रीकार वाली ट्रेनों में भी अब मिलेगी भोजन की थाली

बिना पेंट्रीकार वाली ट्रेनों में भी अब मिलेगी भोजन की थाली

नई दिल्ली 21 अक्टूबर 2019 । रेल यात्रा के दौरान नाश्ता, लंच और डिनर को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। अब बिना पेंट्रीकार वाली ट्रेनों में भी यात्रियों को रास्ते में जहां चाहेंगे खानपान की सामग्री मिल जाएगी। इसके लिए ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी। आर्डर के लिए वेंडर भी चलेंगे।

दीपावली से पहले मिलेगी सुविधा

आइआरसीटीसी ने दीपावली से पहले गोरखधाम, इंटरसिटी और कृषक सहित 38 महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों में गुणवत्तायुक्त गर्म भोजन की थाली परोसने की तैयारी लगभग पूरी कर ली है। फिलहाल अभी यह सुविधा गोरखपुर से लखनऊ के बीच ही मिलेगी। आने वाले दिनों में अन्य रेल मार्गों पर भी यह व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

गोरखपुर में बनेगा बेस किचन

यात्रियों को मनचाहा नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराने के लिए गोरखपुर और लखनऊ में बेस किचन बनेंगे। गोरखपुर के जन आहार में बेस किचन की तैयारी है। यहां बेस किचन और जनआहार साथ चलेंगे। किचन में सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। यात्री किचन में क्या बन रहा हैं, देख सकेंगे।

इन ट्रेनों में मिलेगी सुविधा

12531-12532 इंटरसिटी, 12555-12556 गोरखधाम, 15707 आम्रपाली, 15203-15204 लखनऊ-बरौनी, 15015-15016 गोरखपुर-यशवंतपुर, 22531-22532 छपरा-मथुरा, 11123-11124 ग्वालियर-बरौनी, 15067- 15068 गोरखपुर-बांद्रा, 11079-11080 गोरखपुर-एलटीटी, 15065-15066 गोरखपुर-पनवेल, 15023-15024 गोरखपुर-यशवंतपुर, 15029-15030 गोरखपुर-पुणे, 14673-14674 शहीद, 15903-15904 डिब्रूगढ़-चंडीगढ़़, 13019-13020 बाघ एक्सप्रेस, 12530 लखनऊ-पाटलिपुत्र, 15113-15114 लखनऊ-छपरा, 12212 मुजफ्फरपुर गरीब रथ, 12204 सहरसा गरीब रथ, 19409-19410 गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस।

टेंडर फाइनल हो चुका है। कुछ औपचारिकताएं बची हैं, उसे पूरा किया जा रहा है। दीपावली तक यात्रियों को सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। – अश्वनी श्रीवास्तव, मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक, आइआरसीटीसी

ट्रेनों के एसी क्लास में कंबल की जगह कॉटन की चादर देने की तैयारी

ट्रेनों के एसी क्लास में कंबल की जगह कॉटन से बनी दो परत वाली चादर (कंफर्टर) देने की तैयारी है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हफ्ते में दो से तीन बार इसे धोया जा सकेगा। अभी मिल रहे कंबलों को महीने में सिर्फ दो बार धोया जा रहा है। कंबल में कवर भी नहीं चढ़ाया जाता। इस कारण कंबल से गंध आने की शिकायत यात्री करते थे।

रेलवे बोर्ड के एक अफसर ने बताया कि दिल्ली-जम्मूतवी समेत दो ट्रेनों में प्रयोग के तौर पर कंफर्टर दिए जा रहे हैं। इन ट्रेनों में यात्रियों का फीडबैक अच्छा मिला है। इसके बाद सभी जोन को कुछ ट्रेनें चिन्हित करने के लिए कहा गया है। हर जोन में शुरू में एक-दो ट्रेनों में कंफर्टर दिए जाएंगे।

यात्रियों की प्रतिक्रिया जानने के बाद अन्य ट्रेनों में यह सुविधा शुरू की जाएगी। भोपाल मंडल में सबसे पहले हबीबगंज-हजरत निजामुद्दीन भोपाल एक्सप्रेस में यह सुविधा शुरू करने की तैयारी है।

साल भर पहले रेलवे बोर्ड ने निर्णय लिया था कि एसी कोच की सभी श्रेणियों में कंबलों में कवर चढ़ाए जाएंगे। एसी प्रथम श्रेणी में तो यह सुविधा शुरू की जा चुकी है, लेकिन एसी 2 व एसी 3 कोच में यह योजना लागू करने से रेल जोनों ने हाथ खड़े कर दिए हैं।

इसकी वजह यह कि हर ट्रेन में एसी 2 और एसी 3 मिलाकर 5 से 6 कोच हैं। इनमें अलग-अलग जगह से बैठने वाले यात्रियों संख्या 400 से 450 तक रहती है। इतने कंबलों से रोज कवर निकालना और धोने के बाद लगाना संभव नहीं था। लिहाजा, द्वितीय व तृतीय श्रेणी के एसी कोचों में कंबल में कवर लगाने की योजना शुरू नहीं हो पाई।

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

‘इंडोर प्लान’ से OBC वोटर्स को जोड़ेगी BJP, सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में उतरेगी टीम

नयी दिल्ली 25 जनवरी 2022 । उत्तर प्रदेश की आबादी में करीब 45 फीसदी की …