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मैग्नीफिसेंट एमपी के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तय

इंदौर 13 अक्टूबर 2019 । मैग्नीफिसेंट एमपी के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तय कर दी गई है। राज्य सरकार के इस महत्वपूर्ण आयोजन में विभिन्न कार्यक्रम होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मैग्नीफिसेंट एमपी का विधिवत शुभारंभ 18 अक्टूबर को होगा। इसके पूर्व 17 अक्टूबर को प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ इस प्रदर्शनी का शुभारंभ करेंगे और जिले को मिलने वाली विभिन्न औद्योगिक सौगातों का लोकार्पण तथा भूमिपूजन करेंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 17 अक्टूबर को शाम 4 बजे मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर के समीप विशाल प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे और इसका अवलोकन भी करेंगे। इस अवसर पर वे पीथमपुर के स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क और इन्टीग्रेटेड वाटर सप्लाई सिस्टम तथा सिंहासा के आईटी पार्क का लोकार्पण करेंगे। इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाए जाने वाले आईएसबीटी तथा तीसरे आईटी पार्क का भूमि पूजन करेंगे। इसके पश्चात मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में शाम साढ़े 4 बजे पीथमपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के साथ मीटिंग करेंगे। रात को 8 बजे होटल मेरियट में सीआईआई नेशनल काउंसिल के साथ डिनर में शामिल होंगे।
मैग्नीफिसेंट एमपी का विधिवत शुभारंभ 18 अक्टूबर को सुबह 11 बजे होगा। मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ इस कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में आदित्य बिरला ग्रुप के श्री के.एम. बिरला, ट्रिडेंट के श्री राजिन्दर गुप्ता, एचईजी के श्री रवि झुनझुनवाला, आईटीसी के श्री संजीव पुरी, सनफार्मा के श्री दिलीप संघवी, सीआईआई के प्रेसिडेंट श्री विक्रम किर्लोस्कर, इंडिया सीमेंट के श्री श्रीनिवासन, गोदरेज ग्रुप के श्री आदी गोदरेज तथा लेप इंडिया के श्री मार्क जेराल्ट अपने अनुभव साझा करेंगे।
इसके बाद में दोपहर ढाई बजे से साढ़े 3 बजे तक तथा शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर के अलग-अलग हालों में विशेष सत्र होंगे। इसमें विभिन्न औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधि मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। दोपहर ढाई बजे से साढ़े 3 बजे तक सभाकक्ष टुलिप में अर्बन मोबेलिटी एण्ड रियल एस्टेट विषय पर सेशन होगा। इसमें हीरानंदानी ग्रुप के एमडी श्री निरंजन हीरानंदानी तथा इंडिया सीमेंट के वाइस चेयरमेन तथा मेनेजिंग डायरेक्टर श्री एन श्रीनिवासन, एमपी एज ए लॉजिस्टिक हब विषय पर मेपल सभाकक्ष में आयोजित सत्र में फाउंडर और गति लिमिटेड के सीईओ श्री महेन्द्र अग्रवाल और टीएम इंटरनेशनल लॉजिस्टिक लिमिटेड के चेयरमेन श्री संदीपन चक्रवर्ती सम्बोधित करेंगे। इसी तरह इंडस्ट्री एमपी इमर्जिंग इनोवेशन हब विषय पर ऑर्चिड हॉल में नीति आयोग के सीईओ श्री अमिताभ कान्त और नेस्काम की प्रेसीडेंट सुश्री देवजानी घोष तथा एमपी एज द इमर्जिंग फार्मासिटीकल डेस्टीनेशन विषय पर लिलिक हॉल में सनफार्मा के एमडी श्री दिलीप संघवी तथा ड्रग कन्ट्रोलर ऑफ इंडिया श्री वी.के. सोमानी अपने विचार रखेंगे। इसके पश्चात के सत्र में शाम 4 बजे से शाम 5 बजे के बीच सभाकक्ष मेपल में इमर्जिंग आप्च्युर्निटी इन इंडस्ट्रीज विषय पर डिपार्टमेंट फार प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एण्ड इंटरनल ट्रेड के सेकेटरी श्री गुरूप्रसाद महापात्रा, अडानी विल्मर के श्री प्रणव अडानी, बजाज फिनसर्व के श्री संजीव बजाज और टुलिप सभाकक्षा में टेक्सटाइल और गारमेंट विषय पर आदित्य बिरला ग्रुप के चेयरमेन श्री कुमार मंगलम तथा ट्रीडेंट के चेयरमेन श्री राजिन्दर गुप्ता, लिलेक सभाकक्ष में टुरिज्म आप्च्युर्निटी इन एमपी विषय पर महिन्द्रा हॉलिडे के चेयरमेन श्री अरूण नंदा और आईटीसी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री नकुल आनंद तथा ऑर्चिड सभाकक्ष में आप्च्युर्निटी इन फूड प्रोफेसिंग विषय पर रसना के एमडी श्री पीरूज खम्बाटा, महिन्द्रा एग्री के एमडी श्री अशोक शर्मा और आईटीसी के श्री चितरंजन दार सम्बोधित करेंगे। 18 अक्टूबर को शाम साढ़े 5 बजे से शाम 7 बजे तक मेहर बैण्ड की प्रस्तुति होगी। इसके पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ समापन भाषण देंगे।

मप्र / उद्योग के लिए मिली भूमि के 5 एकड़ तक हिस्से में बन सकेगी आवासीय बिल्डिंग
उद्योगों के हिसाब से मप्र राज्य औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम में बड़े बदलाव कर दिए गए हैं। राज्य सरकार का कहना है कि इनसे निवेशकों को सीधे तौर पर लाभ होगा। नए प्रावधान में तय किया है कि उद्योग के लिए मिली जमीन की दस साल की लीज यदि कोई एकमुश्त जमा कराता है तो उसे 20 साल तक कोई पैसा नहीं देना पड़ेगा। इसी तरह उद्योगपतियों को यह छूट भी रहेगी कि वे पूरी जमीन के 3 फीसदी हिस्से जो अधिकतम 5 एकड़ तक होगी, पर अपने कर्मचारी व तकनीकी स्टाफ के लिए आवासीय बिल्डिंग बना सकेंगे। मैग्निफिसेंट एमपी से ठीक पहले बदले गए प्रावधानों की सरकार ब्रांडिंग भी करेगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा निवेशकों को मप्र पर भरोसा बने।
आईटी सेक्टर की डिमांड को देखते हुए इंदौर के 25 एकड़ वाले क्रिस्टल आईटी कैंपस में ही *तीसरा आईटी पार्क बनाने की मंजूरी हो गई। मुख्यमंत्री कमलनाथ 17 अक्टूबर को इसका भूमि-पूजन करेंगे*। यह पार्क 150 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा। पहला पार्क 5 लाख वर्गफीट, दूसरा 2 लाख वर्गफीट और तीसरा 4 लाख वर्गफीट पर बनेगा। अभी आईटी पार्क में 4 हजार लोग काम कर रहे हैं। यह संख्या आने वाले समय में बढ़ेगी। यह भी प्रयास चल रहे हैं कि जो सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन जबलपुर, ग्वालियर अथवा भोपाल के आईटी पार्क हैं, उन्हें भी उद्योग विभाग को दे दिया जाए। हालांकि इस पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ।

जमीन की दस साल की लीज का एकमुश्त पैसा देने पर 20 साल तक कोई राशि नहीं लगेगी, इंदौर में बनेगा तीसरा आईटी पार्क
लाउंड्री, स्टीम और नेचुरल गैस से जुड़ी इंडस्ट्री को भी किया जा सकेगा भूमि का आवंटन।
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने वालों की मदद 25 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ की।
लेबोरेटरी स्थापित करने पर भी निवेश पर 25 फीसदी या अधिकतम 50 लाख रुपए तक की मदद होगी।
फार्मास्यूटिकल लाइसेंस लेने में अब दो साल तक का वक्त (स्लेग पीरियड) और बढ़ाया।
एंटरटेनमेंट और सर्विस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए निवेश पर 10 से 15 फीसदी तक प्रोत्साहन राशि, जो अधिकतम 5 करोड़ रुपए तक होगी। इसमें जमीन की लागत शामिल नहीं रहेगी।
संचालक मंडल को बदले बिना यदि कंपनी का नाम परिवर्तित होता है तो इसके लिए अब सिर्फ 10 हजार रुपए देने होंगे। पहले जमीन के बाजार मूल्य की 10 फीसदी राशि लगती थी। भोपाल-देवास मार्ग पर इंडस्ट्रियल पार्क* भोपाल-देवास फोरलेन मार्ग पर इंडस्ट्रियल पार्क की प्रस्तावित जगह को भी जल्द फाइनल करने की तैयारी है इसके लिए कंसलटेंट की नियुक्ति हो गई है। जल्द ही जगह बताई जाएगी, ताकि समिट में उसका जिक्र किया जा सके। इसी मार्ग पर एंटरटेनमेंट जोन भी बन सकता है। अभी साउथ के राज्यों में 10 लाख रुपए की आबादी पर 18 मल्टीप्लेक्स हैं, जबकि मप्र में एक। इसे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। नई नीति बनाने की तैयारी* इलेक्ट्राॅनिक सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफेक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के लिए अलग से नीति बनाई जाएगी। इससे एंटरटेनमेंट के साथ मेडिकल डिवाइस और टेलीविजन ट्यूब की कंपनियों को लाभ होगा। इलेक्ट्राॅनिक व्हीकल के उत्पादन के लिए भी पाॅलिसी आएगी। उद्योगों को यह राहत भी मिलेगी कि वे अपनी भूमि के सामने सड़क से 20 फीट तक पौधरोपण कर सकेंगे।
पीथमपुर के पास 8 हजार एकड़ जगह और ली जाएगी : पीथमपुर में सेक्टर 5 व 6 के निर्माण के लिए करीब 8 हजार एकड़ जगह और लेने की तैयारी है। यह लैंडपूल नीति के तहत ली जाएगी, जिसमें जमीन देने वालों को कुछ हिस्से में दूसरे निर्माण का अधिकार मिलेगा।

MP में बारिश से 5 साल में बनी सड़कें क्षतिग्रस्त, 55 ठेकेदार ब्लैक लिस्ट !
लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि बारिश के कारण इस बार MP में 4805 किलोमीटर सड़कें खराब हो गई हैं जिनमें से 1081 किलोमीटर सड़कें पांच साल के भीतर ही बनी थीं। पांच साल की अवधि पूरी नहीं कर पाने वाली सड़कों से संबंधित 55 ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। बारिश से खराब हुई सड़कों की मरम्मत के लिए सभी परिक्षेत्र मुख्य अभियंताओं को 30 नवंबर तक खराब सड़कों की मरम्मत कर लेने की समय सीमा दी है।

पांच साल के भीतर क्षतिग्रस्त सड़कें –
परिक्षेत्र -खराब सड़कें (किमी) -सुधार के लिए आवश्यक राशि (करोड़)

ग्वालियर -56.75 km -38.93करोड़

भोपाल -204.54 km -18.17करोड़

उज्जैन -258.6 km -30.52करोड़

इंदौर -37.85 km -12.24करोड़

जबलपुर -21.95 km -1.42करोड़

रीवा -50.10 km -5.32करोड़

सागर -68.60-km -30.98करोड़

NH -23.43 km -2.41करोड़

31, मिलावट खोरो के खिलाफ की गई रासुका की कार्रवाई

प्रदेश में मिलावटी खाद्य पदार्थ निर्माताओं और विक्रेताओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने ‘शुद्ध के लिये युद्ध’ अभियान छेड़ रखा है। अभियान में अब तक प्रदेश में 31 मिलावटखोरों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की गई है।
अभियान के तहत अब तक प्रदेश में 89 एफआईआर मिलावटी खाद्य पदार्थ निर्माण और विक्रय करने वाले खाद्य कारोबारकर्ताओं के विरुद्ध दर्ज की गई हैं। प्रदेश में यह अभियान 19 जुलाई से शुरू किया गया था। अभियान में दूध एवं दुग्ध उत्पादों, अन्य खाद्य पदार्थों और पान मसाला सहित 6855 नमूने जाँच के लिये प्राप्त किये गये।
राज्य खाद्य प्रयोगशाला और एनएबीएल (राज्य के बाहर की) प्रयोगशाला द्वारा जारी संयुक्त रिपोर्ट में बताया गया है कि 1771 नमूनों की जाँच में 972 मानक और 578 अवमानक, 132 मिथ्या छाप, 34 अपद्रव्य, 29 असुरक्षित और 26 प्रतिबंधित पाये गये।

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