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मध्य प्रदेश में अब बेटियों की संख्या के आधार पर पंचायतों को लाड़ली लक्ष्मी पंचायत का दर्जा दिया जाएगा

भोपाल 15 अक्टूबर 2021 । मध्य प्रदेश की लाड़ली लक्ष्मी योजना में अब उन लड़कियों को भी जोड़ा जाएगा जिनका कोई नहीं है या जिन्हें लोग छोड़ देते हैं। साथ ही पंचायतों को भी लाडली लक्ष्मी पंचायत का दर्जा दिया जाएगा। यह दर्जा देने के लिए पंचायतों में बेटियों के जन्म की संख्या को आधार बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को लाड़ली लक्ष्मी उत्सव में यह ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि मध्यप्रदेश में बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य- सुविधा, स्वावलंबन, समृद्धि और उनका सम्मान ही हमारी प्राथमिकता है। चौहान ने कहा कि यह केवल मामा की नहीं, पूरे समाज की जिम्मेदारी है। बालिकाओं के आर्थिक सशक्तिकरण,उन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण देने, बैंक ऋण पर सरकार की तरफ से गारंटी देने का कार्य किया जाएगा। उच्च शिक्षा के लिए शिक्षण शुल्क की व्यवस्था की जाएगी। कालेज में दाखिला लेने वाली लाड़ली लक्ष्मी बेटियों को 25 हजार रूपये की राशि दी जाएगी। संगीत और चित्रकला जैसे क्षेत्रों में विकास के लिए हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में माता-पिता के बिना,अनाश्रित स्थिति में मिली बेटियों को भी लाड़ली लक्ष्मी मानकर योजना के लाभ दिलवाए जाएंगे। लाड़ली लक्ष्मी दिवस उत्सव के रूप में न सिर्फ राज्य स्तर पर बल्कि जिला,ब्लाक और ग्राम पंचायत स्तर पर मनाया जाएगा। 21500 लाड़़ियों के खाते में पांच करोड़ छात्रवृत्ति
चौहान ने सिंगल क्लिक के माध्यम से ‘लाड़ली लक्ष्मी उत्सव’ के अंतर्गत प्रदेश की 21 हजार 550 लाड़लियों के खातों में 5.99 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति का अंतरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना में ऐसी बेटियां को शामिल किया जा रहा है जिन्हें कहीं कोई छोड़ गया या जिनका कोई नहीं है,उन्हें भी लाड़ली लक्ष्मी माना जाएगा और लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ दिया जाएगा। सरकार ने लाड़ली लक्ष्मी क़ानून बना दिया है, जिसे कोई नहीं बदल पाएगा।

लाड़ली फ्रेंडली पंचायय व ग्राम
चौहान ने कहा कि ग्राम पंचायतों को बेटियों के जन्म की संख्या के आधार पर लाड़ली लक्ष्मी फ्रेंडली ग्राम पंचायत/ग्राम घोषित करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि माता-पिता से आग्रह है कि बेटियों पर क्या बनना है इसका दबाव न डालें। वे जो बनना चाहती हैं वही बनने दें। बेटियां बहुत ऊपर जाएंगी और प्रदेश का और आपका भी नाम रोशन करेंगी। सरकार लाड़ली को जन्म के समय ही जन्म प्रमाण पत्र देने की व्यवस्था बना रही है। उनका शत- प्रतिशत टीकाकरण करकते एनीमिया से मुक्त किया जाएगा। व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि महिला वित्त और विकास निगम व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए ऐसा पोर्टल तैयार करे जिसके आधार पर लाड़ली लक्ष्मियों को उनकी अभिरूचि के अनुसार प्रशिक्षण मिले। जो लाड़ली लक्ष्मी स्नातक उपाधि या व्यावसायिक प्रशिक्षण नहीं लेना चाहती उन्हें कला प्रदर्शन के अनुरूप आवश्यक सहयोग दिया जाएगा। हर सरकारी विद्यालय में डिजिटल और फाइनेन्शियल लिटरेसी का केंद्र स्थापित किया जाएगा। प्रत्येक लाड़ली लक्ष्मी को 18 वर्ष की आयु होने पर ड्राइविंग लर्निंग लाइसेंस के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

लाडलियों के कल्याण के लिए 47 हजार करोड़
चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने लाड़लियों के कल्याण के लिए 47 हजार 200 करोड़ रुपए सुरक्षित रख दिए हैं, जो समय-समय पर इन्हें मिलना है। उन्होंने कहा कि जब वे सीएम बने थे तो काम संभालते ही अफसरों से कहा था कि ऐसी योजना बनाएं कि बेटियां जब पैदा हों तो लखपति पैदा हों। चौहान ने कहा कि बेचारी सिंड्रोम से बाहर आना होगा लड़कियों को
लाडली लक्ष्मी उत्सव में विशेष अतिथि के रुप में उपस्थित मां आनंदमूर्ति गुरु मां ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने लाड़लियों को महत्वपूर्ण सपोर्ट सिस्टम दिया है। मां आनंद मूर्ति ने कहा कि लड़कियों और महिलाओं को बेचारी सिंड्रोम से बाहर आना होगा । चौहान से स्कूली पाठ्यक्रम में मार्शल आर्ट ट्रेनिंग को शामिल करने का आग्रह किया।

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