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बस 19 दिन शेष, किसका होगा मध्यप्रदेश ?

भोपाल 11 नवम्बर 2018 । मध्यप्रदेश में आज से 19वें दिन विधानसभा चुनाव हैं। 28 नवंबर के बाद सभी पार्टी नेताओं की किस्मत ईवीएम में बंद हो जाएगी। विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियों के प्रत्याशी अपना नामांकन भर रहे हैं। सबसे ज्यादा नामांकन रीवा और फिर सतना जिले में हुए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ कांग्रेस ने अरुण यादव को मैदान में उतारा है। जिस पर शिवराज ने यह कहकर तंज भी कसा कि, कांग्रेस ने यादव को बली का बकरा बना दिया। इसके जवाब में अरुण यादव ने कहा कि,अरुण यादव ने ट्वीट किया कि मुझे मां नर्मदा ने अपनी रेत में हुए अवैध उत्खनन के 1-1 कण और भ्रष्टाचार का हिसाब लेने के लिए बुधनी बुलाया है।मैं शिवराज को घेरने नहीं, पूरे दृढ़विश्वास से उन्हें हराने आया हूं।

बीजेपी में भी फल-फूल रहा है वंशवाद…
बीजेपी हमेशा से कांग्रेस पर वंशवाद का आरोप लगाती रही है लेकिन इस विधानसभा चुनाव में तो भाजपा ने कांग्रेस को भी पीछे छोड़ दिया है। इस बार बीजेपी ने प्रदेश की 30 विधानसभा सीटों पर वंशवाद का सबसे बड़ा उदाहरण देते हुए अपने प्रत्याशी खड़े किये हैं।

गौर ने दिया परिवार वाद पर बयान…
पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान परिवारवाद के सवाल पर कहा है कि, अगर कोई नेता पुत्र या फिर रिश्तेदार संगठन और पार्टी में लंबे समय से सक्रिय है और पार्टी के काम को बखूबी निभा रहा है, तो उसे टिकट देने में कोई बुराई नहीं है।

बता दें कि 28 नवंबर को प्रदेश में विधानसभा चुनाव हैं और 11 दिसंबर को परिणाम प्रस्तुत होंगे। अब आने वाला वक्त ही बताएगा कि, बीजेपी सत्ता में रहेगी या कांग्रेस का वनवास खत्म होगा।

भाजपा और कांग्रेस के लिए सिरदर्द बने बागी

मध्य प्रदेश में इस बार भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों को बागियों का सामना करना पड़ रहा है। नामांकन वापसी तक ये बागी नहीं मानें तो पार्टी के प्रत्याशियों के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है।

भाजपा – तीन पूर्व मंत्री, पांच विधायक सहित तीन दर्जन से ज्यादा सीटों पर बगावत

भाजपा की ओर से तीन पूर्व मंत्री राघवजी ने विदिशा से, रामकृष्ण कुसमारिया ने दमोह और पथरिया व केएल अग्रवाल ने बमोरी से नामांकन पत्र दाखिल किया है। सिवनी मालवा विधायक सरताज सिंह ने होशंगाबाद, नरेंद्र सिंह कुशवाह ने भिण्ड, संगीता चारेल ने सैलाना, शांतिलाल बिलबाल ने झाबुआ और कमल मर्सकोले ने बरघाट विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतरने की तैयारी कर ली है। इसी तरह कटनी नगर निगम के अध्यक्ष संतोष शुक्ला, भाजयुमो के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष धीरज पटेरिया, सीहोर से पूर्व विधायक रमेश सक्सेना, पूर्व विधायक रमेश खटीक ने करैरा से, पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामोराम गुप्ता ने सतना से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र भर दिए हैं।बीजेपी नेत्री और पूर्व मेयर समीक्षा गुप्ता ने ग्वालियर दक्षिण से निर्दलीय और कांग्रेस के पूर्व मंत्री भगबान सिंह यादव ने इसी बिधान सभा से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में पर्चा भरा हे .

कई ने इस्तीफा दिया

बरघाट विधायक कमल मर्सकोले का टिकट काटे जाने के विरोध में भाजपा समर्थित जनपद पंचायत अध्यक्ष बरघाट सुनील टेकाम, उपाध्यक्ष तोमेश रहांगडाले, जनपद पंचायत कुरई के अध्यक्ष देवेंद्र रहांगडाले, पूर्व जिला महामंत्री दिग्विजय सिंह राजपूत ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। सतना जिले में सांसद गणेश सिंह से प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और अनूपपुर जिले के संगठन प्रभारी अरुण द्विवेदी ने पार्टी की सदस्यता छोड़ दी। वहीं, सतना जिला पंचायत की उपाध्यक्ष डॉ. रश्मि पटेल ने भी पार्टी छोड़कर सतना से निर्दलीय फॉर्म भर दिया। जिला पंचायत सतना के अध्यक्ष गगनेंद्र प्रताप सिंह भी पार्टी से नाराज हैं।

सर्वेक्षण में मध्यप्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस को बहुमत, छत्तीसगढ़ में बन सकती है भाजपा सरकार

5 राज्यों में विधानसभा चुनावों से पहले सी-वोटर के एक ओपिनियन पोल में कांग्रेस को राजस्थान में 145 सीटों के साथ भारी बहुमत और मध्यप्रदेश में साधारण बहुमत मिलने का पूर्वानुमान जताया गया है।

सेंटर फॉर वोटिंग ओपिनियंस एंड ट्रेंड्स इन इलेक्शन रिसर्च (सी-वोटर) ने नवंबर के दूसरे सप्ताह में अपने सर्वेक्षण में तेलंगाना में कांग्रेस-तेदेपा को 64 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत मिलने की संभावना जताई है और छत्तीसगढ़ में कड़े मुकाबले की बात कही है, जहां भाजपा थोड़ी आगे रह सकती है।

छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, मिजोरम, राजस्थान और तेलंगाना में चुनाव 12 नवंबर से 7 दिसंबर के बीच होंगे और मतगणना 11 दिसंबर को होगी। राजस्थान के सर्वे में भाजपा को केवल 45 सीटें मिलने की भविष्यवाणी की गई है। भाजपा को केवल 39.7 प्रतिशत वोट मिलने का पूर्वानुमान जताया गया है जबकि कांग्रेस को 47.9 प्रतिशत वोट मिलने की बात कही गई है।

मध्यप्रदेश में सी-वोटर के पोल में भाजपा को 107 सीटें मिलने का पूर्वानुमान जताया गया है। यहां कांग्रेस को 116 सीटों के साथ साधारण बहुमत मिलने की बात कही गई है। छत्तीसगढ़ में कड़ी टक्कर का पूर्वानुमान जताते हुए सी-वोटर के सर्वे में कांग्रेस को 41 सीटें और भाजपा को 43 सीटें मिलने की संभावना व्यक्त की गई है।

सी-वोटर ने दावा किया है कि सीएनएक्स के पोल में राजस्थान में कांग्रेस को 115 सीटें और भाजपा को 75 सीटें मिलने की बात कही गई है, वहीं सीएसडीएस के सर्वे में कांग्रेस को 110 सीटें और भाजपा को 84 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। सी-फोर के सर्वे में कांग्रेस को 130 और भाजपा को 65 सीटें मिलने का पूर्वानुमान जताया गया है।

सी-वोटर के अनुसार सीएनएक्स के सर्वे में मध्यप्रदेश में भाजपा को 122 सीटें और कांग्रेस को 95 सीटें मिलने का दावा किया गया है। सीएसडीएस ने यहां भाजपा को 116 और कांग्रेस को 105 सीटें मिलने की संभावना जताई है। छत्तीसगढ़ में सीएनएक्स ने भाजपा को 50 तो कांग्रेस को 30 और अन्य को 10, वहीं सीएसडीएस ने भाजपा को 56, कांग्रेस को 25 और अन्य को 9 सीटें मिलने की संभावना व्यक्त की है।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सी-वोटर का सर्वे प्रशंसनीय और रोचक है और जमीन पर हालात ऐसे हैं कि छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना में भी पार्टी जबरदस्त तरीके से जीत रही है।

भाजपा प्रवक्ता विजय सोनकर शास्त्री ने सर्वेक्षणों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी पार्टी न केवल अपने शासन वाले तीनों राज्यों में फिर से सरकार बनाएगी, बल्कि तेलंगाना तथा मिजोरम में भी सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा होगी।

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