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पाकिस्तान ने आतंकवाद के रास्ते छद्म युद्ध छेड़ा, इसके सहारे हमसे जंग नहीं जीत सकता

नई दिल्ली 1 दिसंबर 2019 । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद के रास्ते छद्म युद्ध के सहारे भारत से लड़ना चाहता है।,मगर वह कभी हमसे जंग नहीं जीत सकेगा। रक्षा मंत्री पुणे में नेशनल डिफेंस एकेडमी की 137वीं पासिंग आउट परेड को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा पाकिस्तान दुनियाभर में आतंकवाद के मामले में बेनकाब और अलग-थलग पड़ चुका है।

सिंह ने कहा, ‘‘हमारी इस सफलता का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुशल कूटनीति को जाता है। पाकिस्तान 1948, 1965, 1971 और 1999 में हुए युद्धों में हारकर यह बात जान चुका है कि वह भारत से नहीं जीत सकता। यही कारण है कि अब वह आतंकवाद के सहारे भारत से लड़ना चाहता है। मैं पूरी जिम्मेदारी से कह सकता हूं कि पाकिस्तान अपने मंसूबों में कभी सफल नहीं हो सकेगा।’’

हम दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम: राजनाथ

रक्षा मंत्री ने कहा- हम देश के लोगों की सुरक्षा और अखंडता को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यदि कोई हमारी जमीन पर आतंकी कैंप चलाता है या फिर किसी हमले में शामिल होता है तो हम उसे माकूल जवाब देने में सक्षम हैं।

‘‘भारत के दूसरे देशों के साथ बेहतर रिश्ते हैं। हमारी छवि एक ऐसे देश की रही है, जिसने कभी भी सीमाओं का उल्लंघन नहीं किया। अगर कोई हमें उकसाएगा तो इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।’’

दुनिया में प्रवासी भारतीयों की आबादी 1.75 करोड़, मैक्सिको दूसरे और चीन तीसरे स्थान पर

दुनिया में सबसे ज्यादा प्रवासी, भारतीय मूल के लोग हैं। इनकी संख्या 1.75 करोड़ है। द इंटरनेशनल आर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (आईओएम) ने अपनी ग्लोबल माइग्रेशन रिपोर्ट 2020 में यह दावा किया है। यह रिपोर्ट 2018 के आंकड़ों के आधार पर बनाई गई है। इसके मुताबिक दूसरे स्थान पर मैक्सिको (1.18 करोड़) और तीसरे पर चीन (1.07 करोड़) है। भारतीय 2015 में भी सबसे आगे थे।

तीन साल में भारतीय प्रवासियों की संख्या में 0.1% बढ़ोतरी हुई है। इन लोगों ने अपने देश को एक साल में 5.5 लाख करोड़ रुपए भेजे हैं। यह 2015 की तुलना में 70 हजार करोड़ रुपए ज्यादा है, जबकि दुनियाभर के प्रवासियों ने अपने देशों में 49 लाख करोड़ रुपए भेजे।

दुनिया में प्रवासियों की संख्या करीब 27 करोड़

दुनिया में प्रवासियों की संख्या करीब 27 करोड़ है। प्रवासियों का सबसे बड़ा देश अमेरिका है। यहां करीब 5.1 करोड़ प्रवासी हैं। यह आंकड़ा दुनिया की आबादी का 3.5% है। इसका मतलब यह है कि अमूमन किसी भी देश में 96.5 % लोग स्थानीय या मूल निवासी ही हैं। प्रवासियों में से आधे से अधिक यानी 14.1 करोड़ यूरोप और उत्तर अमेरिका महाद्वीप में रहते हैं। प्रवासियों में 52 % पुरुष हैं। करीब दो तिहाई यानी 16.4 करोड़ प्रवासियों को रोजगार की तलाश है।

ग्रीन कार्ड पाने के लिए कतार में दूसरे नंबर पर भारतीय
भारत के करीब 2.27 लाख लोगों को अमेरिका में वैध स्थायी निवास की अनुमति का इंतजार है। ये लोग परिवार प्रायोजित ग्रीन कार्ड पाने के लिए कतार में हैं। इस सूची में मैक्सिको के सबसे ज्यादा 15 लाख लोग हैं। इसके बाद भारत और फिर 1.80 लाख के साथ चीन का नंबर है। ये वे लोग हैं, जिनके परिवार का कोई सदस्य अमेरिकी नागरिक है। अब ये भी वहां बसना चाहते हैं।

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