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कंगाली के कगार पर है पाकिस्तान, तमाम बड़े शहर बंद, सड़कों पर उतरे लोग

नई दिल्ली 17 जुलाई 2019 । पाकिस्तान इन दिनों आर्थिक संकट से जूझ रहा है, और देश दिवालिया होने के काफी करीब है। देश के आर्थिक हालातों के लेकर पूरे पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन लगातार हो रहे हैं। हर दिन की बढ़ती दिक्कतों के बीच शनिवार को पूरे पाकिस्तान में लोग सड़कों पर उतर आए थे।

पाकिस्तान ने आईएमएफ से लिया 6 अरब डॉलर का कर्ज
कर्ज के बाद इमरान सरकार के नए करों की वजह से मंहगाई 30 फीसदी तक बढ़ जाएगी
पाकिस्तानी रुपये की कीमत 1 डॉलर के मुकाबले 159 रुपये तक पहुंची
दरअसल पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने कारोबारियों पर कई तरह के नए ब्रिकी टैक्स लगा दिए हैं, जिसकी वजह से रोजमर्रा के सामान 25-30 फीसदी तक मंहगे हो जाएंगे। इसी नए बिक्री कर लगाये जाने के विरोध में शनिवार को सैकड़ों कारोबारी शनिवार हड़ताल पर रहे। जब कारोबारियों का हीं नुकसान होगा तो देश कैसे आगे बढ़ सकता है।

जबरन कर थोप रहे हैं इमरान खान

पाकिस्तान बंद का असर साफ देखा जा रहा है। कराची, इस्लामाबाद, खैबर पख्तूनवां, और क्वेटा जैसे शहरों में पाकिस्तान बंद का सबसे ज्यादा असर है। प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस हड़ताल और बंद को टालने के लिए हरसंभव प्रयास किए थे। और व्यापारियों से बातचीत किये लेकिन उनका पर्याप्त प्रयास भी असफल रहा। कारोबारियों का कहना है कि सरकार जबरन नए टैक्स थोप रही है जो उन्हें स्वीकार नहीं है। देश में उद्योग धंधों का हालत बेहद नाजुक नजर आ रहा है।

पाकिस्तानी रुपये की कीमत 1 डॉलर के मुकाबले 159 रुपये

पाकिस्तान की नाजुक हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक अमेरिकी डॉलर की कीमत 159 पाकिस्तानी रुपये तक पहुंच गई हैं। जोकि किसी देश के लिए अच्छा नही है। देश में मंहगाई का आलम ये है कि एक लीटर दूध की कीमत 150 तक पहुंच गई थी। खाने पीने की चीजों के दामों में बेहतहाशा बढ़ोत्तरी हुई है। और कई तरह के रोजमर्रा की चीजों में लगातार दाम बढ़ने की संभावना बनी हुई है। टमाटर 100 रुपये किलो और एक दर्जन अंडो की कीमत 125 रुपये हो चुकी है।

आईएमएफ के इन शर्तों के साथ दिया पाकिस्तान को कर्ज

इमरान खान की कई कोशिशों के बाद भी पाकिस्तान और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के बीच कर्ज को लेकर जो समझौता हुआ है, उसके तहत आईएमएफ पाकिस्तान को 6 अरब डॉलर की मदद देगा। सत्ता संभालने के बाद इस कर्ज के लिए इमरान खान को 9 महीने तक लगातार कोशिशें करनी पड़ी है। इस कर्ज के लिए 39 महीनों का समय देने की बात सामने आई है। इस कर्ज को अलग-अलग किस्तों में चार छमाही समीक्षाओं के बाद दिया जाएगा।जोकि पाकिस्तान की सरकार को स्वीकार है। कर्ज देने के बाद आईएमएफ ने कहा था कि इस समय पाकिस्तान की हालात अच्छी नहीं है, वह देश में कर सुधारों का समर्थन भी करती है।

90,000 करोड़ रुपए के जुर्माने की वजह से दिवालिया हो जाएगा पाकिस्‍तान, क्‍या करेंगे इमरान खान!

एक अंतरराष्‍ट्रीय कोर्ट की तरफ से पाकिस्‍तान पर 5.967 बिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। पाक पर यह जुर्माना साल 2011 में रेको डिक प्रोजेक्‍ट के लिए गैरकानूनी तरीके से माइनिंग लीज से इनकार करने पर लगाया गया है। कैश क्रंच से जूझ रहे पाकिस्‍तान और प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार के लिए एक नई चुनौती और समस्या है। छह बिलियन डॉलर को अगर पाकिस्‍तान की मुद्रा में बदलें तो यह रकम करीब 90,000 करोड़ रुपए होती है क्‍योंकि पाकिस्‍तान में एक डॉलर की कीमत करीब 150 रुपए है।

साल 2012 में दर्ज किया गया केस
नाजुक दौर और आर्थिक संकट का सामना कर रहे पाकिस्‍तान को जुर्माना चिली की माइनिंग कंपनी एंटोफागास्‍ता और कनाडा की बैरिक गोल्‍ड कॉरपोरेशन के ज्‍वॉइन्‍ट वेंचर तेथेयान कॉपर कंपनी की वजह से लगाया गया है। इन कंपनियों ने वर्ल्‍ड बैंक की संस्‍था इंटरनेशनल सेंटर फॉर सेटलमेंट ऑफ इनवेस्‍टमेंट डिस्‍प्‍यूट्स (आईसीएसआईडी) के समक्ष साल 2012 में केस फाइल किया था। बलूचिस्‍तान की सरकार की तरफ से कंपनी की ओर से आई लीजिंग रिक्‍वेस्‍ट को मानने से इनकार कर दिया गया था।

समझौते को तैयार इमरान सरकार
कोर्ट ने 700 पेज के फैसले में पाकिस्‍तान को 4.08 बिलियन डॉलर का जुर्माना और 1.87 बिलियन डॉलर का ब्‍याज अदा करने को कहा है। कंपनी ने कोर्ट के सामने 11.43 बिलियन डॉलर के नुकसान की बात कही। तेथेयान को एक दशक पहले रेको डिक में भारी मात्रा में खनिज संपत्ति मिली थी। रविवार को पाकिस्‍तान की ओर से कोर्ट के फैसले पर टिप्‍पणी की गई। पाकिस्‍तान ने कहा कि वह तेथेयान कंपनी की ओर से आने वाले समझौते का स्‍वागत करेगा। पाक सरकार का कहना है कि वह कोर्ट के फैसले से निराश है लेकिन तेथेयान कॉपर के चेयरमैन की तरफ से जताई गई समझौते की इच्‍छा का स्‍वागत करता है।

एक माह पहले ही IMF ने भरी हामी
कोर्ट का फैसला ऐसे समय में आया है जब एक माह पहले ही पाक ने आईएमएफ के साथ छह बिलियन डॉलर का एक बेलआउट पैकेज साइन किया है। आईएमएफ ने दिवालिया होने की कगार पर पहुंच चुके पाकिस्‍तान को बचाने के लिए इस बेलआउट पैकेज के लिए हामी भरी थी। पाक अखबार द डॉन की ओर से जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कोर्ट का फैसला आने के बाद इमरान सरकार एक आंतरिक सर्वे कराएगी। इस सर्वे में यह पता करने की कोशिश की जाएगी कि आखिर गलती किससे और कहां हुईं। सरकार एक कमीशन तैयार करेगा जो इस पूरे मामले की जांच करेगा।

क्‍या है रेको डिक
रेको डिक, ईरान और अफगानिस्‍तान सीमा पर स्थित चगई जिले में आने वाला छोटा सा कस्‍बा है। इस जगह पर सोने और तांबे की खदानें हैं और सोना संग्रह मामले में यह जगह दुनिया में पांचवें नंबर पर आती है। रेको डिक का बलूच भाषा में मतलब होता है रेत का ढेर। यह जगह ईरान-अफगानिस्‍तान बॉर्डर से 70 किलोमीटर दूर उत्‍तर-पश्चिम में स्थित नाउकुंदी में आती है।

200 करोड़ ज्यादा गंवाकर पाकिस्तान को आई अक्ल, अब खोला एयरस्पेस

बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने आखिरकार 140 दिन बाद भारतीय समेत अन्य विमानों के लिए अपना एयरस्पेस खोल दिया. पाकिस्तान सिविल एविएशन अथॉरिटी ने कहा है कि तत्काल प्रभाव से पाकिस्तान एयरस्पेस को सभी प्रकार के नागरिक यातायात के लिए खोल दिया गया है. पाकिस्तान ने सोमवार रात 12.41 बजे अपना एयर स्पेस खोला. पाकिस्तान को अपने इस फैसले की भारी कीमत चुकानी पड़ी. उसे भारत के मुकाबले करीब दो सौ करोड़ ज्यादा का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. जिसके बाद पाकिस्तान के होश ठिकाने आए और उसे अपने हवाई क्षेत्र को खोलने के लिए मजबूर होना पड़ा.

पाकिस्तानी एयरस्पेस बंद होने से खाड़ी देशों और यूरोप की ओर जाने वाली फ्लाइट्स को अरब सागर पार करते हुए लंबे रास्ते से गुजरना पड़ता था. पिछले महीने जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किर्गिस्तान में आयोजित समिट में भाग लेने जाने वाले थे, तब पाकिस्तान ने 48 घंटे के लिए एयरस्पेस खोला था. मगर भारत ने पाकिस्तान के एयरस्पेस का इस्तेमाल नहीं किया. नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बीते दो जुलाई को राज्यसभा में हुए एक सवाल के जवाब में पाक एयरस्पेस बंद होने से हुए नुकसान की जानकारी दी थी.

उन्होंने बताया था कि एयर इंडिया को करीब 491 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. वहीं, एक रिपोर्ट के मुताबिक एयरस्पेस बंद करने के फैसले से पाकिस्तान को इस अवधि में 690 करोड़ का आर्थिक नुकसान सहना पड़ा है. इस भारी नुकसान के कारण मजबूर हुए पाकिस्तान ने एयरस्पेस खोलने का फैसला किया है. सूत्र बताते हैं कि नुकसान के ये आंकड़े दो जुलाई तक के हैं. अगर प्रतिबंध खत्म होने से पहले तक के नुकसान को जोड़ें तो आंकड़ा और ज्यादा बढ़ेगा. बता दें कि पाकिस्तान विमानन सचिव शाहरुख ने कहा था कि जब तक भारत फॉरवर्ड पोस्ट से अपने विमानों को नहीं हटाता है, तब तक भारतीय विमानों के लिए पाकिस्तान अपना एयर स्पेस नहीं खोलेगा.

मगर भारी आर्थिक नुकसान होने पर पाकिस्तान को बैकफुट पर आना पड़ा है. पाकिस्तान की ओर से प्रतिबंध लगने के चलते करीब चार सौ इंटरनेशनल फ्लाइट्स पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र को छोड़कर गुजरतीं रहीं. बता दें कि पुलवामा में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 26 फरवरी को बालाकोट में जैश के आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी. जिसके बाद पाकिस्तान ने अपने एयर स्पेस को बंद कर दिया था. जिसके चलते 233 विमानों के करीब 70 हजार यात्रियों को ज्यादा किराया देकर यात्रा करनी पड़ी.

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