m.p. started indira grah jyoti scheme

भोपाल 15 फरवरी 2019 । ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने बताया है कि प्रदेश में स्थायी घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं के लिये ’ इंदिरा गृह ज्योति योजना’ प्रारंभ की गयी है। योजना के हितग्राहियों को 100 यूनिट तक की खपत पर अधिकतम 100 रुपये का बिल दिया जायेगा। लेकिन प्रचलित टैरिफ एवं विद्युत शुल्क जोड़कर 100 रुपये से कम बिल होने पर वास्तविक राशि ही देय होगी। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि योजना के लागू होने से ऊर्जा विभाग से संबंधित एक और वचन पूरा हो गया है।
सरल बिजली बिल स्कीम के सभी उपभोक्ता नई योजना में शामिल होंगे
ऊर्जा मंत्री श्री सिंह ने बताया कि सरल बिजली बिल स्कीम के सभी उपभोक्ता योजना में शामिल होंगे। सरल बिजली बिल के प्राप्त, लंबित पात्र आवेदन भी इस योजना में मान्य होंगे। योजना 25 फरवरी एवं इसके बाद प्रारंभ होने वाले आगामी बिलिंग चक्र से लागू होगी। हितग्राहियों के बिल की गणना विद्युत नियामक आयोग के टैरिफ अनुसार की जायेगी। ग्रामीण क्षेत्र में 500 वॉट तक के संयोजित भार वाले अनमीटर्ड उपभोक्ताओं के लिये आयोग द्वारा टैरिफ आदेश में निर्धारित दर से बिलिंग की जायेगी। शहरी क्षेत्रों में मीटर के आधार पर ही बिलिंग होगी।
योजना में 1000 वॉट तक के संयोजित भार उपभोक्ता शामिल
श्री सिंह ने बताया है कि जिन उपभोक्ताओं के परिसर में पूर्व में मीटर स्थापित थे, वहाँ मीटर खराब होने पर विगत 3 माह की औसत खपत 100 यूनिट से कम होने पर तदनुसार मान्य की जाएगी। औसत खपत 100 यूनिट से अधिक होने पर बिलिंग की सीमा 100 यूनिट होगी। खराब मीटर को बदलने की कार्यवाही शीघ्र की जायेगी। योजना में पूर्ववत् मात्र 1000 वॉट तक के संयोजित भार वाले उपभोक्ता शामिल होंगे। एयर कंडीशन एवं हीटर का उपयोग करने वाले उपभोक्ता पात्र नहीं होंगे।
सरल स्कीम के अजा-अजजा उपभोक्ता को पूर्ववत मिलेगा लाभ
अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन कर रहे घरेलू सरल उपभोक्ताओं को इंदिरा गृह ज्योति योजना का लाभ मिलेगा तथा वर्तमान में प्राप्त होने वाली ऊर्जा प्रभार व ईधन प्रभार की छूट भी जारी रहेगी। किसी माह में 100 यूनिट से अधिक खपत होने पर प्रचलित टैरिफ अनुसार 100 यूनिट से अधिक की खपत पर लागू ऊर्जा प्रभार, एफसीए, मीटर प्रभार, विद्युत शुल्क का भुगतान उपभोक्ता द्वारा स्वयं किया जायेगा। 100 यूनिट से अधिक खपत पर नियत प्रभार में होने वाली वृद्धि के अन्तर की राशि भी हितग्राही द्वारा स्वयं देय होगी।
वितरण कम्पनियों द्वारा विद्युत नियामक आयोग के निर्धारित मानदण्ड के अतिरिक्त और कोई भी आंकलित यूनिट बिल में नहीं जोड़े जायेंगे। योजना में जारी किये जाने वाले बिलों में शासन द्वारा प्रदत्त सब्सिडी का स्पष्ट उल्लेख किया जायेगा। आगामी बिलिंग से उपभोक्ताओं को लाभ देने के लिए बिजली कंपनियों के साफ्टवेयर में आवश्यक परिवर्तन यथाशीघ्र करने के निर्देश दिये गये हैं। घरेलू उपभोक्ता के लिए लागू अन्य सबसिडी यथावत जारी रहेगी।

कमलनाथ मंत्रीमंडल विस्तार की सुगबुगाहट

लोकसभा चुनाव की आहट के साथ ही राज्य में अब फिर मंत्रीमंडल विस्तार की सुगबुगाहट राज्य के राजनैतिक हलकों में है। ऐसी संभावना है कि मुख्यमंत्री मंत्रीमंडल में बैंलेंस के लिये एक विस्तार शीघ्र कर सकते हैं। हालांकि इस बारे में अभी तक राज्य में कोई भी वरिष्ठ कांग्रेसी मुंह खोलने को तैयार नहीं है, लेकिन जो वरिष्ठ विधायक मंत्रीमंडल में आने से रह गये हैं वह अपने अपने नेताओं के माध्यम से मंत्री मंडल में आने की जुगत भिडा रहे हैं।
इधर कमलनाथ सरकार को समर्थन देने वाली बसपा और सपा सहित निर्दलीय विधायक भी मंत्री बनने को आतुर है। हालांकि राज्य की कमलनाथ सरकार इन समर्थन देने वाले विधायकों की भरपूर सुनवाई भी कर रही है। लेकिन यह विधायक संभवत: इससे संतुष्ट नहीं हो पा रहे हैं और इन्हें मंत्री पद की ताजपोशी ही चाहिये।
कुल मिलाकर आलाकमान और मुख्यमंत्री कमलनाथ की हरी झंडी होते ही मंत्रीमंडल विस्तार कभी भी हो सकता है और लोकसभा चुनावों की आचार संहिता लगने के पूर्व इस बात की पूरी -पूरी संभावना बन गई है।

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