मुख्य पृष्ठ >> खास खबरें >> इमरान के खिलाफ हुए पाकिस्तानी बैंक, बोले- बंद करो आतंकवाद, वरना हो जाएंगे कंगाल

इमरान के खिलाफ हुए पाकिस्तानी बैंक, बोले- बंद करो आतंकवाद, वरना हो जाएंगे कंगाल

नई दिल्ली 28 फरवरी 2019 । पाकिस्तान के ज्यादातर बैंक इमरान सरकार के खिलाफ हो गए हैं। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) द्वारा पड़ोसी मुल्क को ग्रे लिस्ट से बाहर नहीं करने पर अब पाक के तमाम बैंक सरकार के खिलाफ खुलकर आ गए हैं। बैंकर्स ने सरकार से मांग की है कि वो आतंकवादियों को मदद देना बंद करें, नहीं तो आने वाले दिनों में पूरी तरह से कंगाल हो जाएंगे।
हवाला कारोबार पर लगे रोक
बैंकों के संगठन ने सरकार से कहा कि वो तुरंत आतंकियों की फंडिंग और हवाला कारोबार पर रोक लगाएं। पाकिस्तान के बैंकर्स को डर है कि पाकिस्तान सरकार आतंकवाद को आर्थिक मदद करने की आदत नहीं छोड़ती है तो वे डूब जाएंगे।
विदेशी निवेश पर पड़ेगा असर
बैंकों का कहना है कि अगर सरकार यह कदम नहीं उठाती है तो फिर मुल्क में होने वाले विदेशी निवेश पर बुरा असर पड़ेगा। अगर पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से निकालकर ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाता है तो पाकिस्तान में विदेशी निवेश जीरो हो जाएगा। पाकिस्तान के बैंकर्स ने कहा है कि पाकिस्तान को एफएटीएफ के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए काम करना चाहिए।

27 मांगों पर करना है काम
एफएटीएफ ने कहा कि पाकिस्तान जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा जैसे आतंकी संगठनों की फंडिंग रोकने में नाकाम रहा है। एफएटीएफ ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अक्तूबर, 2019 तक अगर पाकिस्तान उसकी 27 मांगों पर काम नहीं करता है तो उसे ‘ग्रे’ से ‘ब्लैक’ लिस्ट में डाल दिया जाएगा।
बैठक में शामिल रहे भारतीय अधिकारी ने बताया कि एफएटीएफ ने पाकिस्तान को मई, 2019 तक कार्ययोजना को पूरा करने को कहा है। जून 2019 में इसकी पुनर्समीक्षा होगी। अब पाकिस्तान के पास अक्तूबर तक का समय है। अगर वह सुधार नहीं करता है तो उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
एफएटीएफ ने की पुलवामा हमले की निंदा
एफएटीएफ ने कहा कि वह पिछले हफ्ते जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में भारतीय सुरक्षाबलों पर हुए आतंकी हमले पर गौर करते हुए गंभीर चिंता जताता है और उसकी निंदा करता है।
क्या होता है एफएटीएफ
इसका गठन 1989 में दुनिया के 37 देशों ने मिलकर किया था। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था को मनी लांड्रिंग और आतंकी फंडिंग जैसे खतरों से दुनिया को बचाना है। यह वैश्विक आंतकी संगठनों पर वित्तीय प्रतिबंध लगाने के लिए एक प्रहरी के रूप में काम करने वाला संगठन है।

PAK मीडिया ने भी माना मसूद-हाफिज को आतंकी, बोले- इनको बंद करो नहीं तो भारत कर देगा बर्बाद
एक तरफ जहां भारत की कड़े कदम उठाने से पाकिस्तान बैकफुट पर आ गया है। वहीं पाकिस्तान की सरकार के साथ-साथ वहां के पाकिस्तानी मीडिया भी घबरा रहे हैं। यहां तक कि पाकिस्तानी मीडिया ने भी मसूद अजर और हाफिज सईद को आतंकवादी मान चुके हैं।

पाकिस्तानी मीडिया का कहना है, कि हाफिज सईद सलाउद्दीन और मौलाना मसूद अजहर भी आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त हैं। आपको बता दें, कि मसूद अजहर को एक विमान हाईजैक करने के बाद भारत की सरकार से रिहा करवाया गया था। सवाल यह उठता है, कि अगर वह आम आदमी होते तो क्या उनको पाकिस्तान लाने के लिए अभिमान को हाईजैक क्यों करना पड़ा, जबकि उन्होंने अपने सभी भाषाओं में कबूला भी है, कि वह आतंकवादी नहीं बल्कि एक जिहादी है। यही बात हाफिज सईद भी करता है। इन सब के बावजूद पाकिस्तान सरकार इन तीनों पर चुप्पी साधे हुए बैठी है। यह लोग वही खौफनाक लोग हैं, जो बॉर्डर के दूसरी तरफ से अपना गिरोह चलाते हैं और आतंकवादी जैसी कायराना घटनाओं को जिम्मेदार हैं।

हाल ही में हुए पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ अपना रुख बहुत ज्यादा कड़ा कर लिया है। इस हमले के बाद पाकिस्तान की दुनिया के अलग-अलग देशों में बहुत बुरी तरह से नींद आ की जा रही है और पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवाद के लिए चारों तरफ से आवाज बुलंद हो रही है। इसके साथ साथ एफ ए टी f के पाकिस्तान को ग्रीन लिस्ट में शामिल करने के बाद उसके भी हालात अब समझ आने लगे हैं।

भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ लिए एक्शन

पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीना गया।

पाकिस्तान के आयात पर फिल्म 200% कस्टम ड्यूटी लगाई।

दुनिया के करीब 25 देश बुला कर पाकिस्तान के खिलाफ सबूत दिए।

पाकिस्तानी गीत कारों को भारतीय फिल्म जगत में प्रतिबंध किया।

पाकिस्तान जाने वाले नदियों के पानी को रोका।

भारत और पाकिस्तान सीमा पर रोके गए ट्रकों की आवाजाही।

पाकिस्तान जाने वाले टमाटर का निर्यात बंद किया।

संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद ने पुलवामा हमले की लिए पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की।

मसूद अजहर के दोनों आतंकी संगठन का भी जिक्र किया।

FATF ने पाकिस्तान को ग्रह सूची में रखा।

FATF आतंकवाद पर कार्रवाई के लिए अक्टूबर महीने तक का वक्त दिया।

पाकिस्तान ने रद्द की आज लाहौर से चलने वाली समझौता एक्सप्रेस
भारत द्वारा पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर को नष्ट करने के लिए की गई एयर स्ट्राइक के बाद पाक ने भारतीय सीमा में घुसकर यहां के सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की। हालांकि, भारतीय वायुसेना ने पाक को वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया। इस कार्रवाई में जहां भारत ने पाकिस्तान के एक एफ-16 फाइटर विमान को मार गिराया तो भारत को भी एक मिग 21 खोना पड़ा।

इस कारण बंद की समझौता

जानकारी के लिए बता दें दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस तनाव को और बढ़ाने का काम किया है पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच चलने वाली ट्रेन समझौता एक्सप्रेस का संचालन बंद करके। गुरुवार को लाहौर से चलने वाली ट्रेन रद्द कर दी गई। समझौता एक्सप्रेस कोई सामान्य ट्रेन नहीं बल्कि दोनों देशों के बीच एक पुल की तरह है। बता दें 22 जुलाई 1976 को अटारी-लाहौर के बीच इस ट्रेन की शुरुआत की गई थी।

ऐसे हुई थी इसकी शुरुआत

प्राप्त जानकारी के अनुसार समझौता एक्सप्रेस अटारी-वाघा के बीच केवल तीन किलोमीटर का सफर तय करती है। 1971 के युद्ध के बाद तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके समकक्ष जुल्फिकार अली भुट्टो के बीच शिमला समझौता हुआ था। इसी के तहत भारत और पाकिस्तान के बीच रेल संपर्क बनाने पर हामी भरी गई थी। चूंकि अटारी से लाहौर तक रेल मार्ग पहले से ही मौजूद था, इसलिए समझौता एक्सप्रेस को शुरू करने में कोई रुकावट नहीं आई थी।

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारत के गेम प्लान पर बोले कोच रवि शास्त्री- खिलाड़ियों को ज्यादा तैयारी की जरूरत नहीं

नई दिल्ली 19 अक्टूबर 2021 । भारतीय क्रिकेट टीम को टी-20 वर्ल्ड कप में अपना …