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अब देशी कुत्ते भी इन्वेस्टिगेशन में बनेंगे पुलिस के साथी, मध्य प्रदेश पुलिस ने शुरू की ट्रेनिंग

नई दिल्ली 5 अक्टूबर 2021 । जब कभी डॉग स्क्वॉड की बात आती है तो आमतौर पर विदेशी नस्ल के डॉग्स ही देखने को मिलते हैं। लेकिन अब मध्य प्रदेश पुलिस अपनी डॉग स्क्वॉड में विदेशी नस्ल के साथ-साथ देशी नस्ल के डॉग्स को भी शामिल करेगी। बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश पुलिस में ऐसा पहली बार होगा जब यहां देसी नस्ल के कुत्ते पुलिस इन्वेस्टिगेशन में मदद करेंगे। इसके लिए इनकी ट्रेनिंग भी शुरू हो गई है। इसके पहले ऐसे देशी डॉग्स को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) भी ट्रेनिंग कर अपनी टीम का हिस्सा बना चुका है। मध्य प्रदेश की 23वीं बटालियन के श्वान ट्रेनिंग सेंटर में ऐसे 20 देशी कुत्तों की ट्रेनिंग शुरू की गई है। पुलिस मुख्यालय ने तमिलनाडु से इन कुत्तों को मंगाया है जो छह नस्लों के हैं। मुद्धोल हाउण्ड, रामपुर हाउण्ड,राजापलायम, कन्नी, कोम्बोई एवं चिप्पीपराई जैसी नस्लों के इन कु्त्तों को तीन महीने पहले जब लाया गया तो वे बहुत छोटे थे। अभी उनकी व्यक्ति की पहचान की ट्रेनिंग हुई है। जल्द ही विशेष ट्रेनिंग शुरू की जाएगी।

चिली, केली जैसे नामकरण भी हुआ
देशी कुत्तों का नामकरण कर दिया गया है। डीएसपी अनीता प्रभा शर्मा ने बताया कि चिली, केली जैसे नामों के साथ इन श्वानों को हैंडलर के साथ ट्रेंड किया जा रहा है। पशु चिकित्सक की गाइडेंस में इनकी डाइट को कंट्रोल किया जा रहा है। दूध-रोटी व श्वानों के बाजार में उपलब्ध खाने को उम्र के हिसाब से हैंडलर के माध्यम से खिलाने की प्रेक्टिस की जा रही है जिससे वे किसी भी अनजान या दूसरे व्यक्ति के हाथ से दिए जाने वाले खाने को नहीं खाएं। 12 साल की औसत आयु
देशी कुत्तों की ट्रेनिंग की जिम्मेदारी संभाल रहीं डीएसपी ने बताया कि छह नस्ल के 20 श्वान को बेसिक ट्रेनिंग के बाद उनकी क्षमताओं का आकलन कर स्पेसिफिक ट्रेनिंग आरंभ की जाएगी ,किसी व्यक्ति का पता लगाने के लिए घटनास्थल या वहां मौजूद चीजों की गंध को सूंघाकर इन कुत्तों से उस तक पहुंचने का प्रशिक्षण देशी कुत्तों को देने के साथ,विस्फोटक सामग्री की गंध से उसे छिपाए गए स्थान के बारे में अवगत कराने या संबंधित व्यक्ति को गंध से पहचाने की ट्रेनिंग मिल रही है। मध्य प्रदेश पुलिस ने देश में पहली बार देशी कुत्तों का अपराध के इनवेस्टिगेशन में सहयोग लेने के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया है।

विदेशी नस्ल के 68 श्वान
23वीं बटालियन की अनीता ने बताया कि वर्तमान में मध्य प्रदेश पुलिस की श्वान टीम में 68 विदेशी नस्ल के कुत्ते हैं। इसके साथ ही बम डिस्पोजल, नारकोटिक्स और जिलों की पुलिस इकाइयों के पास भी विदेशी नस्ल के स्वान हैं। साल 2020 में एनडीआरफ दे चुका है स्ट्रे डॉग्स को ट्रेनिंग
बता दें कि इससे पहले साल 2020 में नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) की टीम भी एक ऐसी टीम बना चुका है। तब उसने चार स्ट्रे डॉग्स को ट्रेनिंग देकर रेस्क्यू स्पेशलिस्ट बनाया था। एनडीआरएफ टीम ने इन चारों को गाजियाबाद के गोविंदपुरम कैंपस से एडॉप्ट किया था। उनमें से दो का नाम ब्लेज और टाइगर था, जबकि दो अन्य छोटे पपी थे। तब एनडीआरएफ ने बताया था कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के वो‘वोकल फॉर लोकल’ से प्रभावित होकर यह कदम उठाया था। मध्य प्रदेश में भी इसे ध्यान में रखकर यह शुरुआत की गई है।

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