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बाज नहीं आया पाकिस्तान, विंग कमांडर अभिनंदन का खुलासा- कमरे में बंद कर दी गईं मानसिक यातनाएं

नई दिल्ली 3 मार्च 2019 । विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान ने पाकिस्तान से लौटने के बाद बड़ा खुलासा किया है. अभिनंदन ने बताया है कि पाकिस्तानी सेना ने उन्हें कमरे में बंद करके तरह-तरह की मानसिक यातनाएं दी हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि विंग कमांडर ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान में उन्हें शारीरिक यातना तो नहीं दी लेकिन मानसिक यातना दी है.

पाकिस्तान ने विंग कमांडर अभिनंदन के पिस्टल, मैप और सर्वाइवल किट को भी वापस नहीं किया. पाकिस्तान ने सिर्फ उनकी घड़ी, मोजे और चश्मे ही लौटाए. अभिनंदन जब अटारी-वाघा बॉर्डर से भारत में दाखिल हुए, तो खाली हाथ और सिविल ड्रेस में थे. अभिनंदन के हाथ में न कोई बैग था और न ही कोई अन्य सामान. शुक्रवार देर शाम अभिनंदन अटारी-वाघा सीमा से होते हुए भारत पहुंचे. इसके बाद रात करीब पौने 12 बजे वह वायुसेना के एक विमान से नई दिल्ली पहुंचे. उस समय उनकी दायीं आंख के पास सूजन भी था. फिलहाल एयर फोर्स सेंट्रल मेडिकल एस्टैबलिशमेंट (एएफसीएमई) में अभी उनकी मेडिकल जांच चल रही है.इससे पहले रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने अस्पताल जाकर उनसे मुलाकात की. मुलाकात के दौरान अभिनंदन ने पाकिस्तान की गिरफ्त में करीब 60 घंटे रहने के बारे में रक्षा मंत्री को विस्तार से बताया. रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने विंग कमांडर से मुलाकात के बाद उनसे कहा कि समूचे राष्ट्र को उनके साहस एवं दृढ़ता पर गर्व है.

बता दें कि 27 फरवरी को पाकिस्तान के फाइटर विमान भारतीय वायुसीमा में घुस आए थे, जिसे खदेड़ते हुए अभिनंदन दुर्घटना का शिकार हो गए थे और पैराशूट से LoC पार पाकिस्तान की सरहद में पहुंच गए थे.

अभिनंदन को तोड़ने की पूरी कोशिश की थी पाक सेना ने, चिप लगाने का शक

पाकिस्‍तान से भारत वापसी के बाद भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान सबसे सबसे पहले पालम एयरपोर्ट पर अपने परिवार से मिले. अब अभिनंदन की शारीरिक जांच के अलावा मानसिक स्वास्थ्य का निर्धारण करने के लिए एक मनोवैज्ञानिक द्वारा जांच की जाएगी. साथ ही ये तय किया जाएगा कि पाकिस्‍तान में उनके शरीर में कोई चिप या कोई दूसरी चीज तो नहीं लगा दी गई है.

वहीं, आजतक को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक दो दिन तक पाकिस्तान की कैद में रहने के दौरान पाकिस्तानी सेना और आईएसआई ने कई मौकों पर उन्हें प्रताड़ित करने की कोशिश की.

पाकिस्तानी सेना और आईएसआई के अधिकारी लगातार कोशिश कर रहे थे कि अगर किसी भी मौके पर विंग कमांडर अभिनंदन कमजोर पड़ते हैं या अपनी रिहाई के लिए गिड़गिड़ाते हैं तो उनका सबसे पहले ऐसा एक वीडियो तैयार किया जाए. इसीलिए पाकिस्तानी सेना और आईएसआई ने दो से तीन मौकों पर उनका अलग-अलग तरीके से वीडियो बनाए, लेकिन वे अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए.

अपनी मजबूत इरादों और जीवटता के दम पर अभिनंदन ने वायुसेना या देश से जुड़ा कोई भी राज पाकिस्तान को नहीं बताया. पाकिस्तानी सेना और आईएसआई ने उन्हें उनके परिवार से लेकर हर तरह का दबाव डाला लेकिन अभिनंदन किसी भी मौके पर नहीं झुके.

विंग कमांडर अभिनंदन के भारत लौटते ही सबसे पहले परिवार से मिलने का समय दिया गया. उन्होंने अपनी मां, पिताजी, पत्नी और बेटे को गले लगाया. बता दें कि विंग कमांडर अभिनंदन के परिवार में पिता एअर मार्श एस. वर्तमान, मां शोभा, पत्नी तन्वी और बेटा ताबिश हैं. इस मुलाकात के बाद वायुसेना उन्हें परिवार से दूरकर सेना के आरआर अस्पताल लेकर गई. जहां पर उनकी शारीरिक और मानसिक जांच चल रही है.

शनिवार सुबह अभिनंदन ने इडली के साथ हल्का नाश्ता किया. उसके बाद अस्पताल में उनकी शारीरिक और मानसिक जांच की जा रही है. मिग-21 विमान हादसे का शिकार होने के बाद वे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में पैराशूट के जरिए गिरे और वहां उनके साथ मारपीट की गई. इससे आशंका है कि उन्हें कई तरह की अंदरूनी चोट हो सकती हैं. ऐसे में सेनाओं के वरिष्ठ डॉक्टर उनकी पूरी तरह से शारीरिक और मानसिक जांच कर रहे हैं.

वायुसेना सूत्रों के मुताबिक विंग कमांडर अभिनंदन से डिब्रीफिंग यानी पूछताछ की प्रक्रिया में अभी समय लग सकता है. अभिनंदन के पूरी तरह से मानसिक और शारीरिक तौर पर फिट होने और सामान्य स्थिति में लौटने के बाद ही यह प्रक्रिया शुरू हो पाएगी. बात करने के लिए तैयार होने पर उनसे पाकिस्तानी आर्मी की कैद में रहने के दौरान के बारे में जानकारी ली जाएगी.

डिब्रीफिंग के दौरान सबसे पहले सबसे पहले इस बात की जांच की जाएगी कि कहीं उनके शरीर में पाकिस्तानी एजेंसियों ने कोई बग या चिप तो नहीं लगाई है.

इस डिब्रीफिंग की प्रक्रिया में अभिनंदन भारत की सभी खुफिया एजेंसियां रॉ, आईबी, मिलट्री इंटेलिजेंस, वायुसेना और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के सामने पाकिस्तान की कैद में रहने के अनुभव को भी साझा करेंगे.

पाकिस्तानियों ने अभिनंदन के धोखे में अपने ही पायलट को मार डाला
पाकिस्तान (Pakistan) की भीड़ ने भारतीय पायलट अभिनंदन (Indian pilot ABHINANDAN) के धोखे में अपने ही पायलट शहाजुद्दीन (Pilot Shahabuddin) को मार डाला। आसमान में हुई लड़ाई (Battle in the sky) में अभिनंदन और शहाजुद्दीन दोनों के विमान क्रैश हुए थे और दोनों पैराशूट (Parachute) के जरिए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में कूदे थे। सूत्र कहते हैं कि भारतीय पायलट को मारने के लिए पाकिस्तान आर्मी (Pakistan army) ने भीड़ को उकसाया लेकिन भीड़ पायलट की पहचान करने में चूक गई। उसके हाथ पाकिस्तानी पायलट लगा जिसे भीड़ ने पीट पीटकर मार डाला।

बता दें कि पाकिस्तान के फाइटर जेट एफ-16 (Fighter jet f-16) ने भारतीय सीमा में घुसकर सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की थी परंतु भारत की वायुसेना के गश्ती विमानों ने उन्हे देख लिया और हवा में ही लड़ाई शुरू हो गई। मिग 21 में सवाल भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन ने पाकिस्तानी फाइटर जेट एफ-16 को खदेड़ा जिसे पायलट श्हाजुद्दीन चला रहे थे। इस लड़ाई में दोनों के विमान क्रैश (Plane crashes) हो गए और दोनों पायलट पैराशूट से कूद गए जो पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जाकर गिरा।

पाकिस्तानी सेना को अनुमान ही नहीं था कि भारत की वायुसेना उनके फाइटर जेट एफ-16 को घेरकर गिरा पाएगी। आत्ममुग्ध पाकिस्तान सेना अधिकारियों को जब यह सूचना मिली कि पीओके में 2 विमान गिरे हैं तो उन्होंने यह मान लिया कि दोनों भारतीय हैं। जेनेवा संधि (Geneva Convention) के तहत पाकिस्तान आर्मी भारतीय विंग कमांडर्स को थप्पड़ भी नहीं मार सकती थी इसलिए पाकिस्तान सेना ने भीड़ को भड़काया दिया।

भीड़ ने क्या किया
भीड़ ने दोनों पायलट को घेरा। भारतीय पायलट अभिनंदन ऐसी स्थिति के लिए तैयार थे इसलिए उन्होंने हवाई फायर किए और खुद को एक तालाब में कूदकर बचा लिया लेकिन पाकिस्तानी पायलट शहाजुद्दीन इस हमले के लिए कतई तैयार नहीं थे। भीड़ में शामिल सादा वर्दी वाले सैनिकों ने अपने ही पायलट शहाजुद्दीन को बेरहमी से पीटते हुए मार डाला। उसकी बात भी नहीं सुनी। पता तो तब चला जब भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन को लेकर हंगामा शुरू हुआ परंतु दूसरे पायलट की चर्चा भी नहीं थी।

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