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कश्मीर पर समर्थन चाह रहे पाक को मुस्लिम देशों से मिली नसीहत

नई दिल्ली 17 सितम्बर 2019 । जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने से बौखलाए पाकिस्तान ने दुनियाभर के देशों का दरवाजा खटखटाया लेकिन उसे चीन के अलावा किसी प्रमुख देश का साथ तो नहीं मिला, अब मुस्लिम देशों ने उसे नसीहत जरूर दे दी। सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे प्रभावशाली मुस्लिम देशों ने एक ओर पाकिस्तान को भारत के साथ बैकडोर डिप्लॉमसी चैनल ऐक्टिवेट करने की राय दी तो दूसरी ओर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से कहा कि वह भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए तल्ख भाषा के इस्तेमाल पर लगाम लगाएं।
पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के मुताबिक, 3 सितंबर को सऊदी अरब के विदेश मंत्री आदिल अल जुबैर और संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन अल नाहयान इस्लामाबाद दौरे पर अपने नेतृत्व और कुछ अन्य शक्तिशाली देशों की ओर से संदेश लेकर आए थे। उन्होंने पाकिस्तान से कहा कि वह भारत के साथ अनौपचारिक बातचीत करे। एक दिवसीय यात्रा पर उन्होंने प्रधानमंत्री इमरान खान, विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा से मुलाकात की। बैकडोर डिप्लॉमसी की पेशकश
एक्सप्रेस ट्रिब्यून के एक अधिकारी ने बताया, ‘बातचीत बेहद गोपनीय थी और विदेश मंत्रालय के केवल शीर्ष अधिकारियों को ही उन बैठकों में जाने दिया गया।’ रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और यूएई के राजनयिकों ने यह इच्छा जताई है कि पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव कम करने के लिए वे भूमिका निभाना चाहते हैं। इनमें से एक प्रस्ताव दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे से बातचीत (बैकडोर डिप्लॉमसी) का भी था। रिश्ते सुधारने में मदद के लिए पाक के सामने रखी शर्त
मध्यस्थों ने पाकिस्तान से पेशकश की कि वो कश्मीर में कुछ पाबंदियों में ढील देने के लिए वह भारत को राजी करने की कोशिश कर सकते हैं, बशर्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमले बंद किए जाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री इमरान खान से कहा कि वो पीएम मोदी के खिलाफ जुबानी हमले कम करें। हालांकि, पाकिस्तान ने उनके अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया और साफ किया कि वह भारत के साथ पारंपरिक कूटनीति तभी करेगा जब नई दिल्ली कुछ शर्तों पर राजी हो जाए। अखबार के मुताबिक, ‘इन शर्तों में कश्मीर से कर्फ्यू तथा अन्य पाबंदियां हटाना शामिल हैं।’

19 सितंबर को सऊदी अरब जाएंगे इमरान
जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने और संविधान के अनुच्छेद 370 के कुछ प्रावधानों को खत्म करने के बाद से पाकिस्तान ने भारत के साथ अपने राजनयिक संबंध सीमित कर दिए हैं। उसके बाद से पाकिस्तानी पीएम इमरान खान लगातार भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमले कर रहे हैं। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने अपने साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हालात को सामान्य करने के लिए भारत के साथ पर्दे के पीछे से कोई कूटनीतिक बातचीत नहीं की जा रही है। खान 19 सितंबर को दो दिवसीय दौरे पर सऊदी अरब जाएंगे, इस दौरान भी कश्मीर मुद्दा हावी रह सकता है।

जम्मू-कश्मीर HC नहीं जा सका याचिकाकर्ता, CJI बोले- मामला गंभीर

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को जम्मू-कश्मीर में हिरासत में लिए जा रहे बच्चों को लेकर सुनवाई हुई. अदालत में याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि घाटी में 10 से 18 साल के बच्चों को हिरासत में लिया जा रहा है. इस पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट में याचिका दायर करने को कहा, साथ ही हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से इसपर रिपोर्ट भी मांगी.

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि अगर लोग राज्य की हाईकोर्ट का रुख नहीं कर पा रहे हैं और अपनी बात नहीं कह पा रहे हैं तो ये काफी सीरियस मसला है, अगर जरूरत पड़ी तो मैं खुद श्रीनगर का दौरा करूंगा. चीफ जस्टिस ने कहा कि वह खुद इस मसले पर विस्तार से जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के जस्टिस से बात करेंगे.

याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि चाइल्ड एक्टिविस्ट का इस वक्त हाईकोर्ट जाना काफी मुश्किल है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने इस दौरान कहा कि आप कारण बताएं कि ये मुश्किल क्यों है? अगर ऐसा है तो ये गंभीर मसला है.

इसी दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि वह खुद जम्मू-कश्मीर के चीफ जस्टिस से पूरी रिपोर्ट मांगेंगे, ये काफी गंभीर मसला है. चीफ जस्टिस ने कहा कि वह इस मसले पर अब किसी वकील से नहीं बल्कि सीधे हाईकोर्ट की बात सुनेंगे.आपको बता दें कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में जम्मू-कश्मीर से जुड़ी 8 याचिकाओं पर सुनवाई हुई. इस दौरान अदालत की ओर से कुछ मामलों में केंद्र सरकार को नोटिस भी दिया गया. सर्वोच्च अदालत ने कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद को जम्मू-कश्मीर जाने की इजाजत दे दी है.

अदालत की ओर से अभी संचार व्यवस्था पर कोई आदेश नहीं दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में केंद्र सरकार सुरक्षा को लेकर फैसला ले और आगे बढ़े.

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