मुख्य पृष्ठ >> प्रदेश >> मध्यप्रदेश >> उज्जैन / भोपाल >> 14 लाख से ज्यादा अपात्रों के नाम हटाए, समान फोटो वाले मतदाताओं की होगी जांच

14 लाख से ज्यादा अपात्रों के नाम हटाए, समान फोटो वाले मतदाताओं की होगी जांच

भोपाल  5 जून 2018 ।  मध्यप्रदेश की मतदाता सूची में 60 लाख फर्जी मतदाताओं के नाम दर्ज होने की कांग्रेस की शिकायत के बाद चुनाव आयोग हरकत में आ गया है। आयोग की चार टीमें सूची में मैदानी जांच में जुट गई हैं। उधर, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह ने बताया कि अब तक 14 लाख से ज्यादा अपात्रों के नाम सूची से हटाए जा चुके हैं। जनवरी से मई 2018 के बीच 10 लाख 31 हजार 812 अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए। एक लाख से ज्यादा जांच के दायरे में हैं तो 1 लाख 79 हजार 876 के नाम हटाने योग्य नहीं पाए गए।

सिंह ने दावा किया कि जानबूझकर मतदाता सूची में कोई गड़बड़ी नहीं हुई। तकनीक की मदद से हमने ही अनुपस्थित, मृत, स्थानांतरित और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं की शिनाख्त की है। इसे फर्जीवाड़ा कहना जायज नहीं है। यदि कोई हमें सूची में गलत नाम दर्ज होने के सबूत देता है तो हम कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं। समान फोटो को भी हटाया जाएगा।

कांग्रेस ने रविवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत से मिलकर मतदाता सूची में लगभग 60 लाख फर्जी मतदाताओं के नाम शामिल होने की संभावना जताते हुए शिकायत की है। द पॉलिटिक्स डॉट इन नामक वेबसाइट ने भी इसी तरह का दावा किया है। शिकायत के आधार पर चुनाव आयोग ने भोजपुर, नरेला, सिवनी मालवा और होशंगाबाद विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची की जांच के लिए अधिकारियों का दल भेजा है।

उधर, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि पिछले साल जुलाई से जनवरी के बीच जब मतदाता सूची की पड़ताल कराई थी, तब 3 लाख 83 हजार अनुपस्थित, मृत, स्थानांतरित और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए थे। इस साल 13 लाख 19 हजार 644 ऐसे मतदाता पाए गए। इनमें से 10 लाख 31 हजार 812 के नाम सूची से हटाए जा चुके हैं।

कम्प्यूटराइजेशन से अब चीजें पकड़ में आने लगी हैें। देश में मतदाता सूची के शुद्धिकरण को लेकर सर्वाधिक काम प्रदेश में हुआ है। अब बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी एकत्र कर रहे हैं। जुलाई में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण अभियान चलेगा। इसमें भी अपात्रों के नाम हटाने और पात्रों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया होगी। सिंतबर में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा।

भोजपुर में कराया सेंपल सर्वे, एक जैसी निकली फोटो

मतदाता सूची में एक ही चेहरे वाली फोटो का बार-बार इस्तेमाल होने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस की शिकायत के आधार पर भोजपुर में सेंपल सर्वे कराया। इसमें 46 जगह एक ही फोटो पाई गई। इस गड़बड़ी को पकड़ने के लिए दिल्ली से एक सॉफ्टवेयर बुलवाया गया है। इसे नरसिंहपुर, होशंगाबाद और रायसेन को दिया गया है। भोपाल, इंदौर और छिंदवाड़ा को भी यह दिया जा रहा है। इससे सूची में समान चेहरे वाले मतदाताओं की शिनाख्त की जाएगी।

कम पैमाने के आधार पर शिकायत

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि चुनाव आयोग को जो शिकायत की गई, उसमें संभवत: कम पैमाने का इस्तेमाल हुआ। हमें होशंगाबाद, नरसिंहपुर और रायसेन की आठ विधानसभा सीटों की सीडी दी गई थी। हम 17 से 22 पैमाने पर जांच करते हैं। इसमें मतदाता का नाम, रिश्तेदारी, लिंग, जन्मतिथि, बूथ नंबर, घर का पता और वार्ड नंबर जैसे पैमाने होते हैं। इसके आधार पर 13 लाख से ज्यादा अपात्र मतदाताओं की पहचान की गई।

सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी से भी बढ़ी दोहरी प्रविष्टि

अफसरों के मुताबिक मतदाता सूची के लिए ईआरओ नेट नाम का सॉफ्टवेयर चुनाव आयोग ने पूरे देश में लागू किया है। अब कोई भी नाम जुड़ता है तो डाटा आयोग को जाता है। इस प्रकिया में पहले काफी समय लग रहा था। इसकी वजह से ऑनलाइन आवेदन कई बार हुए। इन्हें निरस्त करने में वक्त लगा।

अब ज्यादा दर्ज होते हैं नाम

मतदाता सूची में आबादी की तुलना में ज्यादा नाम दर्ज होने के आरोप पर उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है। पहले आबादी की तुलना में मतदाता के कम नाम दर्ज होते थे। स्विप की गतिविधियां चलाने से सभी पात्रों के नाम सूची में दर्ज हो रहे हैं। लोग मृत परिजन का नाम मतदाता सूची से नहीं हटवाते हैं। घर बदलने पर दूसरी जगह नाम तो दर्ज करा लेते हैें पर हटाने के लिए आवेदन नहीं करते।

इन जिलों में थे सर्वाधिक अपात्रों के नाम

जिला–अपात्र–हटाए गए

शिवपुरी–63,081–48,319

सागर–91,610–65,893

रीवा–50,052–44,142

भोपाल–61,022–45,323

धार–58,463–57,403

मतदाता सूची की जांच बेहद गोपनीय तरीके से की जा रही है ,चुनाव आयोग के जांच दल का MP में डेरा

मध्यप्रदेश की मतदाता सूची में फर्जीवाड़े के आरोप का सच जानने के लिए चुनाव आयोग की टीम सोमवार को भोपाल पहुंचकर सीधे काम में जुट गई। सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग की नरेला, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा की होशंगाबाद, पूर्व मंत्री सरताज सिंह की सिवनी-मालवा और पर्यटन मंत्री सुरेंद्र पटवा की भोजपुर विधानसभा सीट के मतदाताओं के रिकार्ड की पड़ताल के लिए कम्प्यूटर खंगाले गए। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि चुनाव आयोग के अधिकारी मंगलवार को मतदाताओं से सीधे रूबरू भी हो सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक चारों विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची की जांच बेहद गोपनीय तरीके से की जा रही है। भोपाल की नरेला विधानसभा की मतदाता सूची की जांच करने अधिकारी गोविंदपुरा सर्किल पहुंचे। यहां लेपटॉप पर सूची को देखने के साथ रिकार्ड भी बुलवाया गया। बताया जा रहा है कि एक ही नाम और वल्दीयत वाले मतदाताओं की मल्टीपल एंट्री पाई गई। ऐसे मतदाता हुजूर सहित भोपाल जिले की अन्य सीटों में भी पाए गए।

आयोग के संचालक सूचना प्रौद्योगिकी वीएन शुक्ला ने इस पर कलेक्टर सुदाम पी. खाड़े और ईआरओ मुकुल गुप्ता से कहा कि ऐसे मतदाताओं की जांच कर उनके नाम हटाए जाएं। इस दौरान प्रमुख सचिव सुमित मुखर्जी भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि आयोग की टीम ने नरेला विधानसभा की मतदाता सूची को लेकर जो दावे किए जा रहे थे, वे लगभग सही पाए गए।

इसी तरह दो जांच दल होशंगाबाद पहुंचे। इन्होंने होशंगाबाद और सिवनी-मालवा विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची की जांच की। आयोग के प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी केएन भार और आईटी विशेषज्ञ सोनल खरबंदा ने सर्किट हाउस में कमिश्नर उमाकांत उमराव और कलेक्टर प्रियंका दास से बात की और पूछा कि अभी तक मतदाता सूची के मामले में आपने क्या किया है।

दोनों अधिकारियों ने बताया कि सूची का परीक्षण कराया जा रहा है। बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर जा रहे हैं। जांच टीम ने होशंगाबाद तहसील कार्यालय में कम्प्यूटर पर मतदाता सूची देखी और प्रिंट निकलवाए। जिला निर्वाचन कार्यालय में भी पड़ताल की गई।

सिवनी मालवा विधानसभा की मतदाता सूची की पड़ताल के लिए आयोग के अधिकारी बीसी पात्रा और आईटी विशेषज्ञ अंकित सिंह पहुंचे। दोनों ने सिवनी मालवा तहसील कार्यालय में एसडीएम धीरेन्द्र सिंह से बंद कमरे में बात की। टीम भरलाय, रानीपुर, रावनपीपल गांव भी गई। दोनों दल सोमवार को होशंगाबाद में ही रुकेंगे।

भोजपुर विस क्षेत्र के तीन गांवों में पहुंची टीम

रायसेन की भोजपुर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची की गड़बड़ी की जांच करने प्रमुख सचिव अनुज जयपुरिया और आईटी विशेषज्ञ विजय कुमार की टीम ने भोजपुर, नीमखेड़ा और कीरतनगर गांव का दौरा किया। सूची में दर्ज नाम और फोटो के आधार पर मतदाताओं से बात की। जांच दल ने गौहरगंज एसडीएम कार्यालय में रिकार्ड की जांच भी की।

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

टूटे सारे रिकॉर्ड, 10 बिंदुओं में जानिए क्यों आ रहा जोरदार उछाल

नई दिल्ली 24 सितम्बर 2021 । घरेलू शेयर बाजार में शानदार तेजी का सिलसिला जारी …